Nepalce Meal — Nepal Ehl-i Hadîs Merkez Cemiyeti — Maide 5:1 – Enfal 8:75
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Maide 5:1
१) हे ईमानदार मानिसहरू ! आफ्ना वाचाहरूलाई पूरा गर । तिम्रो लागि चार खुट्टे जनावरहरू(घास चर्ने पशुहरू) हलाल (वैध) गरिएका छन् । (तर) ती होइनन् जसको बारेमा तिमीलाई पढेर सुनाइनेछ, परन्तु हजको एहराममा शिकार गर्ने कुरा हलाल नसम्झ्नु । निःसन्देह अल्लाहले जस्तो चाहन्छ, आदेश गर्दछ ।
Maide 5:2
२) हे मोमिनहरू (र्इमानवालाहरू) ! अल्लाहका निशानीहरूको अपमान नगर्नु र नत पवित्र महिनाहरूको र नत कुर्बानीका जनावरहरूको जसका घाँटीहरूमा पट्टि बाँधिएका छन् । र नत तिनीहरूको अपमान गर्नु जो कि अफ्नो पालनहारको अनुग्रह र प्रसन्नताको लागि पवित्र घर बैतुल्लाहतिर गइराखेका छन् र जब एहराम फुकाउँछौ भने इच्छा भएको खण्डमा शिकार गर्न सक्दछौ । र कुनै समूहले तिमीलाई मर्यादित मस्जिदमा जानुबाट रोकेका थिए, त तिनीहरूसंग शत्रुताको कारण तिनीहरूमाथि अन्याय गर्न नथाल र (हेर !) संयम्पूर्ण र भलाईका कामहरूमा एक अर्काको मद्दत गर्ने गर र गुनाह (अपराध) र अत्याचारका कुराहरूमा सहयोग नगर, र अल्लाहसित डर मान्ने गर । निःसन्देह अल्लाह कठोर दण्ड दिनेवाला हो ।
Maide 5:3
३) तिम्रो लागि मृतक जनावर र रगत र सुँगुरको मासु र जुन कुरामा अल्लाह बाहेक अरु कसैको नाम पुकारिएको छ र जुन जनावरलाई घाँटी अठ्याएर मारिन्छ र जुन कुनै चोट लागेबाट मर्छ र जुन कुनै अग्लो ठाउँबाट लडेर मर्छ र जुन कसैको सिंगको प्रहारबाट मर्दछ, यी सबै हराम (वर्जित) छन् र ती जनावरहरू पनि जसलाई कुनै हिंसक पशुले चिथोरेर मारेको हुन्छ तर जसलाई तिमीले (मर्नुभन्दा अगाडि) जब्ह (वैध) गरिहाल्छौ, भने ती जनावरहरू वर्जित हुँदैनन् । र त्यस्ता जनावर पनि हराम छन् जसलाई कुनै स्थानमा (बलि बेदीमा) जब्ह गरिएको हुन्छ र तीर चलाई भाग्यको खेल खेलेर मारिएको मासु पनि त्याज्य छ । यी सबै नराम्रा काम हुन् । आज काफिरहरू तिम्रो धर्मबाट निराश भइसकेका छन्, खबरदार तिनीहरूसित नडर र मसित मात्र डर मान्ने गर । आज हामीले तिम्रो निम्ति तिम्रो धर्मलाई पूर्ण गरिसकेका छौं र तिम्रो लागि आफ्ना कृपाहरू पूरा गरिसकेका छौं र तिम्रो लागि इस्लाम धर्म रोज्यौ, तर यदि कुनै व्यक्ति भोखले बाध्य भएर गुनाहतिर प्रवृत्त नभई खाइहाल्छ भने अल्लाह क्षमादाता र दयालु छ ।
Maide 5:4
४) (तिनीहरू) तपाईसित सोध्छन् कि तिनीहरूका लागि कुन कुन कुराहरू ग्रहण गर्न योग्य छन् । भनिदिनुस् कि सम्पूर्ण पवित्र कुराहरू तिम्रा लागि हलाल छन् । र ती शिकार खेल्न राखिएका पशुहरू पनि जसलाई तिमीले सिकाएर राखेका छौ जुन (तरिकाले) अल्लाहले तिमीलाई (शिकार गर्न) सिकाएको छ, (त्यो तरिकाले) तिमीले सिकाएका छौ भने यदि तिनीहरूले तिम्रो निम्ति शिकार समाति ल्याउँछन् भने त्यसलाई खान सक्छौ र त्यसमाथि अल्लाहको नाम लिने गर । र अल्लाहसित डर मान्ने गर । निःसन्देह अल्लाह छिट्टै हिसाब लिनेवाला छ ।
Maide 5:5
५) आज तिम्रो निम्ति सम्पूर्ण पवित्र कुराहरू हलाल गरिएका छन् र अहले किताब (यहूदि, ईसाई)ले जब्ह गरेको मासु वा खाना पनि तिमीलाई हलाल छ र तिमिले जब्ह गरेको मासु वा भोजन उनीहरूको लागी हलाल छन् । पवित्र मोमिन स्वास्नी मानिसहरू र ती मानिसहरू जसलाई तिमीभन्दा पहिला किताब प्रदान गरिएको थियो, तिनीहरूका पवित्र स्वास्नी मानिसहरू पनि हलाल छिन्, जब कि तिनको महर तिमीले दिन्छौ, यसरी कि तिनीहरूसँग पवित्र सम्बन्ध राख्ने उद्देश्यले विवाह गर्नु होस् नकि खुल्लमखुल्ला वा लुकीछिपी व्यभिचार गर्ने उद्देश्यले । यदि कसैले ईमान त्याग्छ भने त्यसका सबै कर्महरू निरर्थक छन् र आखिरतमा (अन्तिम दिनमा) तिनीहरू नोक्सानी भोग्नेहरूमा हुनेछन् ।
Maide 5:6
६) हे मोमिनहरू ! जब तिमीले नमाज पढ्ने विचार गर्छौ तब मुख र कुइनोसमेत हात धुनु र आफ्नो टाउकोको मसह (पानीले हात भिजाई निधारदेखि पछाडिसम्म स्पर्श) गर र आफ्ना खुट्टा गोली गाँठोदेखि छेपारीसम्म धोऊ र यदि तिमी अपवित्र छौ भने स्नान गर र यदि तिमी विरामी छौ वा यात्रामा छौ वा तिमीहरूमध्ये कोही शौचबाट (दिशाबाट निवृत भएर) आएको छ वा तिमीले स्वास्नीसँग सहवास गरेका छौ र तिमीलाई पानी उपलब्ध छैन भने पवित्र माटोलाई स्पर्श गरी हात र मुखको मसह (स्पर्श) गर । अल्लाहले तिमीलाई अप्ठ्यारोमा पार्न चाहँदैन, बरु त्यो तिमीलाई पवित्र गर्न चाहन्छ र आफ्नो असीम कृपा तिमीलाई प्रदान गर्न चाहन्छ जसबाट तिमी कृतज्ञ भई नै रह ।
Maide 5:7
७) र अल्लाहले तिमीमाथि जुन अनुकम्पा गरेको छ त्यसलाई सम्झी राख र त्यस वाचालाई पनि जुनकि उसले तिमीबाट लिएको थियो, जब तिमीले भनेका थियौ कि हामीले (अल्लाहको आदेश) सुनिहाल्यौं र स्वीकार गर्यौं । र अल्लाहसँग डराइराख किन भने अल्लाह तिम्रा हृदयका गोप्य कुराहरू राम्ररी जान्दछ ।
Maide 5:8
८) हे मोमिनहरू! अल्लाहको निम्ति सत्यमा कायम रहदै, सत्य निष्ठाका साथ साक्षी बन । र कुनै जातिको शत्रुता तिमीलाई न्यायको मार्गबाट विचलित नगरोस्, उनीहरूसित न्याय गर्ने गर, किनभने यही नै संयमको नजीक हुन्छ, र अल्लाह सित डर । विश्वास गर कि अल्लाहलाई तिम्रा सम्पूर्ण क्रयाकलापहरूबारे राम्ररी ज्ञान छ ।
Maide 5:9
९) जुन मानिसहरू ईमान ल्याउँछन् र असल कर्म गर्दछन्, तिनीहरूका लागि मुक्ति र ठूलो पुरस्कार प्रदान गर्ने अल्लाहको वाचा छ ।
Maide 5:10
१०) र जसले ईमान ल्याएनन् र हाम्रा आयतहरूलाई झूठो ठहराउँदछन् । तिनीहरू नर्कीय छन् ।
Maide 5:11
११) मोमिनहरू हो ! अल्लाहले तिमीहरूमाथि जुन अनुकम्पा गरेको छ त्यसको स्मरण गर, जब एउटा समुदायले तिम्रो विरोधमा हात उठाउने प्रयास गरे त अल्लाहले तिनका हातलाई तिम्रो समीप पुग्नुबाट रोकिदियो र अल्लाहसित डराऊ, र मोमिनहरूलाई अल्लाहमाथि मात्र भरोसा राख्नु पर्दछ ।
Maide 5:12
१२) र अल्लाहले बनी इस्राईलबाट वाचा लियो र तिनीहरूमध्येबाट हामीले बाह्र जना प्रमुखहरूको नियुक्ति गर्यौं, अनि अल्लाहले भन्यो कि म अवश्य तिम्रो साथमा छु । यदि तिमीले नमाज पढ्दै गर्यौ र जकात (दान) दिंदै गर्यौ र मेरा पैगम्बरहरूलाई मान्दै गर्यौ र तिनीहरूको मद्दत गर्दै गर्यौ र अल्लाहलाई (कर्जे हसना) राम्रो ऋण दिने गर्यौ भने तिमीबाट निःसन्देह तिम्रा त्रुटिहरू अलग राखिदिनेछु र तिमीलाई त्यस्तो स्वर्गमा (बगैंचा) प्रवेश दिने छु, जसको तल नहरहरू बगिराखेका छन् । तर, यस वाचा र कबोलपछि तिमीहरूमध्ये कोही अवज्ञाकारी बन्दछ भने ऊ पक्कै सत्य मार्गबाट विचलित भई टाढा पुग्ने छ ।
Maide 5:13
१३) फेरि तिनीहरूले वचन तोडिदिएको हुनाले हामीले तिनीहरूलाई तिरस्कृत गर्यौ, र तिनीहरूका हृदयलाई कठोर बनाइदियौं । किनभने यिनीहरूले शब्दहरूलाई (वह्यगरिएका वाणीलाई) तिनका ठाउँबाट बदलिहाल्दछन् र जुन कुराको तिनीहरूलाई निर्देश दिइएको थियो, त्यसको ठूलो भागलाई बिर्सिसकेका छन्, र केही मानिसहरू बाहेक सधै तिनीहरूको एउटा नएउटा छलकपटको कुरा तिमीहरूलाई जानकारी दिई राखिने छौं । तसर्थ तिनीहरूलाई क्षमा गरिदेऊ र तिनीको कुराको वास्ता नगर, किनकि अल्लाहले भलाई गर्नेहरूलाई मायाँ गर्दछ ।
Maide 5:14
१४) र जुन मानिसहरूले आफूलाई ईसाई भन्दछन् हामीले तिनीहरूबाट पनि वाचा लिएका थियौं तर तिनीहरूले पनि त्यसको ठूलो भाग बिर्सिहाले, अनि हामीले पनि तिनीहरूको बीचमा कियामतको दिनसम्म शत्रुता र घृणा जागृत गराइहाल्यौ र शीघ्र नै अल्लाहले तिनीहरूलाई तिनको कर्मको जानकारी दिनेछ ।
Maide 5:15
१५) हे अहले किताब ! तिम्रो नजीकमा निश्चय नै हाम्रो पैगम्बर आइसकेको छ । जसले कि तिमीलाई किताबको धेरै यस्ता कुराहरू स्पष्ट गर्दैछ जुन तिमीले लुकाउँदथ्यौ र तिम्रा धेरै त्रुटिहरूलाई क्षमा गर्दैछ । निःसन्देह तिम्रो नजिकमा अल्लाहबाट प्रकाश र स्पष्ट किताब (कुरआन) आइसकेको छ ।
Maide 5:16
१६) जसको माध्यमबाट अल्लाहले त्यस्ताहरूलाई शान्तिमार्ग देखाउँछ जसले कि उसको प्रसन्नता प्राप्त गर्न चाहन्छन् र आफ्नो दैवानुग्रहद्वारा अँध्यारोबाट निकालि, उज्यालोतिर लैजान्छ र तिनीहरूलाई सोझो बाटोमा मार्गदर्शन गर्दछ ।
Maide 5:17
१७) जति मानिसहरूले यो भन्दछन् कि अल्लाह नै ईसा बिन मरियम हुन् । तिनीहरू निःसन्देह काफिर हुन् । तपाईले भनिदिनुस् कि यदि अल्लाह, ईसा बिन मरियम र उनको आमा र पृथ्वीका सबै मानिसहरूलाई नष्ट गर्न चाहन्छ भने, उसको अगाडि कसको के लाग्न सक्छ ? र आकाश धरती र जे जति दुवैको बीचमा छन्, सबै अल्लाहकै हुन् । उसले जे चाहन्छ सृष्टि गर्दछ र अल्लाह प्रत्येक कुरामाथि शक्ति सम्पन्न छ ।
Maide 5:18
१८) यहूदी र ईसाई भन्दछन् कि हामी अल्लाहका छोराहरू र उसका प्रिय हौं । तपाई भनिदिनुस् कि त्यसो भए त्यसले तिमीहरूलाई तिमीहरूको अपराधको लागि सजाय किन दिन्छ ? (त्यो होइन), बरु तिमीहरू पनि अन्य सृष्टि गरिएका मनिसहरू जस्तै हौ । उसैले जसलाई चाहन्छ क्षमा प्रदान गर्छ र जसलाई चाहन्छ सजाय दिन्छ । आकाशहरू र पृथ्वी र जे जति तिनको बीचमा छन्, सबै अल्लाह कै सम्पत्ति हुन् र (सबैलाई) उसैछेउ फर्केर जानु छ ।
Maide 5:19
१९) हे अहले किताब ! पैगम्बरहरूको आउने क्रम जुनकि केही समयसम्म बन्द थियो, अब तिम्रा छेउ हाम्रो पैगम्बर आइसकेका छन्, जसले कि तिमीसित (हाम्रा आदेशहरू) स्पष्ट गरी वर्णन गर्दछन् ताकि तिमीले यो न भन्नसक कि हामी छेउ कोही राम्रो, नराम्रो सुनाउने आउँदै आएन, हेर अब तिम्रा छेउ सुसमाचार सुनाउने र सावधान गराउने आइसकेको छ र अल्लाह प्रत्येक कुरामाथि शक्ति सम्पन्न छ ।
Maide 5:20
२०) र यादगर जब मूसाले आफ्नो कौमलाई भने, हे मेरो कौमका मानिसहरू! अल्लाहले तिमीमाथि गरेको कृपाको स्मरण गर कि उसले तिमीहरूमध्येबाट पैगम्बर बनायो र तिमीलाई राजा बनायो र तिमीलाई त्यति प्रदान गर्यो जति संसारका अरु कसैलाई प्रदान गरेन ।
Maide 5:21
२१) हे मेरा कौमका मानिसहरू ! तिमीहरू यस पवित्र भूभागमा (फलस्तीनको बैतुल मुकद्दसमा) प्रवेश गर जुन अल्लाहले तिम्रो निम्ति निर्धारित गरेको छ । र हेर संघर्षको समयमा पछाडि नहट्नु अन्यथा ठूलो नोक्सानीमा पर्नेछौ ।
Maide 5:22
२२) तिनीहरूले भन्न थाले कि हे मूसा ! त्यहाँ त साह्रै बलिया र सामर्थवान मानिसहरू बस्दछन् र जबसम्म तिनीहरू त्यहाँबाट निस्केर जाँदैनन् तबसम्म हामी त त्यहाँ जान सक्तैनौ, तर हो, यदि तिनीहरू त्यहाँबाट निस्किहाल्छन् भने हामी प्रवेश गरिहाल्छौं ।
Maide 5:23
२३) दुईजनाले जो अल्लाहसित डर मान्नेमध्येबाट थिए, जसमाथि अल्लाहको कृपा थियो, भने कि तिमीहरू मूल ढोकाबाट प्रवेश गर (आक्रमण गरिहाल) र प्रवेश गर्नु साथ विजय तिम्रो नै हुनेछ । र साँच्चिकै ईमान भएका हौ भने अल्लाहमाथि भरोसा गर्नेगर ।
Maide 5:24
२४) तिनीहरूले (समुदायका व्यक्तिहरूले) भने, हे मूसा ! जबसम्म तिनीहरू त्यहाँ छन्, हामी कहिल्यै त्यहाँ जान सक्तैनौं, त्यसकारण तिमी र तिम्रो अल्लाह दुवै गएर लडाई गर, हामी यहाँ बसिरहने छौं ।
Maide 5:25
२५) मूसाले अल्लाहसँग विन्ति गरे कि हे परवरदिगार ! मलाई आफूमाथि र मेरा साक्खै भाइ बाहेक अन्य कसैमाथि कुनै अधिकार छैन, तसर्थ तिमीले हामीलाई यी अवज्ञाकारीहरूबाट अलग गरिदेऊ ।
Maide 5:26
२६) आदेश भयो कि अब तिनीहरूको निम्ति चालीस वर्षसम्मको लागि पृथ्वी हराम गरिएको छ, यिनीहरू जंगल क्षेत्रमा यता–उता हिंडिराख्ने छन्, तसर्थ ती अवज्ञाकारीहरूको लागि तिमी चिन्तित नहोऊ ।
Maide 5:27
२७) (हे मुहम्मद !) तिनीहरूलाई आदमका दुईटा छोरा (हाबील र काबील) का कुराहरूलार्इ पनि सत्यताको साथ सुनाइदिनु कि जब ती दुवैले (अल्लाहलाई) केही भेंट अर्पित गरे, तब एउटाको भेंटी स्वीकार भयो र अर्कोको स्वीकार भएन । उसले (काबीलले) भन्न थाल्यो कि मैले तिमीलाई हत्या गर्नेछु । (हाबीलले) भन्यो कि अल्लाहले आत्मसंयमीहरूको कर्म स्वीकार गर्नेगर्दछ ।
Maide 5:28
२८) यदि तिमीले मलाई मार्न हात उठाउँछौ भने म तिमीलाई मार्न हात उठाउन्न, मलाई त अल्लाह, सम्पर्ण ब्रह्माण्डको स्वामीबाट डर लाग्छ ।
Maide 5:29
२९) म त चाहन्छु कि तिमीले मेरो पाप र आफ्नो पाप आफ्नै टाउकोमा राख जसलेगर्दा तिमी नारकीयहरूमध्ये होऊ र अत्याचारीहरूको लागि यही नै दण्ड हो ।
Maide 5:30
३०) यसरी उसको मनले उसलाई आफ्नो भाइको हत्या गर्न उत्तेजित गर्यो अनि उसले त्यसको हत्या गरिहाल्यो र जसबाट आफू हानि भोग्नेहरूमा परिहाल्यो ।
Maide 5:31
३१) त्यसपछि अल्लाहले एउटा काग पठायो, जसले कि माटो यसकारण खनिरहेको थियो कि त्यसलाई देखाओस् कि उसले आफ्नो भाइको मृतक शरीर कसरी लुकाओस् । उसले भन्न थाल्यो कि ज्यादै दुःखको कुरो छ कि मबाट यति पनि हुन सकेन कि म यस काग जस्तो आफ्नो भाइको शव लुकाउन सकूँ । अनि उसलाई पछुतो भयो र ऊ लज्जितहरूमध्येको भयो ।
Maide 5:32
३२) यस कारणले हामीले इस्राईलका मानिसहरूका लागि यो आदेश गर्यौं कि यदि कुनै मानिसले कुनै मानिसको हत्या गर्दछ कसैको हत्या गरेको वा देशमा उपद्रव फैलाउने बाहेकको अवस्थामा, भने त्यसले अन्य समस्त मानिसहरूको हत्या गरे सरह हुनेछ, र यदि कसैले एउटाको जीवन (ज्यान) बचायो भने सम्पूर्ण मानिसहरूको जीवन बचाए सरह हुन्छ । र तिनीहरूकहाँ हाम्रा धेरै पैगम्बरहरू स्पष्ट तर्कहरूलिएर पुगिसकेका छन् । अनि यसपछि पनि तिनीहरूमध्ये धेरैले मुलुकमा बलजफ्ती र ज्यादती गर्ने गर्दछन् ।
Maide 5:33
३३) जुन मानिसहरू अल्लाह र उसको रसूलको विरोधमा युद्ध गर्दछन् र देशमा उपद्रव फैलाउँदै हिंड्दछन्, त्यस्ताको सजाय तिनीहरूको हत्या गर्नु वा फाँसी दिइनु वा एक तिरको हात र खुट्टा काटिनु वा मुलुकबाट निष्कासित (देश निकाला) गर्नु हो । यो त यस संसारमा उनको अपमानजनक (सजाय) हो र आखिरत (अन्तिम दिन) को दिनमा तिनीहरूका लागि ठूलो सजाय तयार छ ।
Maide 5:34
३४) (तर हो) जसले तिम्रो कब्जामा आउनुभन्दा अगाडि नै प्रायश्चित गरिहाले, त यादराख कि अल्लाह ठूलो क्षमादाता र दयावान छ ।
Maide 5:35
३५) मुस्लिमहरू हो ! अल्लाहसित डर मान्ने गर र उसको सामीप्य प्राप्त गर्ने उपायको खोजी गर र उसको बाटोमा जिहाद (धर्मयुद्ध) गर जसबाट तिम्रो भलो हुन सकोस् ।
Maide 5:36
३६) विश्वास गर कि काफिरहरूका लागि यदि तिनीहरूसँग पृथ्वीमा भएको सम्पूर्ण धन–सम्पत्ति बरु त्यसभन्दा पनि बढी किन नहोस् र त्यसलाई कियामतको दिन सजायबाट मुक्त हुनुको लागि सौगात स्वरूप दिन चाहन्छन् भने पनि त्यो स्वीकार्य हुने छैन र तिनलाई कष्टदायक सजाय हुनेछ ।
Maide 5:37
३७) तिनले इच्छा राख्नेछन् कि नर्कको आगोबाट उम्किहालुन् तर त्यसबाट यिनीहरू कदापि बाहिर निस्कन सक्तैनन् र तिनीहरूका निम्ति निरन्तर सजाय छ ।
Maide 5:38
३८) र जसले चोरी गर्दछ, चाहे त्यो पुरुष होस् अथवा स्त्री, तिनीहरूको हात काटिहाल । यो तिनीहरूको कर्मको सजाय र अल्लाहबाट एउटा पाठ हो, र अल्लाह सर्वशक्तिमान र तत्वदर्शी छ ।
Maide 5:39
३९) जसले पाप गरेपछि तौबा (प्रायश्चित) गर्दछ र आफ्नो सुधार गरिदिन्छ भने अल्लाहले उसको तौबा स्वीकार गर्नेछ, निःसन्देह अल्लाह क्षमादाता दयावान छ ।
Maide 5:40
४०) के तिमीलाई थाहा छैन कि आकाशहरू र पृथ्वीमा अल्लाहकै राज्य छ ? जसलाई चाहन्छ दण्डित गर्दछ र जसलाई चाहन्छ क्षमा गर्दछ । र अल्लाह प्रत्येक कुरामाथि शक्ति सम्पन्न छ ।
Maide 5:41
४१) हे पैगम्बर ! जुन मानिसहरू आपसमा अवज्ञाकारितामा प्रतिस्पर्धा गर्ने गर्दछन् तिनीहरूको पछाडि नपर्नुस्, तिनीहरूमध्ये केही यस्ता छन् जो मुखले भन्दछन् कि हामी मोमिन हौं तर तिनको आत्माले ईमान ल्याएको हुँदैन र यहूदीहरूमध्ये केही यस्ता छन् जो गलत कुरा सुन्न अभ्यस्त छन् र तिनीहरूको जासूसी गर्दै हिंड्दछन् जुन अहिलेसम्म तपाईंकहाँ आएका छैनन् । तिनीहरूले शब्दहरू सही ठाउँबाट झिकी परिवर्तित गर्दछन् र भन्दछन् कि यदि तिमीलाई यही आदेश प्राप्त हुन्छ भने त्यसलाई स्वीकार गरिहाल्नु र यदि यो आदेश हुँदैन भने अलग्गै रहनु र यदि कसैलाई अल्लाहले बाटोबाट विचलित गर्न चाहन्छ भने त्यसको निम्ति तपाईंलाई अल्लाहबाट अलिकति पनि अधिकार छैन । यिनी त्यस्ता मानिसहरू हुन् जसका हृदयलाई अल्लाहले पवित्र गर्न चाहेन । तिनीहरूको निम्ति संसारमा पनि ठूलो तिरस्कार छ र आखिरत (परलोक)मा पनि ठूलो सजाय छ ।
Maide 5:42
४२) यिनी कान थापेर झूठ सुन्नेहरू हुन् र पेट भरी हराम (वर्जित) कुरा खानेहरू हुन् । यदि यिनीहरू तिमीकहाँ आउँछन् भने तिमीले त्यसको फैसला गरिदिनु वा इन्कार गरिदिनु र यदि तिमीले इन्कार गर्दछौ भने तिनीहरूले तिम्रो केही बिगार्न सक्ने छैनन् । र यदि फैसला गर्न चाहन्छौ भने इन्साफका साथ न्याय गर्नु किनकि अल्लाहले निसाफ गर्नेहरूलाई माया गर्दछ ।
Maide 5:43
४३) (आश्चर्यको कुरा छ कि) यिनीहरू तिमीबाट कसरी फैसला गराउने छन् जबकि स्वयं यिनीहरूसँग तौरात छँदैछ जसमा कि अल्लाहको आदेश छ, फेरि पनि त्यसलाई इन्कार गर्दछन् । वास्तवमा यिनीहरूमा आस्था र ईमान नै छैन ।
Maide 5:44
४४) हामीले नै तौरात अवतरित गर्यौं जसमा मार्गदर्शन र प्रकाश थियो, त्यसै अनुसार नबी र ज्ञानीहरूले जो (अल्लाहका) आज्ञाकारी थिए, यहूदीमा यसै तौरात अनुसार फैसला गर्दथे । किनभने तिनीहरूलाई अल्लाहको किताबको रक्षा गर्ने आदेश थियो, र तिनीहरू यसको गवाह पनि थिए, तसर्थ तिमी मानिसहरूसित नडराउनु र मसँग डर मान्नु र मेरो आयतहरूलाई अलिकति (थोरै) मूल्यमा नबेच्नु । जसले अल्लाहले प्रदान गरेको आदेशहरू बमोजिम फैसला गर्दैनन् तिनीहरू नै काफिर हुन् ।
Maide 5:45
४५) र हामीले तिनीहरूका लागि तौरातमा यो आदेश लेखिदिएका थियौं कि ज्यानको बदला ज्यान र आँखाको बदला आाँखा र नाकको बदला नाक र कानको बदला कान र दाँतको बदला दाँत र खास–खास घाउहरूको यस्तै किसिमबाट बदला हुनेछ, तर जुन मानिसले बदला (प्रतिशोध) नलिई माफ गरिदिन्छ भने त्यो उसको लागि कफ्फारह (प्रायश्चित) हुनेछ । र जसले अल्लाहले प्रदान गरेका आदेशहरू बमोजिम निर्णय गर्दैनन् त्यस्ता मानिसहरू नै अत्याचारी हुन् ।
Maide 5:46
४६) र हामीले यिनीहरू(यहूदीहरू) पछि ईसा बिन मरियमलाई पठायौं, जसले कि आफूभन्दा अगाडिको किताब तौरातलाई प्रमाणित गर्दथे र हामीले उनलाई इंजील प्रदान गर्यौं जसमा कि मार्गदर्शन र प्रकाश थियो र त्यसले पहिलाको किताब तौरातलाई प्रमाणित गर्दथ्यो र परहेजगारहरूका लागि त्यो मार्गदर्शन एवं उपदेश थियो ।
Maide 5:47
४७) र अहले इंजीललाई (ईसाईलाई) पनि आवश्यक छ कि जो आदेश अल्लाहले इन्जीलमा जारी गरेको छ त्यसै बमोजिम निर्णयहरू गरुन् र जसले अल्लाहबाट उतारिएको आदेश अनुसार फैसला गर्दैनन्, तिनीहरू नै अवज्ञाकारी हुन् ।
Maide 5:48
४८) र (हे पैगम्बर !) हामीले तपार्इंलाई सत्यताको साथ यो किताब (कुरआन) प्रदान गरेका छौं, जुन आफूभन्दा अगाडिका ग्रन्थहरूलाई प्रमाणित गर्दछ र ती सबैको रक्षक हो । तसर्थ यसमा जुन आदेश अल्लाहले दिएको छ, सोही अनुसार नै तिनलाई आदेश गर्नुस् र यस सत्यलाई त्यागेर उनीहरूको इच्छाको पूर्ति नगर्नु । हामीले तिमीहरूमध्येबाट प्रत्येक समुदायका एउटा विधान र एउटा तरिका (पद्धति) निर्धारित गरेका छौं र यदि अल्लाहले चाहेको भए तिमी सबैलाई एउटै समुदायमा राखिदिन्थ्यो, तर जुन आदेशहरू उसले तिमीलाई दिएको छ त्यसमा उसले तिम्रो परीक्षा गर्न चाहन्छ, तसर्थ तिमी असल कर्म गर्न छिटो गर । तिमी सबैलाई उसैकहाँ फर्किजानु पर्नेछ, तसर्थ जुन कुरामा तिमीहरू विवाद गर्ने गर्दछौ उसले तिमीलाई बताइदिनेछ ।
Maide 5:49
४९) तपाईंले यिनीहरूको व्यवहारमा अल्लाहले गरेको आदेश अनुसार फैसला गर्ने गर्नुस् र तिनीहरूको चाहनाको पछाडि नजाऊ र तिनीहरूबाट सावधान रहनु कि कतै यिनीहरूले जुन आदेश अल्लाहले दिएको छ, त्यसमध्ये केहीबाट तपाईंलाई विचलित न गराइहालुन् । यदि तिनीहरूले मान्दैनन् भने जानिराख कि अल्लाह चाहन्छ कि तिनीहरूका केही गुनाह (पाप) को कारणले उनीहरूलाई दण्डित गरोस् । र, धेरै जसो मानिसहरू अटेरी गर्दछन् ।
Maide 5:50
५०) के यिनीहरू फेरि अज्ञानताको युगका निर्णयहरू चाहन्छन् ?! ईमान ल्याएकाहरूका निम्ति अल्लाह बाहेक अरु कसको फैसला र आदेश राम्रो हुनसक्दछ ?
Maide 5:51
५१) हे ईमान ल्याएका मानिसहरू! यहूद र नसाराहरूलाई तिमी मित्र नबनाऊ । यिनीहरू त आपसमै एक अर्काको मित्र हुन् । तिमीहरूमध्ये जसले तिनीहरूलाई मित्र बनाउँछ ऊ निःसन्देह तिनीहरूमध्ये कै हुनेछ । निःसन्देह अल्लाह अत्याचारीहरूलाई असल बाटो देखाउँदैन ।
Maide 5:52
५२) तपाईंले हेर्नुहुनेछ कि जुन मानिसहरूको हृदयमा (कपट) अर्थात रोग छ, तिनीहरूले उनीहरूको माँझमा दौडी दौडी जान्छन् र भन्दछन् कि हामीलाई खतरा छ यस्तो नहोस् कि हामीमाथि कुनै आपत्ति आइलागोस् । धेरै सम्भव छ कि अल्लाहले छिट्टै विजय प्रदान गरोस् वा आफूबाट कुनै निर्णय देओस् । अनि त्यसपछि यिनीहरूले आफ्ना हृदयमा लुकाएर राखेका कुरामा लज्जित हुन थाल्ने छन् ।
Maide 5:53
५३) (त्यति बेला) ईमानवालाहरूले भन्ने छन् कि के यी तिनै हुन् जसले कि अल्लाहको शपथ लिदै भन्ने गर्दथे कि हामी तिम्रो साथमा छौं । तिनीहरूका कर्महरू खेर जाने छन् र तिनीहरू घाटामा पर्नेछन् ।
Maide 5:54
५४) हे ईमान ल्याएका मानिसहरू ! यदि तिमीहरूमध्ये कोही आफ्नो धर्मबाट विमुख भइहाल्छ भने अल्लाहले यस्ता मानिसहरूको सृष्टि गर्नेछ जसलाई उसले मायाँ गर्दछ र तिनीहरूले पनि अल्लाहलाई मायाँ गर्नेछन् । तिनीहरू मोमिनहरूसँग नर्मीको व्यवहार गर्नेछन् र काफिरहरूसित कठोरताको । अल्लाहको मार्गमा जिहाद (धर्मयुद्ध) गर्नेछन् र कुनै तिरस्कृत मानिसको तिरस्कारको वास्ता पनि गर्ने छैनन् । यो अल्लाहको वरदान हो उसले जसलाई चाहन्छ प्रदान गर्दछ । अल्लाह सर्वव्यापक र सर्वज्ञाता हो ।
Maide 5:55
५५) (मुस्लिमहरू !) तिम्रा मित्र त अल्लाह स्वयम् र उसका पैगम्बर र मोमिनहरू नै हुन् जसले नमाज पढ्दछन् र जकात (धर्मदाय) दिन्छन् र (अल्लाहको अगाडि) नतमस्तक हुन्छन् ।
Maide 5:56
५६) र जुन मानिसले अल्लाह र उसको पैगम्बर र मोमिनहरूलाई मित्र बनाउँछ उसले विश्वास गरोस् कि अल्लाहकै समूह विजयी हुनेछ ।
Maide 5:57
५७) हे ईमानवालाहरू ! अहले किताब र अनास्थावानहरूमध्ये त्यस्ता मानिसहरूलाई आफ्नो मित्र नबनाऊ जसले तिम्रो धर्म (आस्था) लाई हाँसो–खेलको कुरा ठानिराखेका छन् । यदि तिमी मोमिन हौ भने अल्लाहसित डर मान्नेगर ।
Maide 5:58
५८) र जब तिमीहरूले नमाजका निम्ति अजान (आह्वान) दिन्छौ, त यिनीहरूले त्यसको पनि हाँसो–ठट्टा गर्दछन् । यो यस कारणले हो कि यिनीहरू बुद्धिहीन छन् ।
Maide 5:59
५९) तपार्इंले भनिदिनुस् कि हे यहूदी र ईसाईहरू ! के तिमीहरूले हामीसित यसकारण शत्रुता गरिरहेका छौ कि हामीले अल्लाहमाथि र जुन (किताब) हामीलाई प्रदान गरिएको छ र जुन (किताब) अघि प्रदान गरियो, त्यसमाथि आस्था राख्दछौं ? र यस कारण कि तिमीहरूमध्ये धेरै जसो उद्दण्ड र उल्लंघनकारी छन् ।
Maide 5:60
६०) भन्नुस् कि के म तिमीलाई बताउँ कि अल्लाहकहाँ यिनीहरूभन्दा पनि नराम्रो सजाय पाउने को हुन् ? ती जसलाई अल्लाहले तिरस्कृत गर्यो र जसमाथि क्रोधित भयो र तिनीहरूमध्ये जसलाई बाँदर र सुँगुर बनाइहाल्यो र जसले शैतानको पूजा गरे । त्यस्ताहरूको लागि एकदमै नराम्रो ठाउँ हुनेछ र यिनीहरूनै सही बाटोबाट धेरै विचलित हुनेहरू हुन् ।
Maide 5:61
६१) र जब तिनीहरू तिम्रो छेउमा आउँछन् त भन्दछन् कि हामीले ईमान ल्यायौं तर वास्तवमा नास्तिकताका (कुफ्रका) साथ आउँछन् र त्यही नै लिएर फर्कन्छन्, तर तिनीहरूले जुन कुरा लुकाउँछन् त्यो सबै अल्लाहलाई राम्ररी थाहा छ ।
Maide 5:62
६२) तपाईंले देख्नुहुनेछ कि तिनीहरूमध्ये धेरैले पाप र अन्यायतिर र त्याज्य कुरा (हराम) खानुमा हतार गरिराखेका छन् । निःसन्देह यिनीहरूले जे गरिरहेछन् त्यो अत्यन्त नराम्रो काम हो ।
Maide 5:63
६३) तिनीहरूका सन्तहरू र धर्मगुरुहरूले तिनीहरूलाई झूठ कुरा गर्न र हराम खानाबाट किन मनाही गरिराखेका छैनन् ? तिनीहरूले जे गरिराखेका छन् त्यो निःसन्देह नराम्रो काम हो ।
Maide 5:64
६४) र यहूदीहरूले भने कि अल्लाहका हात बाँधिएको छ, (तर वास्तवमा) तिनीहरूकै हात बाँधिएको छ । र यस भनाईको कारण तिनीहरू तिरस्कृत भए बरु अल्लाहका दुवै हात खुल्ला छन् । जुन किसिमबाट र जति चाहन्छ खर्च गर्दछ । र (हे मुहम्मद !) यो (कुरआन) जुन तिम्रो पालनकर्ताबाट तिम्रो लागि उतारिन्छ, यसको सन्दर्भमा तिनीहरूमध्ये धेरैको हठपूर्ण विद्रोह र इन्कारमा बृद्धि हुनेछ र हामीले तिनीहरूको आपसी शत्रुता र छलकपट कियामतको दिनसम्मको लागि राखिदिएका छौं । यिनीहरूले जब युद्धको ज्वाला दन्काउँछन्, तब अल्लाहले त्यसलाई निभाइदिन्छ यिनीहरूले धरतीमा उपद्रव र झगडा गर्न दगुरी रहन्छन् र अल्लाह उपद्रवीहरूलाई प्रेम गर्दैन ।
Maide 5:65
६५) र यदि यी अहले किताब ईमान ल्याएको र आत्मसंयम अपनाएको भए हामीले तिनका सबै पापहरूलाई क्षमा गरिदिन्थ्यौं । र तिनीहरूलाई अवश्य आराम गरिने स्वर्गमा लान्थ्यौं ।
Maide 5:66
६६) र यदि तिनीहरू तौरात र इन्जीललाई र जुन (किताबहरू) तिनका पालनकर्ताबाट तिनलाई प्रदान गरिएको छ त्यसप्रति प्रतिवद्ध भएको भए तिनीहरूले आफ्नो माथिबाट र तलबाट पनि खाद्य सामग्रीहरू पाउने थिए, यिनीहरूमध्ये एउटा समूहले मध्यमार्ग अपनाउनेवाला छ र धेरै जसोका कर्महरू नराम्रा छन् ।
Maide 5:67
६७) हे पैगम्बर ! जुन सन्देश अल्लाहबाट तपाईंलाई प्रदान गरिएको छ, त्यसलाई सबै मानिसहरूसम्म पुर्याइदिनुस् यदि यस्तो नगरेमा आफ्नो रसूलको कर्तव्य पालनबाट च्यूत हुनुहुने छ र अल्लाहले मानिसहरूबाट तपार्इंको रक्षा गर्नेछ । निःसन्देह अल्लाह आस्था नराख्नेहरूलाई मार्गदर्शन गर्दैनन् ।
Maide 5:68
६८) तपार्इं भनिदिनुस् कि हे अहले किताब ! जबसम्म तिमी तौरात र इंजीललाई र जुन (किताबहरू) तिम्रो पालनकर्ताबाट तिमीहरूलाई प्रदान गरियो, ती सबैलाई कायम राख्दैनौ, तबसम्म अलिकति पनि सत्य बाटोमा रहन सक्दैनौ र (यो कुरआन) जुन तिम्रो पालनकर्ताबाट तिमीलाई प्रदान गरिएको छ, यसबाट तिनीहरूमध्ये धेरैको हठधर्मीं र नास्तिकतामा झन् वृद्धि हुनेछ र तपाईं अनास्थावानहरूका लागि दुःखी नहुनुस् ।
Maide 5:69
६९) जो कोहि अल्लाह र आखिरतको दिनमा विश्वास गर्दछन् र असल कर्म गर्दछन् तिनीहरू चाहे मुसलमान हुन् वा यहूदी वा पारसी वा ईसाई, तिनलाई (कयामतको दिन) न त कुनै भय–त्रास हुनेछ न त तिनीहरू दुःखी नै हुनेछन् ।
Maide 5:70
७०) हामीले निश्चयरूपले बनी इस्राईलबाट वाचा लिऔं र तिनीहरूतर्फ पैगम्बरहरू पनि पठायौं (तर) जब कुनै पैगम्बर उनीहरूसम्म यस्तो कुरा (अल्लाहको आदेश) लिएर आउँदथ्यो जुन उनी मनले रुचाउँन्नथे त उनीहरूले (पैगम्बरहरूको) एक समूहलाई झूठा भनिहाले र अर्को समूहलाई हत्या गरिदिए ।
Maide 5:71
७१) र यो ठाने कि कुनै जवाफदेही हुने छैन । तसर्थ तिनीहरू अन्धा र बहिरा भइहाले । अनि अल्लाहले तिनीहरूको तौबा स्वीकार गर्यो, (तर) फेरि पनि तिनीहरूमध्ये धेरै जसो अन्धा र बहिरा भइहाले । र अल्लाहले तिनीहरूका सम्पूर्ण क्रियाकलापहरूलाई हेरिराखेको छ ।
Maide 5:72
७२) तिनीहरू निःसन्देह काफिर हुन् जसले भन्दछन् कि मरियमका छोरा ईसा मसीह अल्लाह हुन् जबकि मसीहले यो भन्दै गर्दथे कि हे बनी इस्राईल ! अल्लाहकै उपसाना गर जो कि मेरो पनि पालनकर्ता हो र तिम्रो पनि । जानिराख कि जसले अल्लाहको साथमा साझेदार ठहराउँछ, अल्लाहले उसको लागि स्वर्गमा प्रवेश हराम (निषेध) गरिदिएको छ र उसको बासस्थान नर्क हुनेछ । र पापीहरूको कोही पनि सहयोगी हुनेछैन ।
Maide 5:73
७३) निःसन्देह ती मानिसहरू पनि काफिर हुन् जसले भन्दछन् कि अल्लाह तीनमध्येको एक हो, जब कि वास्तवमा अल्लाह बाहेक अरु कोही उपासना योग्य छैन । यदि यी मानिसहरू यस्ता भनाई अथवा विश्वास परित्याग गर्दैनन् भने तिनीहरूमध्ये जो अवज्ञाकारी हुने छन् तिनीहरूलाई कष्टदायक सजाय अवश्य हुनेछ ।
Maide 5:74
७४) (तसर्थ) यिनीहरूले अल्लाह अगाडि किन नतमस्तक हुँदैनन् र किन आफ्ना त्रुटिहरूका लागि क्षमा माँग्दैनन् । अल्लाह त ठूलो क्षमा प्रदान गर्नेवाला कृपालु छ ।
Maide 5:75
७५) मसीह बिन मरियम त मात्र पैगम्बर (दूत) हुन् अरु केही होइनन् । उनीभन्दा अगाडि पनि धेरै पैगम्बरहरू गुज्रिसकेका छन् र उनकी आमा अल्लाहकी सत्यनिष्ठ आज्ञाकारी नारी थिइन्, दुवै खाना खान्थे । हेर, हामीले यिनीहरूका लागि तर्कहरू कसरी राख्दछौं । फेरि विचार गर्नुस् कि यिनीहरू कसरी त्यसलाई इन्कार गर्दछन् ।
Maide 5:76
७६) भनिदिनुस् कि तिमीहरू अल्लाह बाहेक त्यस्ता कुराको पूजा गर्दछौ जोसँग तिमीलाई नाफा र नोक्सानी पुर्याउने कुनै अधिकारै छैन र अल्लाह नै (सबै कुरा) सुन्दछ र जान्दछ ।
Maide 5:77
७७) भनिदिनुस् कि हे अहले किताब ! आफ्नो धर्मको बारेमा अनाहक थपघट गर्ने नगर र यस्ता मानिसहरूको इच्छापूर्ति पछि नलाग जो स्वयम् पनि अघि नै मार्गविचलित भए र अरु धेरैलाई पनि पथ विचलित गरिसकेका छन् । र सही बाटोलाई छोडिसकेका छन् ।
Maide 5:78
७८) बनी इस्राईलमध्येबाट जुन मानिसहरू काफिर भइहाले, तिनीहरूमाथि दाऊद र ईसा बिन मरियमद्वारा धिक्कार गरियो, यो यस कारणले कि तिनीहरूले आज्ञा उल्लंघन गर्दथे र सीमा नाघिसकेका थिए ।
Maide 5:79
७९) र नराम्रा कामहरूबाट एकअर्कालार्इ रोक्दैनथे जुनकि तिनीहरूले गर्दथे, निःसन्देह तिनीहरू नितान्त दुष्कर्म गर्दथे ।
Maide 5:80
८०) तपाईंले तिनीहरूमध्ये धेरैलाई देख्नु हुनेछ कि तिनीहरू काफिरहरूसँग मैत्री सम्बन्ध राख्दछन् । तिनीहरू जे जति आफ्नो निम्ति अगाडि पठाएका छन् नराम्रो छ, अल्लाह तिनीहरूसँग अप्रसन्न भयो, र तिनीहरू सधैं सजाय भोगिराख्ने छन् ।
Maide 5:81
८१) यदि तिनीहरूले अल्लाहमाथि र उसको पैगम्बर र जुन किताब तिनीहरूलाई प्रदान गरिएका थिए तिनीमाथि विश्वास गरेको भए, तिनीहरूलाई आफ्ना मित्र बनाउने थिएनन्, तर तिनीहरूमध्ये धेरै दुष्कर्मी छन् ।
Maide 5:82
८२) (हे पैगम्बर,) तपाईंले मोमिनहरूसँग धेरै शत्रुता गर्ने यहूदी र मुश्रिकहरूलाई पाउनुहुनेछ र मित्रताको दृष्टिकोणले मोमिनहरूको नजिकमा ती मानिसहरूलाई पाउनुहुनेछ जसले आफूलाई ‘‘नसारा (ईसाई)’’ भन्छन् । यो यसकारणले हो कि तिनीहरूमा विद्वान पनि छन् र धर्मविद् पनि र तिनीहरूले घमण्ड गर्दैनन् ।
Maide 5:83
८३) जब उनीहरू पैगम्बरमाथि अवतरित (भएको किताबका कुराहरू) सुन्दछन् तब तिमीले देख्नेछौ कि उनीहरूको आँखा आँसुले भरिएका लाग्दछन् । यसकारण कि उनीहरू सत्यको पहिचान गरिसके, उनीहरू भन्दछन् ‘‘हे हाम्रो पालनकर्ता ! हामीले ईमान ल्यायौं ।’’ अतः तपाईं हाम्रा नाम पनि गवाही दिनेवालाहरूको नामसित लेखिहाल्नुस् ।
Maide 5:84
८४) र हामी अल्लाह र जे जति सत्य हाम्रो नजिक पुगिसकेको छ त्यसमा विश्वास किन नगरौं जब कि हामीलाई आशा छ कि हाम्रो पालनकर्ताले हामीलाई संयमीहरूको साथ (स्वर्गमा) प्रवेश गराउनेछ ।
Maide 5:85
८५) तसर्थ अल्लाहले उनीहरूलाई उनको यस कथनको फलस्वरूप यस्तो बगैंचा प्रदान गर्नेछ जसमुनि नहरहरू बगिरहनेछन्, जसमा उनीहरू सधैं बास गर्नेछन् । र यो नै सत्यकर्मीहरूको बदला हो ।
Maide 5:86
८६) र जसले इन्कार गर्यो र हाम्रो आयतहरूलाई असत्य ठान्यो । उनीहरू नर्कको आगोमा पर्नेवाला छन् ।
Maide 5:87
८७) मोमिनहरू हो ! जुन पवित्र कुराहरू तिम्रो लागि अल्लाहले हलाल बनाएको छ तिनलाई त्याज्य नबनाऊ र सीमा ननाघ किनभने सीमा नाघ्नेलाई अल्लाहले मन पराउँदैन ।
Maide 5:88
८८) र अल्लाहले जुन कुराहरू तिमीलाई प्रदान गरेको छ, तीमध्ये हलाल र राम्रो जीविका ग्रहण गर र अल्लाहसित डर मान्ने गर जसमा तिम्रो विश्वास (र्इमान) छ ।
Maide 5:89
८९) अल्लाह तिम्रो अज्ञानपूर्ण कसमहरूको लागि तिमीलाई समात्ने छैन, तर जानि–जानि ठोस शपथ खाए बापत समात्ने छ । त्यसको कफ्फारा (त्यस्तोशपथको प्रयश्चित) स्वरूप दश जना गरिब व्यक्तिलाई औसत खालको खाना खुवाऊ जुन तिमीले आफ्ना सन्तानहरूलाई ख्वाउदछौ वा तिनीहरूलाई लुगाफाटा देऊ वा एउटा दास वा दासीलाई मुक्त गर र जसलाई यी कुनै पनि गर्न सामर्थ हुँदैन, उसले तीन दिनको रोजा (व्रत) राख्नु पर्दछ । यो तिम्रा शपथहरूको प्रायश्चित हो, कि जब तिमी शपथ लिन्छौ त आफ्ना शपथहरूको रक्षा गर । यस प्रकार अल्लाहले तिमीलाई आफ्ना आयतहरू वर्णन गर्दछ ताकि तिमी आभार प्रकट गर ।
Maide 5:90
९०) हे र्इमानवालाहरू ! मदिरा, जुआ बलिस्थान र शगुण पासा यी सबै अपवित्र र शैतानी कुराहरूमध्येका हुन् तसर्थ यिनीबाट टाढा रहनु ताकि मुक्ति प्राप्त गर्न सकौ ।
Maide 5:91
९१) शैतान त यो चाहन्छ कि रक्सी र जुआको माध्यमबाट तिमीहरूबीच शत्रुता र बैरभावको सृजना गरिहालोस् र तिमीलाई अल्लाहको स्मरण र नमाजबाट रोकिदेओस् । यसकारण अहिले पनि (यी कर्महरूबाट) अलग रहने गर ।
Maide 5:92
९२) र तिमी अल्लाहको आदेश पालन गर्नेगर र रसूलको अनुशरण गर्नेगर र सतर्क भइराख यदि अनुहार फेर्छाै त जानिराख कि हाम्रो पैगम्बरको जिम्मामा (सन्देश) खुलस्तरूपमा पुर्याउनु मात्र हो ।
Maide 5:93
९३) जुन मानिसहरू आस्थावान छन् र असल काम गर्दछन् तिनीहरूमाथि यस्ता कुराहरूको पाप लाग्दैन कि तिनीहरू खाइपिई रहेका छन् जब कि तिनीहरू आत्मसंयम र आस्था राख्दछन् र सत्कर्म गर्दछन् । र त्यस पश्चात पुनः संयमको साथ विश्वास गर्दछन्, भने पुनः संयमको असल कामहरू गरिरहन्छन् । अल्लाह यस्ता सत्कर्मीहरूलाई मायाँ गर्दछ ।
Maide 5:94
९४) हे मोमिनहरू ! अल्लाह तिम्रो परीक्षा सामान्य अवस्थामा शिकारबाट लिनेछ जुनकि तिमीले हातले अथवा भालाले (अस्त्र) गर्दछौ (अर्थात् एहरामको अवस्थामा शिकारको निषेधितताबाट) जसबाट अल्लाहले थाहा पाओस् कि अदृश्य रूपमा उससँग को डराउँछ । तसर्थ जसले त्यसपछि सीमाउल्लंघन गर्नेछ त्यसको निम्ति कष्टदायक सजाय छ ।
Maide 5:95
९५) हे मोमिनहरू ! जब तिमी एहरामको अवस्थामा हुन्छौ त्यतिखेर (जंगली पशुको) शिकार नगर्नु र तिमीहरूमध्ये जसले जानिजानि (त्यसलाई) हत्या गर्छ भने उसमाथि त्यसको क्षतिपूर्ति त्यस्तै खालको एउटा चौपया हुनेछ । जसलाई तिमीहरूमध्ये दुईजना न्यायप्रिय फैसला गरिदिन्छन् । त्यस्तो पशुलाई कअ्बासम्म (मक्का) पुर्याई कुर्बानी गरियोस् वा खानेकुरा गरिबहरूलाई दिइहालोस् अथवा त्यो बराबर रोजा राखोस् ताकि आफ्नो कर्मको स्वाद चाख्न सकोस् र विगतमा भएका कुरालाई अल्लाहले माफी गरेकोछ र यदि कसैले पुनः यस्तो काम गर्नेछ भने अल्लाह उसलाई दण्डित गर्नेछ र अल्लाह सर्वशक्तिमान र सजाय दिनेवाला छ ।
Maide 5:96
९६) र तिम्रो निम्ति समुद्री जीवको शिकार गर्नु र त्यसलाई खानु हलाल गरिएको छ । तिम्रो प्रयोगको लागि र यात्रीहरूको फाइदाको लागि तर एहरामको अवस्थामा रहेसम्म सुख्खा ठाउँको शिकार तिम्रो निम्ति हराम गरिएको छ र अल्लाहसित डराऊ जसकहाँ एकत्रित गरिनेछौ ।
Maide 5:97
९७) अल्लाहले पवित्र घर कअ्बालाई सम्मानित स्थान बनाउनुको साथै मानिसहरूका निम्ति सहयोग र साधनका लागि माध्यम बनाएको छ र पवित्र महिनाहरूलाई पनि र कुर्बानीको जनावरहरूलाई पनि जसका घाँटीहरूमा पट्टाहरू बाँधिएका हुन्छन् यो यसकारणले हो कि तिमीले जानिहाल कि जे–जति आकाशहरूमा छन् र जे–जति पृथ्वीमा छन् अल्लाहलाई सबैको ज्ञान छ, र यो पनि कि अल्लाह हरेक कुराको ज्ञाता छ ।
Maide 5:98
९८) तिमी जानिराख कि अल्लाह कठोर सजाय दिनेवाला छ र यो (पनि) कि अल्लाह ठूलो क्षमादाता र कृपालु छ ।
Maide 5:99
९९) पैगम्बरहरूको जिम्मामा त मात्र आदेश पुर्याउनु हो र जे–जति तिमीले प्रकट गर्दछौ र लुकाउँदछौ, अल्लाहलाई सबै थाहा छ ।
Maide 5:100
१००) तपाई भनिदिनुस् कि अपवित्र र पवित्र कुराहरू बराबर हुँदैनन् यद्यपि अपवित्र कुराहरूको बाहुल्य तिमीलाई आर्कषित पार्न सक्छ । तसर्थ हे विवेक भएका मानिसहरू ! अल्लाहसँग डर मान्ने गर ताकि सफलता प्राप्त गर्न सक ।
Maide 5:101
१०१) मोमिनहरू हो ! यस्ता कुराहरूको प्रश्न नगर जसको सत्यता यदि तिमीलाई प्रकट गर्ने हो भने तिमीलाई नराम्रो लाग्नेछ र यदि कुरआन अवतरण हुने समयमा यस्ता कुरा सोध्छौ भने तिमीलाई प्रकट पनि गरिनेछन्, पहिला सोधिएका प्रश्नहरू अल्लाहले माफ गरेको छ र अल्लाह ठूलो क्षमादाता, धेरै सहनशील छ ।
Maide 5:102
१०२) यस्ता कुराहरूबारे तिमीभन्दा अघिका मानिसहरूले पनि सोधेका थिए, फेरि तिनीहरूले यसलाई नकारी हाले ।
Maide 5:103
१०३) अल्लाह नत ‘‘बहीराः’’ ठहराएको छ र नत ‘सायबा’ र नत ‘वसीला’ र ‘हाम’ (अरबको बहुते बद्दूहरूले विभिन्न प्रकारका नाम राखी आफ्ना देवताको नाममा जनावर राखेका थिए) बरु काफिरहरू अल्लाहमाथि झूठा आरोप लगाउँछन् र यिनीहरूमध्ये धेरै जसो बुद्धिहीन छन् ।
Maide 5:104
१०४) र जब यिनीहरूसित भनिन्छ कि जुन आदेश अल्लाहले उतारेको छ त्यसतिर र रसूल (स.) तिर प्रवृत्त होऊ त भन्दछन् कि जुन मार्गमा हामीले आफ्ना पूर्वजहरूलाई पाएका छौं, त्यही नै हामीलाई पर्याप्त छ, चाहे तिनका पूर्वज अज्ञानी र गलत मार्गमै किन नहोऊन् ।
Maide 5:105
१०५) हे ईमानवालाहरू ! आफ्नो चिन्ता गर, यदि तिमी सही बाटोमा छौ भने, कुनै पथभ्रष्ट मानिसबाट तिम्रो केही नोक्सान (हानि) छैन । तिमी सबैलाई फर्केर अल्लाह नजिकै पुग्नु छ । त्यस बेला त्यसले तिमीलाई तिम्रा सम्पूर्ण क्रियाकलापहरू बताइदिनेछ ।
Maide 5:106
१०६) हे ईमानवालाहरू ! जब तिमीहरूमध्ये कसैको मृत्यु नजिक आइपुग्छ र वसीयत (इच्छापत्र) गर्दा धार्मिक स्वभाव भएकामध्ये दुईजना मानिसहरूलाई साक्षी राख, वा तिमीहरू बाहेक अरु दुई जनालाई यदि तिमी यात्रा गरिराखेका छौ र तिम्रो मृत्यु नजिक आईपुग्छ भने ती दुवैलाई शंकाको समय नमाज पछि रोकेर अल्लाहको शपथ खुवाउनु कि तिनीहरूले साक्ष्यको बदला कुनै सांसारिक लाभ लिने छैनन्, यद्यपि कोही नजिकको नातेदार नै किन नहोस् र तिनले अल्लाहको कुरालाई लुकाउने पनि छैनन् । यदि यस्तो गरे भने हामी ठूलो पापी हुनेछौं ।
Maide 5:107
१०७) फेरि यदि यो थाहा हुन्छ कि यी दुवैले कुनै अपराध गरेका छन् भने तिनीहरू जुन मानिसहरूको अधिकार हनन् गर्न खोजेका थिए, तिनीहरूमध्ये दुईजना तिनीहरूको ठाउँमा साक्षी बनुन्, जो कि (मृतक) नजिकको सम्बन्ध राख्दछन्, अनि त्यसपछि तिनीहरू अल्लाहको शपथ लिनु पर्नेछ कि तिनीहरूको गवाही उनीहरूको शपथभन्दा बढी सत्य छ र हामीले कुनै किसिमबाट सत्यताको उल्लंघन गरेका छैनौं, यदि यस्तो गरेको भए हामी अन्यायी हुनेछौं ।
Maide 5:108
१०८) यसबाट धेरै सम्भावना छ कि यिनीहरू वास्तविकतालाई ठीक ढंगले स्पष्ट गरुन् वा यस कुरोसित भयभीत होउन् कि हाम्रा शपथहरू यिनीहरूको शपथ लिएपछि उल्टीने छन् । र अल्लाहसित डर र सुन र अल्लाह अवज्ञाकारी व्यक्तिहरूलाई मार्गदर्शन गर्दैन ।
Maide 5:109
१०९) जुन दिन अल्लाहले सबै पैगम्बरहरूलाई जम्मा गर्नेछ, फेरि तिनीहरूसित सोध्ने छ कि तिमीलाई के जवाफ प्राप्त भएको थियो, त तिनीहरूले भन्ने छन् कि हामीलाई केही पनि थाहा छैन । निःसन्देह तिमी नै परोक्षका कुरा जान्ने अन्तर्यामी छौ ।
Maide 5:110
११०) अल्लाहले भन्ने छ कि हे मरियम का पुत्र ईसा, मेरा ती कृपाहरू यादगर, जुन तिमी र तिम्री आमामाथि गरिएको छ । जब मैले पवित्र आत्मा (जिब्रील) द्वारा तिमीलाई मद्दत पुर्याएँ (जसबाट) तिमी (बाल्य अवस्थामा) आमाको गोदीबाटै र अधेड उमेरमा पनि मानिसहरूसँग कुराकानी गथ्र्यौ र जब मैले तिमीलाई किताब र बुद्धिमत्ता र तौरात र इंजीलको तालिम दिएँ र जब तिमीले मेरो आदेशबाट माटोको चराको रूप बनाई त्यसमा फुँकेपछि जीवित चरा बन्दथ्यो । र, जब जन्मजात अन्धाहरू र कुष्ठरोग सेता दाग भएका मानिसहरूलाई मेरो आदेशबाट निको पाथ्र्यौ र जब तिमी मुर्दाहरूलाई मेरो आज्ञाले (चिहानहरूबाट) निकालेर उभ्याई हाल्दथ्यौ र जब मैले बनी इस्राईललाई तिमीमाथि अत्याचार गर्नुबाट रोकिहालें, जब तिमी तिनीहरू छेउ तर्कहरूलिएर आएका थियौ फेरि तिनीहरूमध्ये जो काफिर थिए, तिनीहरूले भन्न थाले कि यो त खुल्ला जादू बाहेक अरु केही होइन ।
Maide 5:111
१११) र जब मैले हवारीहरूलाई आदेश पठाएँ कि ममाथि र मेरा पैगम्बरमाथि आस्था राख । तिनीहरूले भन्न थाले कि हामीले ईमान ल्यायौं र तपाई साक्षी रहनुस् कि हामी आज्ञाकारी छौं ।
Maide 5:112
११२) त्यो समय स्मरणयोग्य छ जब हवारीहरूले भनेः कि हे ईसा बिन मरियम ! के तपाईको रबले आकाशबाट हाम्रो लागि पकाएको विभिन्न प्रकारको भोजन पठाउन सक्छ ? उनले भने तिमीमा ईमान छ भने अल्लाहसित डराऊ ।
Maide 5:113
११३) तिनीहरूले भने कि हाम्रो यो इच्छा छ कि हामीले त्यसबाट खाऔं र हाम्रो मनको सन्तुष्टि प्राप्त गरौं र हाम्रो यो विश्वास बढोस् कि तपाई हामीसित साँचो भन्नु भएको छ र हामी साक्षी दिनेहरूमध्येका हुन सकौं ।
Maide 5:114
११४) (अनि) ईसा बिन मरियमले प्रार्थना गरे कि हे मेरो पालनकर्ता ! हामीलाई आकाशबाट खाना प्रदान गर, जसले कि हाम्रो निम्ति र हाम्रा अघि र पछि (सबैका) लागि त्यो खुशीको कुरा भइहालोस् र तिम्रो तर्फबाट एउटा निशानी पनि होस् ! र हामीलाई जीविका प्रदान गर, तिमी सबैभन्दा राम्रो आहारदाता हौ ।
Maide 5:115
११५) अल्लाहले भन्यो, मैले अवश्य नै त्यो खाना तिमीलाई पठाउने छु तर यसपछि तिमीहरूमध्ये यदि, कसैले कुफ्रको कुरो गर्नेछ त्यसलाई मैले यस्तो सजाय दिनेछु जुन समस्त संसारमा बस्नेहरूमध्ये अरु कसैलाई दिनेछैन ।
Maide 5:116
११६) र त्यो समय पनि वर्णन योग्य छ जब अल्लाहले भन्ने छः हे ईसा बिन मरियम ! के तिमीले मानिसहरूसित भनेका थियौ कि अल्लाह बाहेक मलाई र मेरी आमालाई पूज्य बनाइहाल ? ईसाले भन्ने छन् कि तिमी पवित्र छौ, मलाई त्यो कुरो भन्न उचित कसरी हुन सक्दथ्यौ जुन कुराको मलाई अधिकार छैन ? मैले त्यसो भनेको भए तिमीलाई थाहा होला, (किनभने) जुन कुरो मेरो मनमा छ त्यो पनि तिमीलाई थाहा छ र जुन कुरो तिम्रो मनमा छ त्यो मलाई थाहा छैन । निःसन्देह तिमी सबै गुप्त कुराको ज्ञाता हौ ।
Maide 5:117
११७) मैले त तिनीहरूसित अरु केही पनि भनेको थिएन तर त्यो बाहेक जुनकि तिमीले मलाई भन्न आदेश गरेका थियौ, यो कि तिमीहरूले अल्लाहको उपासना गर, जो मेरो र तिम्रो सबैको पालनकर्ता हो र जबसम्म म तिनीहरूको बीचमा थिएँ, तिनीहरूको अवस्थाको साक्षी थिएँ, फेरि जब तिमीले मलाई उठाइहाल्यौ तब तिमी नै तिनीहरूको संरक्षक भयौ र तिमी प्रत्येक कुराको ज्ञाता हौ ।
Maide 5:118
११८) यदि तिमी तिनीहरूलाई दण्ड दिन्छौ भने तिनीहरू तिम्रा दास हुन् र यदि तिमी क्षमा गरिदिन्छौ भने निःसन्देह तिमी सर्वशक्तिमान र कौशल सम्पन्न छौ ।
Maide 5:119
११९) अल्लाह भन्ने छ कि आज त्यो दिन हो जबकि सत्यनिष्ठहरूलाई तिनीहरूको सत्यताले फाइदा पुर्याउने छ । तिनीहरूका लागि बगैंचाहरू छन् जसमुनि नहरहरू बगिराखेका छन् । सधैं तिनीहरू त्यसमा बास गर्ने छन् । अल्लाह तिनीहरूसित प्रसन्न छ र तिनीहरू अल्लासँग खुशी छन्, यो अत्यन्त ठूलो सफलता हो ।
Maide 5:120
१२०) आकाशहरू र जमिन (पृथ्वी) र जे–जति तिनीहरूको बीचमा छ सबै अल्लाहको राज्य हो र ऊ प्रत्येक कुरामाथि शक्ति सम्पन्न छ ।
Enam 6:1
१) हरेक प्रशंसा अल्लाहकै लागि छन् जसले आकाशहरू र पृथ्वीलाई बनायो र अँध्यारो र उज्यालोको सृष्टि गर्यो, तै पनि काफिरहरूले अरुलाई अल्लाह सरह ठान्दछन् ।
Enam 6:2
२) ऊ त्यही हो जसले तिमीलाई माटोबाट सृष्टि गर्यो, अनि एउटा समय निर्धारित गर्यो, र दोस्रो मुद्दत (कियामत) खास अल्लाहकहाँ नै छ तै पनि तिमी शंका गर्दछौ ।
Enam 6:3
३) र आकाशहरू र पृथ्वीमा उही एउटा सत्य (पूज्य) अल्लाह छ, ऊ तिम्रा अदृश्य र दृश्य सम्पूर्ण भेदका कुरा जान्दछ र तिमीले जुन कार्यहरू गर्दछौ, तिनलाई पनि ऊ जान्दछ ।
Enam 6:4
४) र अल्लाहका निशानीहरूमध्ये कुनै निशानी पनि तिनीहरू छेउसम्म आउँदैन, तर तिनीहरू त्यसबाट विमुख भइहाल्छन् ।
Enam 6:5
५) जब तिनीहरू नजिक सत्य किताब आयो, त तिनीहरू त्यसलाई पनि नकारिहाले, तसर्थ तिनीहरूलाई ती कुराहरूको परिणाम जसको कि तिनीहरूले हाँसो गर्दछन् छिट्टै थाहा भइहाल्ने छ ।
Enam 6:6
६) के तिनीहरू देखेनन् कि हामीले तिनीहरूभन्दा अगाडिका कैंयौ समुदायलाई समाप्त गरिहाल्यौं, जसलाई हामीले पृथ्वीमा त्यस्तो शक्ति दिएका थियौं जुन रूपमा कि तिमीलाई दिएका छैनौं र तिनीहरूका निम्ति आकाशबाट पर्याप्त पानी बर्षायौं र हामीले खोला–नालाहरू प्रवाहित गर्यौं पछि तिनीहरूलाई तिनीहरूको पापको कारण समाप्त गरिहाल्यौं र तिनीहरू पछि अन्य पुस्ताहरूको (समुदायको) सृष्टि गर्यौं ।
Enam 6:7
७) र यदि हामीले तपाईमाथि कागजमा लेखिएको कुनै ग्रन्थ उतारेको भए र यिनीहरूले त्यसलाई आफ्नो हातले स्पर्श गरेको भए तापनि यी काफिरहरू यही भन्दथे कि यो त खुल्लारूपमा जादू हो ।
Enam 6:8
८) र तिनीहरू यसरी भन्दछन् कि यिनीहरू छेउ कुनै फरिश्ता किन पठाइएन ? यदि हामीले कुनै फरिश्ता पठाएको भए सम्पूर्ण कुरा नै सिद्धिहाल्दथ्यौ, अनि तिनीहरूलाई एक छिनको समय पनि दिइदैनथ्यो ।
Enam 6:9
९) र यदि हामीले कुनै फरिश्ता पठाउने भए, त्यसलाई पनि मानिसैको रूपमा पठाउँथे र जुन शंका तिनीहरू अहिले गर्दछन्, त्यही शंका फेरि गर्नेथिए ।
Enam 6:10
१०) र यर्थाथमा तपाईभन्दा अगाडिका पैगम्बरहरूसित पनि यस्तो नै हाँसो गरियो, फेरि तिनीहरूमध्ये जुन मानिसहरूले मजाक गर्ने गर्दथे, तिनलाई त्यस (उपहासको) सजायले घेरिहाल्थ्यो ।
Enam 6:11
११) तपाई भनिदिनुस् कि पृथ्वीमा भ्रमण गर अनि हेर कि सत्यलाई झूठ (झूट्) भन्नेहरूको परिणाम कस्तो भयो ?
Enam 6:12
१२) तपाई भन्नुस् कि आकाशहरू र पृथ्वीमा जे–जति छ कसको हो ? भनिदिनुस् कि यो सबै अल्लाहकै स्वामित्वमा छन् । अल्लाहले कृपा गर्न आफ्नो जिम्मा अनिवार्य गरिहालेको छ । उसले तिमी सबैलाई कियामतको दिन जम्मा गर्नेछ, यस कुरामा पनि कुनै शंका छैन जसले आफूलाई नोक्सानीमा पारिसकेका छन् तिनैले ईमान ल्याउने छैनन् ।
Enam 6:13
१३) र अल्लाहकै हुन् ती जम्मै जुन कि दिन र रातीमा बस्छन् र उही नै हो जो सबै सुन्नेवाला, जान्नेवाला छ ।
Enam 6:14
१४) तपाई भन्नुस् कि के अल्लाह बाहेक जो आकाशहरू र पृथ्वीको स्रष्टा हो, र उसैले सबैलाई आहार दिन्छ र स्वयं कसैबाट आहार लिदैन, के अरु कसैलाई पूजनीय बनाऊँ । यो पनि भनिदिनुस् कि मलाई आदेश भएको छ कि म सबभन्दा पहिला इस्लाम स्वीकार गरूँ र यो पनि कि तिमी मुश्रिकहरूमध्येको कहिले नहुनु ।
Enam 6:15
१५) तपार्इ यो पनि भनिदिनुस् कि यदि म आफ्नो पालनकर्ताको आदेशको उल्लंघन गर्दछु त मलाई ठूलो दिनको सजायको भय छ ।
Enam 6:16
१६) त्यास दिन यदि कोही सजायबाट मुक्त हुनेछ भने अल्लहको ठूलो कृपा हो । र त्यो खुल्लारूपमा सफलता हो ।
Enam 6:17
१७) र यदि अल्लाह तिमीलाई कुनै कष्ट पुर्याउँछ भने त्यसलाई उस बाहेक अरु कसैले हटाउन सक्तैन र यदि सुख पुर्याउँछ भने त्यो प्रत्येक कुरोमाथि सर्वशक्तिमान छ ।
Enam 6:18
१८) र आफ्ना सेवकहरूमाथि उसैको वर्चस्व छ, र उही तत्वदर्शी सर्वज्ञ हो ।
Enam 6:19
१९) तपाई भनिदिनुस् कि गवाही दिने सबभन्दा ठूलो कुरा के हो । भन्नुस् अल्लाह नै मेरो र तिम्रो बीचमा साक्षी छ र यो कुरआन ममाथि यस कारणले अवतरित गरिएको छ कि यसबाट तिमीलाई र जुन–जुन मानिससम्म यो पुग्न सक्तछ ती सबैलाई डराऊँ । के तिमी साँच्चै साक्षी बन्नेछौ कि अल्लाहको साथमा अरु कोही पूजनीय छन् ? (हे मुहम्मद) भनिदिनुस् कि म यस्तो साक्ष्य दिन्न । भनिदिनुस् कि मात्र उही नै एउटा पूजा योग्य छ, र जसलाई तिमीहरूले उसको साझेदार ठहराउँछौं तिनीहरूबाट म निःसन्देह विरक्त छु ।
Enam 6:20
२०) जुन मानिसहरूलाई हामीले किताब प्रदान गरेका छौं तिनीहरूले पैगम्बरलाई त्यस्तै चिन्दछन् जस्तो कि आफ्नै छोराहरूलाई चिन्ने गर्दछन् । जसले आफूलाई क्षति पुर्याइसकेका छन् तिनीहरूले ईमान ल्याउने छैनन् ।
Enam 6:21
२१) र त्योभन्दा अन्यायी को होला जसले अल्लाहमाथि झूठो आरोप लगाउँछ वा उसका आयतहरूलाई मिथ्या ठहरयाउँछ । यस्ता अन्यायीहरू मुक्ति पाउने छैनन् ।
Enam 6:22
२२) र स्मर्णीय छ त्योदिन जुन दिन हामीले सबै मानिसहरूलाई एकत्रित गर्नेछौं अनि मुश्रिकहरूसित सोध्नेछौं कि (आज) तिम्रा साझेदारहरू कहाँ छन्, जसलाई पूजनीय भनी तिमीहरू दावी गर्दथ्यौ ?
Enam 6:23
२३) त्यसपछि तिनीहरूको बहुदेववादको परिणाम यो झूठ भन्नु बाहेक अरु केही हुँदैन कि अल्लाहको कसम ! हे हाम्रो पालनकर्ता हामी कदापि बहुदेववादी थिएनौं ।
Enam 6:24
२४) अलि हेर त, कस्तो किसिमबाट तिनीहरूले आफूमाथि नै झूठा कुरा गरे, र जसको बारेमा मनगढन्त मिथ्या कुरागर्दथे ती सबै बेपत्ता भइहाले ।
Enam 6:25
२५) र तिनीहरूमध्ये केही यस्ता छन् जो तपाईको कुरा सुन्ने स्वाङ पार्छन् र हामीले तिनीहरूका हृदयमाथि आवरण हालिदिएका छौं, जसले कि तिनलाई बुझ्न नसकुन् र उनको कानहरूमा बहिरोपनको सृजना गरिदिएका छौं र यदि तिनीहरूले सम्पूर्ण निशानीहरू देखे तापनि, तिनमाथि कहिले ईमान ल्याउने छैनन्, यहाँसम्म कि जब तिनीहरू तपाईको नजिक आउँछन् त बिना कारण विवाद गर्न आउँछन् त जो काफिर छन्, यसरी भन्दछन् कि यो (कुरआन) त पूर्वजहरूको दन्त कथा बाहेक अरु केही होइन ।
Enam 6:26
२६) र तिनीहरूले यसबाट अरुहरूलाई पनि रोकिराखेका छन् र स्वयं पनि टाढा- टाढा रहन्छन् तर तिनीहरूले आफूलाई नै विनाश गरिरहेका छन् र तिनीहरू महसूस गरिरहेका छैनन् ।
Enam 6:27
२७) यदि तपाईले त्यस समय हेर्नपाउने भए जब यिनीहरू नर्कछेउ उभ्याइने छन् र भन्ने छन् कि क्याराम्रो हुने थियो यदि हामीलाई फर्काइयोस् भने हामीले आफ्नो पालनकर्ताका आयतहरूलाई झूठा भन्ने थिएनौं र हामी ईमान ल्याउने थियौं ।
Enam 6:28
२८) हो, यिनीहरूले जुन कुरा अघि लुकाउँदथे (आज) त्यो कुरा तिनीहरूका आँखाको अगाडि छर्लङ्ग भइसकेको छ र यिनलाई संसारमा फर्काइदिए पनि जुन कामबाट मनाही गरिएको थियो, त्यही काम फेरि गर्न थाल्नेछन् । निःसन्देह यिनीहरू एकदम झुट्ठा हुन् ।
Enam 6:29
२९) र तिनीहरू भन्दछन् कि हाम्रो जो संसारिक जीवन छ, यही नै वास्तविक जीवन हो, (मृत्यु पश्चात) फेरि हामी जीवित पारिने छैनौं ।
Enam 6:30
३०) र तपाईले तिनीहरूलाई आफ्नो पालनकर्ताको अगाडि उभ्याइऐको बेला हेर्नु भएमा अल्लाहले सोध्नेछ, के यो कुरा सत्य होइन ? तिनीहरूले भन्ने छन्, पालनकर्ताको कसम किन नहुनु ! अल्लाहले आदेश दिनेछ अब आफ्नो कुफ्रको बदलामा सजाय चाख ।
Enam 6:31
३१) निःसन्देह जुन मानिसहरूले अल्लाहसँगको भेटलाई झूठा ठाने, तिनीहरू घाटामा छन् यहाँसम्म कि जब कियामत एक्कासी तिनीहरूमाथि आइपुग्छ, त्यतिखेर भन्न थाल्नेछन् कि अफ्सोच हाम्रो त्यस भूलमाथि जो हामीले गर्यौं । र तिनीहरूले आफना (पापका) भारी आफ्नो पिठ्युँमा बोकिराखेका हुनेछन् । हेर, जुन भारी यिनीहरूले बोकिराखने छन् त्यो साह्रै नराम्रो छ ।
Enam 6:32
३२) र संसारिक जीवन त एउटा खेल र मनोरञ्जन बाहेक केही पनि होइन । र अत्यन्त राम्रो घर त आखिरतको घर हो तिनीहरूको निम्ति जो अल्लाहसित डर मान्छन्, के तिमीले बुझ्दैनौ ?
Enam 6:33
३३) हामीलाई राम्ररी थाहा छ यिनीहरूको कुराले तपाईलाई दुःख दिन्छ तर यिनीहरूले तपाईलाई झूठा ठान्दैनन् बरु अन्यायीहरू अल्लाहका आयतहरूलाई नकार्दछन् ।
Enam 6:34
३४) र तपाईभन्दा अगाडिका पैगम्बरहरूलाई पनि झूठा ठहराइन्थ्यो, तिनीहरूले अल्लाहको तर्फबाट मद्दत न पुगुन्जेल, धैर्यपूर्वक इन्कार र यातना सहने गर्दथे र अल्लाहका आदेशहरू कसैले परिवर्तन गर्न सक्तैन । र तपाईको पासमा केही पैगम्बरहरूको सम्बन्धमा केही खबर अघि नै पुगिसकेको छ ।
Enam 6:35
३५) र यदि तिनीहरूको तिरस्कार तपाईलाई गाह्रो लाग्छ भने तपाईमा शक्ति छ त पृथ्वीमा कुनै सुरङ्ग वा आकाशसम्म कुनै सीढी (भर्याङ्ग) फेला पार, अनि तिनीहरू छेउ कुनै चमत्कार ल्याउनु । र यदि अल्लाह चाहेको भए सबैलाई सही मार्गमा एकत्रित गरिदिन्थ्यो, तसर्थ तपाई यी मूर्खहरूमध्येको नहुनु ।
Enam 6:36
३६) सत्यलाई स्वीकार तिनैले गर्दछन् जो सुन्दछन् । र मृतकहरूलाई अल्लाहले जीवित गरी उठाउनेछ, अनि सबै उसैतिर फर्काइने छन् ।
Enam 6:37
३७) र यिनीहरू भन्दछन् कि उसको पालनकर्ताको तर्फबाट तिनीहरूको लागि कुनै चमत्कार किन पठाइएन ? भनिदिनुस् कि अल्लाह निश्चितरूपले चमत्कार पठाउन शक्ति सम्पन्न छ, तर तिनीहरूमध्ये धेरै बेखबर छन् ।
Enam 6:38
३८) र पृथ्वीमा जति हिंड्ने जीव छन वा उड्ने चराहरू (प्राणीहरू) छन्, तिनीहरूमा कुनै पनि किसिम यस्तो छैन जुन तिमीहरूको जस्तै समुदायहरू नहोउन् । हामीले किताबमा लेख्न कुनै कुरा छाडेका छैनौं र फेरि सबै आफ्नो पालनकर्ताको अगाडि एकत्रित हुनेछन् ।
Enam 6:39
३९) र जसले हाम्रा आयतहरूलाई झूठा भन्दछन् तिनीहरू अनेक प्रकारको अन्धकारमा बहिरा र लाटा भइरहेका छन् । अल्लाह जसलाई चाहोस् पथविचलित गरिदेओस् । र जसलाई चाहोस् सही बाटोमा हिंडाइदेओस् ।
Enam 6:40
४०) तपाई भनिदिनुस् (काफिरहरू) आफ्नो मनमा विचार गर कि यदि तिमीमाथि अल्लाहको सजाय आइपरेमा वा कियामत आइपुग्छ त के तिमी अल्लाह बाहेक अरु कसैलाई गुहार्ने छौ ? यदि तिमी साँचो हौ ।
Enam 6:41
४१) बरु, खास उसैलाई गुहार्नेछौ (पुकार्नेछौ), अनि जसको लागि तिमी गुहार्नेछौ, यदि ऊ चाहन्छ भने त्यसलाई हटाइदिन्छ र जसलाई तिमी साझेदार ठहाराउँछौ तिनीहरूलाई बिर्सिनेछौ ।
Enam 6:42
४२) र हामीले तिमीभन्दा अगाडि धेरै समुदायहरूतिर पैगम्बरहरू पठाएका थिएँ अनि हामीले तिनीहरूलाई दुःख र कष्टमा पारेका थिएँ कि तिनीहरू विनम्र भई विन्ती गरुन् ।
Enam 6:43
४३) त जब हामीबाट तिनीहरूलाई सजाय पुगेको थियो त त्यसबेला तिनीहरूले विनम्रता किन देखाएनन् ? उल्टै तिनका हृदयहरू कठोर भइदिए र शैतानले तिनका अपराधपूर्ण काम तिनीहरूका निम्ति झन् आकर्षणपूर्ण देखिने बनाइदियो ।
Enam 6:44
४४) तर जब तिनीहरूले, जुन उपदेश तिनलाई दिइएको थियो त्यसलाई बिर्सिदिए, तब हामीले तिनीहरूको लागि सबै ढोकाहरू खोलिदियौं, यहाँसम्म कि जब ती कुराहरूसित जुन तिनलाई दिइएको थियो, निकै प्रसन्न भइहाले तब हामीले तिनलाई एका–एक समातिहाल्यौं र तिनीहरू त्यति बेला एक्कासी निराशामा डुबिहाले ।
Enam 6:45
४५) फेरि दुष्कर्मी अत्याचारीहरूको जरा कटिहाल्यौ र सबै प्रशंसाहरू अल्लाहकै लागि हुन्, जो सम्पूर्ण जगतको पालनकर्ता हो ।
Enam 6:46
४६) तपाई भनिदिनुस् कि विचार गर, यदि अल्लाह तिम्रो श्रवण शक्ति र दृष्टि खोसिहाल्यो र तिम्रो हृदयमा आफ्नो छाप लगाइदियो भने अल्लाह बाहेक अरु कोही पूजनीय छ जसले यी कुराहरू पुनः पल्टाउन सकोस् ? हेर हामी कसरी आफ्ना तर्कहरूलाई विभिन्न कोंणबाट प्रस्तुत गरिराखेका छौं । तैपनि यिनीहरू विमुख हुँदै गएका छन् ।
Enam 6:47
४७) तपाई भनिदिनुस् कि विचार गर यदि तिमीमाथि अल्लाहको सजाय एक्कासी वा खुल्लारूपले आउँछ भने के अत्याचारीहरू बाहेक अरु कोही विनष्ट हुनेछन् ?
Enam 6:48
४८) र हामीले पैगम्बरहरूलाई यसको लागि मात्र पठाउँदछौ कि उनीहरूले सु–समाचार देउन् र डर देखाउन् र जसले इमान ल्याए र असल मानिस भइहाले त तिनीहरूलाई न कुनै भय हुनेछ न त तिनीहरू दुःखी हुनेछन् ।
Enam 6:49
४९) र जसले हाम्रा आयतहरूलाई झूठा भने, तिनीहरूलाई तिनीहरूको आज्ञा उल्लंघनको कारण सजाय हुनेछ ।
Enam 6:50
५०) तपाई भनिदिनुस् कि म तिमीसित यो भन्दिन कि मसँग अल्लाहको ढुकुटी छ र नत म अन्तर्यामी हूँ, र नत म यो भन्दछु कि म फरिश्ता हूँ । म त मात्र ती आदेशहरूको पालना गर्दछु जुन मलाई अल्लाहको तर्फबाट प्राप्त हुन्छ । तपाई भन्नुस् कि के अन्धा र आँखा देख्ने एकनास हुनसक्छर ? अनि तिमी विचार किन पुर्याउँदैनौं ?
Enam 6:51
५१) र यस कुरआनद्वारा यस्ता मानिसहरूलाई डराउदै गर्नुस् जो यस कुराबाट भयभीत छन् कि आफ्नो पालनकर्ताको अगाडि उपस्थित गरिनेछन् । र जान्दछन् कि उस बाहेक अरु कोही न त तिनको सहयोगी हुनेछ र न सिफारिशवाला, ताकि तिनीहरू संयमी बन्न सकुन् ।
Enam 6:52
५२) र जो मानिसहरू विहान र साँझ आफ्नो पालनकर्तासित प्रार्थना गर्दछन् र उसको खुशीको खोजीमा हुन्छन्, तिनीहरूलाई निष्काशन नगर । तिनीहरूको (क्रियाकलापहरूको) जवाफदेहि तपाईमाथि केही पनि छैन र नत तपाईको कामको जवाफदेहि तिनीहरूमाथि छ । यदि तिनीहरूलाई निकालिदिन्छौ भने तिमी अन्यायीहरूमध्येको हुनेछौ ।
Enam 6:53
५३) र यस्तै किसिमबाट हामीले कोहीलाई केही मानिसहरूबाट परीक्षा गरिराखेका छौं जसबाट तिनीहरू भन्दै गरुन् कि के यी नै हुन हामीमध्येका जसमाथि अल्लाहले कृपा गरेको छ ? के यस्तो छैन कि अल्लाह आभारी हुनेहरूलाई राम्ररी जान्दछ ।
Enam 6:54
५४) र जब तिमीछेउ यस्ता मानिसहरू आउँछन् जसले हाम्रा आयतहरूमा विश्वास गर्दछन् त तिनीहरूसित (तिनीहरूको भलाईको लगि) सलामुन, अलैकुम भन्दै गर । अल्लाहले आफूमाथि कृपागर्नु अनिवार्य गरिहालेको छ । यदि तिमीहरूमध्ये कसैले अज्ञानता वश कुनै दुष्कर्म गरिहालेको छ र पछि प्रायश्चित गरिहाल्यो र आफ्नो आचरण सुधार गरिहाल्यो भने अल्लाह ठुलो मुक्तिदाता र अत्यन्त दयावान छ ।
Enam 6:55
५५) यस्तै किसिमले हामी आफ्ना आयतहरू स्पष्टरूपले वर्णन गर्नेगर्छौ र यस कारणले कि अपराध गर्नेहरूको काम गर्ने तरिका जाहेर भइहालोस् ।
Enam 6:56
५६) (हे पैगम्बर) तपाई भनिदिनुस् कि अल्लाह बाहेक जसको उपासना तिमीले गर्छौ मलाई तिनीहरूको पूजा गर्नुबाट मनाही गरिएको छ । तपाई यो पनि भन्नुस् कि म तिम्रा इच्छाहरूको पछि–पछि लाग्दिन । यदि यस्तो गर्दछु भने पथविचलित हुनेछु र सही मार्गप्राप्त मानिसहरूमध्येबाट रहनेछैन ।
Enam 6:57
५७) तपार्इ भनिदिनुस् कि मेरो आफ्नो पालनकर्ताको तर्फबाट एउटा प्रमाण छ र तिमीले त्यसलाई असत्य भन्दछौ जुन कुराको लागि हतार गरिराखेका छौ त्यो मसित छैन । आदेश दिन अल्लाहकै अधिकारमा छ अरु कसैको छैन । उसले सत्यकुरा बताइदिन्छ र उही नै सबभन्दा राम्रो इन्साफ गर्नेवाला छ ।
Enam 6:58
५८) तपार्इ भनिदिनुस् कि जुन कुरोको लागि तिमीले हतार गरिराखेका छौ, यदि त्यो मसंग भएको भए, मेरो र तिम्रोबीचको कुराको टुङ्गो लागिसक्दथ्यो र अल्लाह अत्याचारीहरूलाई राम्ररी जान्दछ ।
Enam 6:59
५९) र अदृश्य कुराको साँचो अल्लाहसँग नै छ जसको बारेमा उस बाहेक अरु कसैलाई थाहा छैन र जे–जति पृथ्वी र समुन्द्रमा छन् उसैलाई त्यसको ज्ञान छ । एउटा पात झर्दा पनि उसलाई थाहा हुन्छ र पृथ्वीको अँध्यारोमा कुनै दाना (गेडा) उसको जानकारी बेगैर झर्दैन कुनै हरियो, सुकेको कुरा जे–जति छन् सबै स्पष्टरूपले किताबमा (लौहेमहफूजमा) छन् ।
Enam 6:60
६०) र उही यस्तो छ जसले कि रातीमा तिम्रो ज्यानलाई (केही अंशमा) आफ्नो नियन्त्रणमा लिन्छ र जे–जति तिमीले दिनमा गर्दछौ त्यो जान्दछ, फेरि तिमीलाई दिनमा ब्युझाइदिन्छ, ताकि निर्धारित समय पूरा गरियोस्, अनि तिमीलाई उसैतिर फर्केर जानुछ । फेरि उसले तिमीलाई बताउनेछ जुन तिमीले गर्नेगरेका थियौ ।
Enam 6:61
६१) र उही आफ्ना दासहरूमाथि अधिपत्य सम्पन्न छ श्रेष्ठछ र तिमीमाथि संरक्षक पठाएको छ, यहाँसम्म कि जब तिमीहरूमध्ये कसैको मृत्यु आउँछ, त्यतिखेर हामीले पठाएका फरिश्ताहरूले उसको प्राण झिकिहाल्छन् र आफ्नो कर्तव्य पालनमा ढिलो गर्दैनन् ।
Enam 6:62
६२) अनि सबै मानिसहरू आफ्नो वास्तविक मालिक अल्लाहछेउ फिर्ता गराइनेछन् । सुनिहाल कि आदेश उसैको हो र उसले छिटै हिसाब लिनेछ ।
Enam 6:63
६३) तपाई भनिदिनुस् तिमीलाई जंगल र समुन्द्रको अँध्यारोमा भएका बिपत्तिहरूबाट कसले मुक्ति प्रदान गर्दछ जब तिमीले उसलाई ठूलो आवाजमा वा चुपचाप विन्तीपूर्ण गुहार्छौ कि यदि तिमी हामीलाई यस संकटबाट मुक्ति प्रदान गर्दछौ भने हामी निःसन्देह धेरै आभारी हुनेवालाहरूमध्यका हुनेछौं ।
Enam 6:64
६४) तपाई भन्नुस् कि अल्लाहले नै तिमीलाई त्यस (खतरा)बाट र हरेक संकटबाट मुक्ति प्रदान गर्दछ, र तैपनि तिमीले ऊसँग अरुलाई साझेदार ठहराउन थाल्दछौ ।
Enam 6:65
६५) तपाई भन्नुस् कि तिमीमाथि तिम्रो माथिबाट वा खुट्टा मुनिबाट कुनै सजाय पठाउन ऊ सक्षम छ । अथवा तिमीहरूलाई विभिन्न समूहमा विभाजित गरी झगडा गराइहालोस् र तिम्रो आपसको भिडन्तको स्वाद चखाइहालोस् । हेर्नुस् हामीले आफ्ना आयतहरूलाई कुन–कुन तरिकाले वर्णन गर्दछौं ताकि यिनीहरू बुझ्न सकुन् ।
Enam 6:66
६६) र तपाईको समुदाय यस (कुरआन) लाई झूठो भन्दछ जबकि त्यो सत्य हो । तपाई भनिदिनुस् तिमीलाई संयमी बनाउने जिम्मेवारी ममाथि छैन ।
Enam 6:67
६७) हरेक खबरको एउटा समय निर्धारित छ र तिमीलाई छिटै थाहा भइहाल्छ ।
Enam 6:68
६८) र जब तपाईले यस्ता मानिसहरूलाई देख्नुहुन्छ जो हाम्रा आयतहरूको बारेमा अनर्गल बक्वास गरिराखेका छन् भने तिनीहरूबाट अलग भइहाल्नुस्, यहाँसम्म कि तिनीहरू अरु कुरामा व्यस्त भइहालुन् । र यदि शैतानले यो कुरा तपाइलाई विर्साइदिन्छ भने याद भएपछि अपराधी अन्यायीहरूको साथमा नबस्नुस् ।
Enam 6:69
६९) र आत्मसंयमीहरूमाथि तिनीहरूको सोधपूछको कुनै जिम्मेवारी छैन, तर हो, सम्झाउने काम उनीहरूको हो, सम्भवतः तिनीहरू पनि परहेजगार बन्न सकुन् ।
Enam 6:70
७०) र जुन मानिसहरू आफ्नो धर्मलाई खेल र तमाशा बनाएका छन्, र संसारिक जीवनले तिनीहरूलाई भ्रमजालमा पारिसकेको छ त्यस्ता मानिसहरूबाट अलग्गै रहनु । तर हो यस कुरआनको माध्यमबाट उपदेश दिंदै गर्नु, ताकि कोही आफ्नो आचरणको कारण सजायमा नफसोस्, कि अल्लाह बाहेक न त तिनीहरूको कोही सहयोगी हुनेछ न त सिफारिश गर्ने मानिस । यस्तो भइहालोस् कि यदि त्यसले प्रत्येक कुरो जुनकि धरतीमा छ क्षतिपूर्तिको रूपमा दिन खोजे पनि त्यो स्वीकार्य हुनेछैन । यिनै मानिसहरू हुन् जसले कि आफ्ना कार्यको फलस्वरूप विनाशमा फँस्न पुग्दछन् । उनीहरूको कुफ्रको कारण तिनीहरूको निम्ति पिउनको लागि उम्लिराखेको पानी र कष्टदायक सजाय हुनेछ ।
Enam 6:71
७१) तपाई भनिदिनुस् कि के हामीले अल्लाह बाहेक, यस्तो कुरालाई गुहारौं जसले न हामीलाई फाइदा गर्न सक्दछ न त नोक्सान । र जब अल्लाहले हामीलाई सहीबाटो देखाइसकेको छ, त के हामी त्यसबाट विमुख भइहालौं ? त्यो मानिस जस्तै जसलाई कि शैतानहरू जंगलमा सही मार्गबाट विचलित गरीदिएका छन् उसले यताउता घुम्दै गर्छ, उसकाकेही साथीहरू पनि छन् र उनीहरू ठीक बाटोतिर बोलाउँछन् कि हाम्रो पासमा आइहाल । भनिदिनुस् कि सहीबाटो त त्यही नै हो जुन हामीलाई अल्लाहले देखाएको छ र हामीलाई त यही आदेश प्राप्त भएको छ कि हामी आफ्नो पालनकर्ताको पूर्णरूपले आज्ञाकारी बनौं ।
Enam 6:72
७२) र यो (पनि) कि नमाज् पढ्दै गर र ऊसँग डरमान्दै गर र उही नै हो जसको सामुन्ने तिमीहरूलाई भेला गराइनेछ ।
Enam 6:73
७३) र उही त हो जसले आकाशहरू र पृथ्वीलाई सत्यका साथ बनाएको छ, र जुन दिन उसले यतिमात्र भन्ने छ कि भइहाल त त्यो भइहाल्छ । उसको कुरा साँचो र प्रभावकारी छ र जुन दिन सूर (सिंगा) फुकिन्छ त्यस दिन उसैको राज्य हुनेछ । दृश्य र अदृश्य कुराको ऊ ज्ञाता हो र उही नै बुद्धि सम्पन्न र सर्वज्ञ छ ।
Enam 6:74
७४) र त्यो समय पनि याद गर्ने योग्य छ जब इब्राहीमले आफ्नो पिता आजरसित भने के तिमीले मूर्तिहरूलाई पूजनीय ठान्दछौ ? निःसंदेह म देख्छु कि तिमी र तिम्रा समुदायका मानिसहरू खुल्लारूपमा मार्गविचलित छौ ।
Enam 6:75
७५) र यस प्रकार हामीले इब्राहीम (अलैहिस्सलाम) लाई आकाशहरू र पृथ्वीका अनौठा प्राणीहरू देखाउन थाल्यौं जसबाट पक्का विश्वासी भइहालुन् ।
Enam 6:76
७६) जब रातीको अँध्यारो फैल्यो आकाशमा एउटा तारा देखियो । भन्न थाले कि यो मेरो पालनकर्ता हो । तर जब त्यो डुब्यो (अस्तायो) त भन्न थाले कि डुबीहाल्नेहरूलाई म मायाँ गर्दिन ।
Enam 6:77
७७) अनि जब चन्द्रलाई देखे कि चम्किराखेको छ, त भन्न थाले कि यो मेरो पालनकर्ता हो, तर जब त्यो पनि अस्तायो त भन्न थाले कि, यदि मेरो पालनकर्ताले मलाई सही बाटो देखाएन भने म तिनीमध्येबाट हुनेछु जो सही बाटोबाट विचलित छन् ।
Enam 6:78
७८) फेरि जब सूर्यलाई देखे कि टल्किराखेको छ त भन्न थाले कि यो मेरो पालनकर्ता हो, यो त सबभन्दा ठूलो छ, परन्तु जब त्यो पनि अस्ताइहाल्यो, त भन्न थाले, (हे मानिसहरू) म तिमीहरूको अल्लाहसँग कसैको साझेदारी ठहाराउनेबाट मुक्त छु ।
Enam 6:79
७९) म दृढ भएर आफूलाई उसैतिर प्रवृत्त गर्दछु जसले आकाशहरू र पृथ्वीको सृष्टि गरेको छ र म मुश्रिकहरूमध्येको होइन ।
Enam 6:80
८०) र उनको समुदायका मानिसहरूले उनीसँग विवाद (तर्क) गर्न थाले तब ‘‘उनले भनेकि तिमी मसँग अल्लाहको बारेमा के विवाद गर्दछौ’’ त्यसले त मलाई सही बाटो देखाइसकेको छ र जसलाई तिमीले अल्लाहको साझेदार बनाउँछौ म तिनीसँग डराउदैन । अल्लाहको इच्छा नहुन्जेल कुनै कुरा हुँदैन । सबै कुराको जानकारी मेरो पालनकर्ताकै ज्ञानको परिधिभित्र पर्दछ । के तिमीले फेरि पनि त्यो कुराको विचार गर्दैनौ ?
Enam 6:81
८१) म ती कुराहरूसँग, जसलाई कि तिमीले अल्लाहको साझेदार ठहराउँछौ, कसरी डर मान्न सक्छु, जब कि तिमीलाई यस कुरोसँग भय छैन कि अल्लाहसँग अरुको साझेदारी ठहराउँछौ जसको लागि उसले कुनै प्रमाण उतारेको छैन ? अब दुईटै समूहमध्ये कुनचाँहि सुरक्षाको हकदार छ, यदि तिमीमा ज्ञान छ भने ।
Enam 6:82
८२) जसले र्इमान राख्दछन् र आफ्नो ईमानसँग शिर्कका कुराहरू मिसाउँदैनन्, त्यस्ताहरूकोे निम्ति सुरक्षा छ र तिनैले मार्गदर्शन प्राप्त गर्दछन् ।
Enam 6:83
८३) र यो हाम्रो तर्क थियो जुन हामीले इब्राहीमलाई उनको समुदायको विरुद्ध प्रयोग गर्न प्रदान गरेका थियौं । हामीले जसलाई चाहन्छौ उच्च दर्जा प्रदान गर्दछौं । निःसन्देह तिम्रो पालनकर्ता बुद्धि सम्पन्न र सर्वज्ञ छ ।
Enam 6:84
८४) र हामीले तिनलाई इस्हाक र यअ्कूब दियौं र सबैलाई हामीले मार्गदर्शन प्रदान गर्यौं र अघि नूहलाई पनि शिक्षा प्रदान गरेका थियौं र उनको संततिमध्ये दाऊद र सुलैमान र अय्यूब र यूसुफ र मूसा र हारूनलाई पनि, र हामीले सदाचारीहरूलाई यस्तै किसिमले पुरस्कार दिने गर्दछौ ।
Enam 6:85
८५) र जकरीया र यह्या र ईसा र इलियासलाई पनि, यी सबै सदाचारी थिए ।
Enam 6:86
८६) र इस्माईल र यस्आ र यूनुस र लूतलाई पनि र ती सबैलाई संसारका मानिसहरूमाथि श्रेष्ठता प्रदान गरेका थियौं ।
Enam 6:87
८७) र तिनीहरूका बाबु–बाजेलाई र सन्तति र दाजु भाइहरूलार्इ पनि, र हामीले तिनलाई रोजेका थियौं र सही बाटो देखाएका थियौं ।
Enam 6:88
८८) यो अल्लाहको मार्गदर्शन नै हो जसको माध्यमबाट आफ्ना दासहरूमध्ये जसलाई चाहन्छ मार्गदर्शित गर्दछ । र यदि तिनीहरूले अल्लाहसँग अरुको साझेदारी ठहराउने भए, तिनीहरूको सबै कर्महरू बर्बाद भइहाल्ने थियो ।
Enam 6:89
८९) यी त्यस्ता मानिसहरू थिए जसलाई हामीले किताब, बुद्धिमत्ता र नबूवत (दूतत्व) दिएका थियौं । यदि यिनीहरूले नबुवत मान्न इन्कार गर्दछन् भने, हामीले त्यसको लागि यस्ता मानिसहरूलाई नियुक्त गरिसकेका छौं कि तिनीहरूले ती कुराहरूबाट कहिल्यै इन्कार गर्ने छैनन् ।
Enam 6:90
९०) यी त्यस्ता मानिसहरू थिए जसलाई अल्लाहले सही बाटो देखाएको थियो, यसर्थ तिनैको उपदेशको अनुयायी बन । तपाई भनिदिनुस् कि म तिमीसित यसबारे केही बदला (पारितोषिक) माँग्दिन । यो त संसारका मानिसहरूको लागि मात्र उपदेश हो ।
Enam 6:91
९१) र तिनीहरूले अल्लाहको जुन रूपमा आदर गर्न जान्नु पर्दथ्यो, त्यो जानेनन् । जब तिनीहरूले भने कि अल्लाहले मानिसमाथि केही पनि उतारेको छैन । भन्नुस् कि जुन किताब मूसाले लिएर आएका थिए, त्यसलाई कसले प्रदान गरेको छ, यसको विशेषता हो कि यो मानिसहरूको निम्ति प्रकाश र मार्गदर्शन हो र जसलाई तिमीहरूले अलग–अलग पानामा राखिराखेका छौ, त्यसका केही भागलाई त प्रकट गर्दछौ र धेरैलाई लुकाउँछौ । तिमीहरूलाई ती धेरै कुराहरू सिकाइयो जसलाई कि न तिमी जान्दथ्यौ र न त तिम्रा ठूलाबडाले । भनिदिनुस् कि (यस किताबलाई) अल्लाहले नै उतारेको छ यसर्थ तिनीहरूलाई उनको तुच्छ कुराहरूको बक्वासमा खेलिरहन दिनुस् ।
Enam 6:92
९२) यो पनि यस्तै किताब हो जसलाई हामीले उतारेका छौं जो धेरै कल्याणकारी छ, पहिलाका किताबहरूलाई प्रमाणित गर्दछ र यस कारणले कि तपाईले मक्का र त्यसको छेउछाउमा बस्ने मानिसहरूलाई डराउन सक्नुहोस्, र जुन मानिसहरूले आखिरतको दिनमा विश्वास गर्दछन्, यस्तै व्यक्तिहरू यस किताबमा पनि आस्था राख्दछन् र आफ्ना नमाजहरूबारे नित्यता गर्दैछन् ।
Enam 6:93
९३) र त्योभन्दा ठूलो अत्याचारी को होला, जस्ले अल्लाहमाथि झूठो दोषारोपण गर्दछ अथवा यो भन्दछ कि ममाथि अल्लाहको बाणी आएको छ, जबकि त्यसमाथि कुनै पनि अल्लाहको बाणी आएको छैन, र जसले यो भन्दछ कि जुन प्रकारको किताब अल्लाहले प्रदान गरेको छ, त्यस्तो किताब म पनि ल्याउँछु । र यदि तपाईले ती अन्यायीहरूलाई त्यतिखेर देख्नु भयो जब यी अन्यायीहरू मृत्युका कष्टपूर्ण व्यथामा हुन्छन् र फरिश्ताहरू आफ्ना हातहरू बढाइराखेका हुन्छन् यो भन्दै कि आफ्ना प्राणहरू समर्पित गर, आज तिमीहरूलाई अपमानजनक सजाय दिइनेछ, किनभने तिमीहरूले अल्लाहको विरोधमा झूठा कुरा गर्ने गर्दथ्यौ र त्यसका आयतहरूलाई तिरस्कारपूर्ण अस्वीकार गर्ने गर्दथ्यौ ।
Enam 6:94
९४) र हेर जस्तो हामीले तिमीलाई प्रथम पटक सृष्टि गरेका थियौं त्यस्तै तिमी आज हाम्रो समीपमा एक्ला–एक्लै आएका छौ र जुन हामीले तिमीलाई प्रदान गरेका थियौं ती सबै कुरा आफ्नो पछाडि छोडेर आयौ, र हामीले तिम्रा साथमा भएका सिफारिश गर्नेहरूलाई पनि देख्दैनौं, जसको बारेमा तिम्रो दावी थियो कि तिनीहरू तिम्रा सहभागी हुन् । निश्चय नै तिम्रा आपसी सम्बन्धहरू त समाप्त भइहाले र जुन दावी तिमीले गर्ने गर्दथ्यौ ती सबै समाप्त भए ।
Enam 6:95
९५) निःसन्देह अल्लाहले नै बिउ र गेंडालाई चीरेर बिरुवा उमार्छ, उसैले सजीवलाई निर्जीवबाट निकाल्दछ र मृतकबाट ज्यानवालालाई निकाल्दछ । यही नै अल्लाह हो, अनि तिमी दिगभ्रान्त भई किन हिंडिराखेका छौ ।
Enam 6:96
९६) उसले (रात्रिको अंधकारबाट) विहानीको उज्यालो च्यातेर निकाल्दछ र उसैले रातिलाई विश्रामको निम्ति र सूर्य र चन्द्रलाई प्रकृयाबद्ध बनाएको छ । यो प्रमाणित कुरा हो त्यो शक्तिशाली सर्वज्ञाता (अल्लाह) को ।
Enam 6:97
९७) र उही त हो जसले कि तिम्रो लागि तारामण्डललाई सृष्टि गर्यो ताकि तिमी जंगलको र पानीको र अँध्यारोमा पनि बाटो थाहा पाउन सक । र बुद्धिमानहरूको निम्ति हामीले प्रमाणहरू खुल्लारूपमा वर्णन गरिसकेका छौं ।
Enam 6:98
९८) र उही त हो जसले तिमीलाई एक व्यक्तिबाट जन्मायो, अनि तिम्रो लागि धेरै बस्ने एउटा ठाउँ र एउटा थोरै बस्ने ठाउँ बनायो । बुझ्नेहरूको निम्ति हामीले आफ्ना आयतहरू स्पष्टरूपमा वर्णन गरेका छौं ।
Enam 6:99
९९) र उही हो जसले आकाशबाट पानी बर्षायो अनि हामीले त्यसबाट थरी–थरीका हरिया कुराहरू उब्जाउँछौ अनि त्यसबाट हरिया हरियाकोपिलाहरू निकाल्दछौ र यी कोपिलाहरूबाट तिनैसँग एक आपसमा संलग्न दानाहरू निकाल्दछौ र खजूरका गाभासित झुण्डिराखेका झुप्पा र अंगूरका बगैंचाहरू र जैतून र अनार जुनकि आपसमा एक अर्का जस्तो पनि छन् र फरक – फरक पनि छन् । यी कुरा जब फल्दछन् त तिनका फलहरूमाथि र तिनका पाक्ने अवस्थालाई हेर । यिनीहरूमा त्यस्ता मानिसहरूका लागि जसले र्इमान राख्दछन् निशानीहरू छन् ।
Enam 6:100
१००) र तिनीहरूले शैतानहरूलाई अल्लाहका साझेदार ठहराउँदछन् जब कि तिनीहरूलाई अल्लाहले नै सृष्टि गरेको हो र ती अज्ञानीहरूले(अल्लाहका) छोरा छोरीहरू बनाएका छन् तर ऊ (अल्लाह) यस्ता कुराहरूबाट मुक्त र पवित्र छ जुन तिनीहरूले उसको बारेमा भन्दछन् ।
Enam 6:101
१०१) त्यही (अल्लाह) नै आकाशहरू र पृथ्वीको स्रष्टा हो । उसलाई सन्तान कहाँबाट हुन्छ जबकि उसको कुनै पत्नी छैन र उसले प्रत्येक कुराको सृष्टि गरेको छ । र उसलाई हरेक कुराको जानकारी छ ।
Enam 6:102
१०२) यो हो अल्लाह जुन तिम्रो पालनकर्ता हो, उस बाहेक अरु कोही सत्य पूजनीय छैन, उही नै प्रत्येक कुराको सृष्टिकर्ता हो । तसर्थ तिमी उसैको उपसना गर र उही सम्पूर्ण कुराहरूको सु–सञ्चालन गर्ने संयोजक हो ।
Enam 6:103
१०३) (त्यो यस्तो छ कि) उसलाई कसैको आँखाहरूले देख्न (हेर्न) सक्तैनन् र उसले सबै आँखाहरूलाई देख्न सक्तछ र ऊ रहस्य जान्नेवाला सर्वज्ञ छ ।
Enam 6:104
१०४) अब निःसन्देह तिमीछेउ तिम्रो पालनकर्ताबाट सत्यताका प्रमाणहरू पुगिसकेका छन् तसर्थ जसले देख्यो, उसले आफ्नो भलो गरिहाल्यो र जो अन्धो बनिरह्यो त्यसले आफ्नो हकमा नराम्रो गरिहाल्यो र म तिमीहरूको लागि संरक्षक होइन ।
Enam 6:105
१०५) र हामी यस्तै किसिमबाट आफ्ना आयतहरूलाई विभिन्न तरिकाले वर्णन गर्दछौं ताकि यिनीहरू यो भनुन् कि तपाईले कसैबाट सिक्नु (पढनु) भएको छ, र ताकि बुझ्नेहरूको निम्ति हामीले त्यसको पूर्ण व्याख्या गरिहालौं ।
Enam 6:106
१०६) जुन आदेश (वह्य) तपाईको पालनकर्ताबाट तपाईलाई आउँछ, त्यसको पालना गर्नेगर र पालनकर्ता (अल्लाह) बाहेक अरु कोही सत्य पूजनीय छैन र मुश्रिकहरूबाट पन्छिने गर्नुस् ।
Enam 6:107
१०७) र यदि अल्लाहले चाहेको भए, यिनीहरूले शिर्क गर्ने थिएनन् र (हे पैगम्बर !) हामीले तपाइलाई तिनीहरूमाथि संरक्षक नियुक्त गरेको होइन र न त तपाईमाथि तिनीहरूको क्रियाकलापको सञ्चालनको जिम्मेवारी छ ।
Enam 6:108
१०८) र जसलाई यी मुश्रिकहरू अल्लाह बाहेक गुहार्छन् तिनीहरूलाई गाली नगर्नु किन भने त्यसो गरेमा यिनीहरू अज्ञानतामा अल्लाहको शानमा नराम्रो कुरा भन्ने छन् । यस प्रकार हामीले हरेक समूहका क्रियाकलापहरूलाई आकर्षक बनाएर देखाएका छौं । पछि तिनीहरूले आफ्नो पालनकर्ताछेउ फर्केर जानु छ । अनि उसले तिनीहरूलाई बताउने छ जे सुकै तिनीहरूले गर्ने गर्दथे ।
Enam 6:109
१०९) र यिनीहरूले जोड दिएर अल्लाहको कसम खान्छन् कि यदि तिनीहरूको पासमा कुनै निशानी आएको भए, त त्यसलाई अवश्य नै विश्वास गर्ने थिए । तपाई भनिदिनुस् कि निशानीहरू त सबै अल्लाहकै नियन्त्रणमा छन् र तिमीलाई के थाहा छ ? कि निशानीहरू जब आउनेछन् तब पनि यिनीहरूले ईमान ल्याउने छैनन् ।
Enam 6:110
११०) र हामीले पनि तिनका हृदय र आँखाहरूलाई फेरिदिन्छौं जस्तो कि यिनीहरू यस (कुरआन) मा पहिलो पटक ईमान ल्याएनन् । र हामी तिनलाई तिनको अट्टेरिपनामा भौतरी रहन दिन्छौं ।
Enam 6:111
१११) र यदि हामीले तिनीहरूछेउ फरिश्ताहरूलाई (स्वर्गदुतहरूलाई) पठाइदिएको भए, र मृतकहरूले तिनीहरूसँग कुरा गर्न थालेको भए, र हामीले तिनीहरूको अगाडि संसारका सबै वस्तुहरूलार्इ उपस्थित गराइदिएको भए पनि यिनीहरूले ईमान ल्याउने थिएनन् । जबसम्म अल्लाह स्वयम्ले चाँहदैन्, तर उनीहरूमध्ये अधिकांश अज्ञानी छन् ।
Enam 6:112
११२) र यस्तै प्रकारले हामीले मानिस तथा जिन्नमध्येका शैतानहरूलाई हरेक पैगम्बरको शत्रु बनाएका थियौं । तिनीहरूमध्ये केहीले एक अर्काको मनमा चिल्लो चाप्लुसी कुराहरू धोखा दिने उद्देश्यले गर्दथें । यदि अल्लाहले चाहेको भए तिनीहरूले त्यस्तो काम गर्ने थिएनन् । तसर्थ तिनीहरूलाई तथा तिनीहरूले जे जति मन गढन्तरूपमा गर्दछन्, सबै छाडिदेऊ ।
Enam 6:113
११३) र जुन मानिसले परलोकको दिनलाई विश्वास गर्दैनन् तिनीहरूको हृदय तिनीहरूको कुरा (धोखा) तिर प्रवृत होउन् र त्यसलाई रुचाउन् र तिनीहरूले गर्ने काममा उनीहरू पनि लिप्त रहुन् ।
Enam 6:114
११४) त के म अल्लाहलाई छोडेर अरु कसैलाई न्याय गर्नको लागि खोजूँ जब कि उसले पूर्ण विस्तारकोसाथ एउटा किताब तिम्रो लागि पठाएको छ? यसका शीर्षकहरू स्पष्टसंग वर्णन गरिएका छन् । र जसलाई हामीले (पहिले) किताब प्रदान गर्यौं तिनीहरू जान्दछन् कि त्यो सत्य किताब तिम्रो पालनकर्ताको तर्फबाट उतारिएको हो, तसर्थ तपाई शंका गर्नेमध्येबाटको नहुनु ।
Enam 6:115
११५) र तिम्रो पालनकर्ताको कुरा सत्यता र न्यायको दृष्टिले पूर्ण छ त्यसको आदेश कसैले परिवर्तन गर्न सक्दैन र ऊ सबै सुन्ने र जान्नेवाला छ ।
Enam 6:116
११६) प्रायः यस संसारमा धेरै यस्ता मानिसहरू छन् यदि तपाईले तिनीहरूले भनेको कुरा मान्न थाल्नु भयो भने, तिनीहरूले तपाईलाई अल्लाहको बाटोबाट विचलित गराइदिनेछन् । यिनीहरू अप्रमाणिक विचारमा हिँडदछन् र नितान्त अटकलबाजीको कुरा गर्दछन् ।
Enam 6:117
११७) निःसन्देह तपार्इको पालनकर्ता तिनीहरूलाई राम्ररी जान्दछ कि को उसको बाटोबाट विचलित छ र तिनीहरूलाई पनि राम्ररी जान्दछ जो उसको बाटोमा हिंडिराखेका छन् ।
Enam 6:118
११८) तसर्थः जुन जनावरमाथि अल्लाहको नाम लिइन्छ त्यसबाट खानु यदि तिमी अल्लाहका आयतहरूमाथि ईमान राख्दछौ भने ।
Enam 6:119
११९) अनि के कारणले जुन जनावरमाथि अल्लाहको नाम लिइएको छ तिमीले त्यसबाट खाँदैनौ, जबकि तिम्रो लागि वर्जित गरिएका सबै जनावरहरू एक एक गरी वर्णन गरिसकिएको छ । तर त्यस अवस्था बाहेक जब कि ती कुरा खानुको निम्ति बाध्य भइहाल्छौ तर धेरै जसो मानिसहरू बिना जानी बुझी आफ्नो इच्छा पूर्तिको लागि मानिसहरूलाई ढाँटीरहेका छन् । यसमा कुनै शंका छैन कि जो सीमाभन्दा बाहिर गइहाल्छन्, तिनीहरूलाई तिम्रो पालनकर्ता राम्ररी जान्दछ ।
Enam 6:120
१२०) र तिमीले देखिने र नदेखिने हरेक प्रकारको पापलाई परित्याग गरिहाल । जुन मानिसहरूले पाप कमाउँदछन् तिनीहरू निश्चयनै निकट भविष्यमा आफ्नो यस कमाईको सजाय पाउनेछन् ।
Enam 6:121
१२१) जुन जनावरमा अल्लाहको नाम लिइन्न त्यसलाई नखाऊ किन भने निःसन्देह त्यो आज्ञाको उल्लंघन हो । र शैतानहरूले (यस्ताकुराहरू) आफ्ना साथीहरूको हृदयमा हालिदिन्छन्, जसकारण तिनीहरूले तिमीसंग झगडा गरुन् । यदि तिमी तिनीहरूले भने अनुसार हिंड्यौ भने निश्चय नै तिमी पनि मुश्रिक नै हुनेछौ ।
Enam 6:122
१२२) के यस्तो व्यक्ति जुन पहिले मृत थियो र हामीले उसलाई जीवन प्रदान गर्यौं र जसको लागि एउटा प्रकाश उपलब्ध गरायौं त्यसलार्इ साथमा लिएर ऊ व्यक्तिहरूबिच हिँडने–डुल्ने गर्दछ । के त्यस्तो व्यक्ति, त्यो व्यक्ति सरह हुनसक्तछ जुन अन्धकारमा छ र कुनै पनि तरिकाले त्यहाँबाट बाहिर निस्कन सक्दैन ? यस्तै काफिरहरूको लागी उनीहरूका क्रियाकलापहरू आकर्षक लाग्ने गर्दछन् ।
Enam 6:123
१२३) र यस्तै प्रकारले हामी प्रत्येक बस्तीमा तिनीहरूका ठूला–बडालाई नै अपराध गर्न लगायौं, जसबाट ती ठाउँमा तिनीहरूले छलकपट (षड्यन्त्र) को जाल फैलाइराखुन् । वास्तवमा तिनीहरू आफ्नो छलकपटको जालमा स्वयम् फस्दैछन् तर तिनीहरू यसबारे अनभिज्ञ छन् ।
Enam 6:124
१२४) र जब तिनीहरू सामु कुनै आयत (निशानी) आउँदछ त तिनीहरूले भन्दछन् कि, ‘‘जुन किसिमको रिसालत (दूतत्व) अल्लाहको रसूलहरूलाई दिइएको छ, त्यस्तै रिसालत हामीहरूलाई नदिऊञ्जेल हामीले कदापि ईमान ल्याउने छैनौं’’ । अल्लाहले राम्ररी जान्दछ कि, आफ्नो सन्देश पुर्याउने काम कोबाट लिने र कुन प्रकारले दिने । नजिक छ त्यो समय जब यी अपराधिहरूले आफूले गरेको क्रियाकलापको बदलामा अल्लाहकहाँ अपमानित हुनेछन् र कठोर यातना भोग्नुपर्नेछ ।
Enam 6:125
१२५) तसर्थ जुन मानिसलाई अल्लाहले चाहन्छ कि, मार्गदर्शन प्राप्त गरोस्, उसको छाती इस्लामको लागि फराकिलो गरिदिन्छ र जसलाई विचलित गर्ने इच्छा राख्दछ उसको छातीलाई साँगुरो पारिदिन्छ मानौ त्यो आकाशमा चढिराखेको छ र यस्तै अल्लाहले पापको दुर्गन्ध त्यस व्यक्तिमाथि थोपारिदिन्छ, जसले ईमान ल्याउदैन ।
Enam 6:126
१२६) यही नै तिम्रो पालनकर्ताको सिधा मार्ग हो । हामीले उपदेश मान्ने व्यक्तिहरूको लागि यी आयतहरूलाई स्पष्ट वर्णन गरिदिएका छौं ।
Enam 6:127
१२७) तिनीहरूको लागि तिनीहरूको पालनकर्ताकहाँ शान्तिघर छ र तिनीहरूले राम्रो कर्मको नीति अपनाए बापत अल्लाह नै तिनीहरूको संरक्षक हो ।
Enam 6:128
१२८) जुन दिन अल्लाहले ती सबै प्राणी (जिन्न र मानिसहरू) लाई एकत्रित गर्नेछ र जिन्नहरूलाई सम्बोधित गर्दै भन्नेछ कि, ‘‘हे जिन्नहरूको समूह, तिमीहरूले त मानिसहरूबाट धेरै फाइदा लिइसक्यौ’’ । त्यसबेला मानिसमध्ये तिनका जो मित्र थिए, तिनीहरू निवेदन गर्नेछन् कि, ‘‘पालनहार ! हामीमध्ये एकले अर्काबाट धेरै फाइदा लिने गर्यौं र अब हामी त्यस म्यादमा पुगिसकेका छौं जुन तिमीले हाम्रो लागि (निर्धारित) गरिदिएका थियौ’’ अल्लाहले भन्ने छ कि, ‘‘तिमी सबैको ठेगाना अब नर्क हुनेछ । त्यसमा तिमी सदैव रहनेछौ ।’’ तर जसलाई अल्लाहले बचाउन चाहन्छ, उसको कुरो अर्कैछ । निःसन्देह तिम्रो पालनकर्ता ठूलो तत्वदर्शी र सर्वज्ञ छ ।
Enam 6:129
१२९) र यसै प्रकार (परलोकमा) हामीले अत्याचारीहरूलाई, तिनीहरूका क्रियाकलापलेगर्दा जुन कि तिनीहरूले गर्दथे, एक अर्काको (नर्कको) साथी बनाइदिनेछौं ।
Enam 6:130
१३०) ‘‘हे जिन्न र मानिसहरूको समूह । के तिमीहरूनिर तिमीहरूमध्येबाटै पैगम्बरहरू आएका थिएनन्, जसले मेरा आयतहरू (नियमहरू) तिमीलाई पढेर सुनाउँदथे र तिमीलाई आजको दिनको खबर दिदैनथे ?’’ तिनीहरूले विन्ती गर्नेछन् कि, ‘‘हो आउँदथे हामी आफ्नो पाप आफै स्वीकार्दछौं ।’’ यिनीहरूलाई सांसारिक जीवनले भ्रममा पारिराखेको छ र त्यस समयमा तिनीहरू स्यवम्ले आफ्नो विरुद्ध आफै साक्षी हुनेछन कि, तिनिहरू काफिर थिए ।’’
Enam 6:131
१३१) (हे मुहम्मद !) यो यस कारणले हो कि तपाईको पालनकर्ताले कुनै बस्तीका बासिन्दाहरूलाई उनीहरूको कुफ्रको कारण यस अवस्थामा समाप्त गर्दैन कि त्यहाँका बासिन्दाहरू सत्यदेखि अपरिचित होउन् ।
Enam 6:132
१३२) र कर्मलाई दृष्टिगत गरी सबै व्यक्तिका दर्जाहरू निर्धारित छन् र जुन कर्म यिनीहरूले गर्दछन्, अल्लाह त्यसबाट अनभिज्ञ छैन ।
Enam 6:133
१३३) र तपाईको प्रतिपालक धेरै सम्पन्न र दयावान छ, उसले चाहेको खण्डमा तिमी सबैलाई (दुनियाँबाट) समाप्त गर्न सक्छ र तिम्रो ठाउँमा जसलाई चाहन्छ उपस्थित गर्न सक्छ, जस्तो कि तिमीलाई उसले अरु मानिसहरूको वंशबाट सृष्टि गरेको छ ।
Enam 6:134
१३४) कुनै सन्देह छैन कि जुन वचन तिमीलाई दिइन्छ त्यो पूरा हुनेवाला छ र तिमीमा त्यसलाई रोक्ने सामथ्र्य छैन ।
Enam 6:135
१३५) (हे नबी) भनिदिनुस् कि मानिसहरू हो तिमीहरू आफ्नो ठाउँमा कर्म गर्दै जानु र म आफ्नो ठाउँमा कर्म गर्दै रहन्छु । चाडै नै तिमीले प्रतिफल थाहा पाउनेछौ कि आखिरतमा (वहिश्तमा) कसको घर हुनेछ । निःसन्देह यो सत्य छ कि अत्याचारीहरूलाई कहिलै सफलता प्राप्त हुनेछैन ।
Enam 6:136
१३६) र अल्लाहले जुन कृषि र चौपाया सृष्टि गरेको छ यिनीहरूले त्यसमध्येबाट अल्लाहको लागि एक भाग निर्धारित गरेका छन् र आफ्नो विचारले भन्दछन् कि यो भाग अल्लाहको र यो हाम्रो साझेदारहरूको हो (मूर्तिहरूको), तसर्थ जुन (भाग) तिनीहरूको साझेदारको हुन्छ, त्यो अल्लाहतिर पुग्दैन र जुन (भाग) अल्लाहको हुन्छ त्यो तिनका साझेदारहरूतिर पुगीहाल्छ । कति नराम्रो निर्णय यिनीहरूले गर्दछन् ।
Enam 6:137
१३७) यसै प्रकारले धेरै जसो बहुदेववादीहरूको विचारमा तिनका साझेदारहरूले आफ्नो सन्तानहरूलाई मारिदिने कुरा सुहाँउदो बनाइदिएका छन् । ताकि तिनीहरूलाई नष्ट पारिदेऊन् र तिनको लागि तिनको धर्मलाई संदिग्ध गरिदेउन् । र यदि अल्लाहले चाहेको भए तिनीहरू यस्तो गर्न सक्दैनथे । तसर्थ तिनीहरूलाई र तिनीहरूको मिथ्याकुरालाई जस्ताको त्यस्तै छाडिदिनुस् ।
Enam 6:138
१३८) तिनीहरूले आफ्नो विचारमा यो पनि भन्दै छन्ः कि ‘‘यो जनावर र खेती वर्जित र सुरक्षित छन् जसको उपभोग सबैको लागि जायज छैन केवल त्यस व्यक्तिले उपभोग गर्न सक्छ जसलाई हामीले चाहनेछौं ।’’ र केही चौपाया यस्ता छन् कि तिनको पिठ्युँमा चढ्न वा केही कुरा बोकाउन रोक लगाइएको छ । र केही पशुहरू यस्ता छन् जसमाथि (काट्ने जब्ह गर्ने बेला) अल्लाहको नाम लिदैनन् । यी सबै अल्लाहमाथि यिनीहरूले रचेका असत्य कुरा हुन् । अल्लाहले तिनीहरूलाई तिनको झूठको प्रतिफल छिटै नै दिनेछ ।
Enam 6:139
१३९) यो पनि भन्छन्ः कि, जुन कुरा (बच्चा) यी चौपायहरूको पेटमा छन् त्यो विशेषरूपले हाम्रा पुरुषहरूको लागि हो र हाम्रा स्वास्नी मानिसहरूको लागि त्यो हराम छ । यदि त्यो बच्चा मृत जन्मन्छ भने त्यसमा सबैको साझेदारी छ (सबैले खान सक्छन्) । छिट्टै अल्लाहले तिनीहरूलाई तिनका मनगढन्त कपोलकल्पित कुराको सजाय दिनेछ । निःसन्देह ऊ ठूलो तत्वदर्शी र सर्वज्ञ छ ।
Enam 6:140
१४०) निःसन्देह ती मानिसहरू घाटामा परीहाले जुन आफ्नो सन्तानलाई मूर्खता र अज्ञानताको कारणले हत्या गरे र अल्लाहमाथि मिथ्या कुरागर्दा उसले प्रदान गरेको जीविकालाई वर्जित बनाए । वास्तवमा तिनीहरू पथविचलित भइहाले र कहिले पनि उनीहरू सत्य मार्गदर्शन प्राप्त गर्नेमध्येका हुने छैनन् ।
Enam 6:141
१४१) र उही हो जसले धेरै बगैचाहरू उत्पन्न गर्यो । टाटी, बान्नो वा थाङ्गरामा चढने लतावाला र छानामाथि नचढने बिना लतावाला पनि । र खजूर र खेती पनि जसबाट विभिन्न प्रकारका खाद्यपदार्थ प्राप्त हुन्छन्, जैतून र अनार पनि जो एक–आपसमा मिल्दछन् र फरक पनि हुन्छन् । यिनीहरूको फल खानु जुन दिन ती फल टिपिन्छ वा काटिन्छ तिनीहरूको भाग (दान) पनि दिनु र सीमाभन्दा अघि नबढनु, निःसन्देह अल्लाहले सीमादेखि अघि बढ्नेलाई रूचाउँदैन ।
Enam 6:142
१४२) र उसले चौपायामध्ये भारी बोक्नको लागि केही ठूलो र केही सानो जनावर सृष्टि गर्यो । अल्लाहले तिमीलाई जुन कुरा प्रदान गरेको छ त्यसको उपभोग गर र शैतानको अनुशरण नगर किनकि त्यो तिम्रो स्पष्ट शत्रु हो ।
Enam 6:143
१४३) उसले आठ भाले–पोथी चौपायाहरू सृष्टि गर्याे दुई भेडाबाट र दुई बाख्राबाट । हे पैगम्बर ! तिनीहरूसँग भन्नुस् कि के अल्लाहले दुवैका भालेहरूलाई त्याज्य बनाएको छ वा दुवैको पोथीहरूलाई ? वा उसलाई जुन दुवै पोथीको गर्भमा हुनेछ ? यदि तिमी साँचो हौे भने कुनै तर्कको आधारमा मलाई भन ।’’
Enam 6:144
१४४) र दुई ऊँटको जातिबाट र दुई–दुई गाईको जातिबाट (तिनीहरूसित) सोध्नुस् कि, के अल्लाहले दुवैका भालेलाई त्याज्य गरेको छ वा दुवैको पोथीहरूलाई? वा त्यसलाई जुनकि दुवै पोथीको गर्भमा छ ? के तिमी त्यस समयमा उपस्थित थियौ जब अल्लाहले (अवैध हुने) आदेश तिनीहरूलाई दिएको थियो ? र त्यस मानिसभन्दा ठूलो अन्यायी अरु को हुनसक्छ जसले मानिसहरूलाई मार्गविचलित गर्नुको लागि अज्ञानतापूर्वक अल्लाहमाथि झूठो कुराको दोषारोपण गर्दछ । कुनै सन्देह छैन कि अल्लाह अत्याचारीहरूलाई सही मार्ग देखाउँदैन ।’’
Enam 6:145
१४५) (हे नबी) यिनीहरूलाई भनिदिनुस्ः ‘‘कि, जुन आदेश ममाथि ‘‘वह्य’’ मार्फत उतारिएको छ त्यसमा मैले कुनै चिज त्यस्तो पाउँदिन जुन खानेले खान्छन् तर त्यसललाई वर्जित गरिएको होस् । त्यस बाहेक यदि त्यो मृतक पशु होस् वा बगिरहेको रगत वा सुँगुरको मासु होस् किनभने यी सबै बिल्कुल अपवित्र हुन् वा अर्को कुनै कुरा जुन मर्यादाको खिलाफ होस् । जसमा अल्लाह बाहेक अरु कसैको नाम लिएको हुन्छ, तर विवश भएको अवस्था बाहेक, यस शर्तमा कि बिवशतामा खाने मानिसले स्वादको लागि खाएको नहोस् न त ऊ सीमालाई नै नाघ्ने व्यक्ति छ । तब निश्चय नै तिम्रो पालनकर्ता क्षमादाता र दयावान छ ।
Enam 6:146
१४६) र यहूदीहरूको निम्ति हामीले नङ्ग भएका सम्पूर्ण जनावरहरूलाई वर्जित गरेका थियौं, र गाई र बाख्राको बोसो हराम गरिदिएका थियौं, तर त्यस बाहेक जुन (बोसो) तिनीहरूको पिठ्युमा टाँसिएको हुन्छ वा आन्द्रामा लागेको हुन्छ वा हाडमै टासिएको हुन्छ । यो सजाय हामीले तिनीहरूलाई तिनीहरूको बदमाशीको कारण दिएका थियौं, र निश्चय नै हामी साँचो हौं ।
Enam 6:147
१४७) फेरि यदि तिनीहरूले तपाईलाई झूठा भन्छन् त भनिदिनुस् कि तिम्रो पालनकर्ता अत्यन्त दयावान छ तर अत्याचारीहरूको लागि उसको सजाय अटल छ ।
Enam 6:148
१४८) यी मुश्रिकहरूले (उत्तरमा) भन्ने छन्ः कि, यदि अल्लाहले चाहेको भए हामीले अल्लाहको साझेदार ठहराउने थिएनौं र नत हाम्रा बाबु बाजेहरूले नै गर्दथे नत हामीले कुनै कुरालाई त्याज्य ठहराउदथ्यौं, यस्तै यिनीहरूका पूर्वजले पनि सत्य कुरालाई गलत भन्ने गरेका थिए, यहाँसम्म कि हाम्रो सजायको स्वाद तिनीहरूले चाखे । (तिनीहरूलाई) भन्नुस् कि, के ‘‘तिमीहरूसँग कुनै प्रमाण छ, जसलाई हाम्रो सामु प्रस्तुत गर्न सक्छौ ? तिमीहरू त मात्र अनुमानमा हिंड्दछौ र मिथ्या कुरा गर्दछौ ।’’
Enam 6:149
१४९) तपार्इ भन्नुस् कि, पूरै विवाद अल्लाहकै लागि रह्यो यदि उसले चाहेको भए तिमी सबैलाई मार्गदर्शन प्रदान गर्ने थियो ।
Enam 6:150
१५०) तपार्इ भन्नुस् कि, आफ्नो साक्षीहरूलाई ल्याऊ, जसले गवाही देउन् कि अल्लाहले यी कुराहरूलाई त्याज्य बनाएको छ । अनि यदि तिनीहरू आएर गवाही दिन्छन् भने तपाई तिनीहरूको साथ साक्षी नबस्नुस् र कदापि तिनीहरूको इच्छाको पछि नहिड्नु जसले हाम्रा आयतहरूलाई गलत भनिराखेका छन् र जो परलोकको दिनमा विश्वास गर्दैनन्, र आफ्नो पालनकर्ताको समकक्ष अरुलाई पनि ठान्दछन् ।
Enam 6:151
१५१) (हे नबी) तपार्इ भन्नुस् कि (हे मानिसहरू !) आऊ म तिमीहरूलाई ती कुरा सुनाउँछु जसको (विरोध गर्न) तिम्रो पालनकर्ताले तिम्रो लागि रोक लगाएको छ, ती यी हुन् कि कुनै कुरालाई अल्लाहसँग नदाँज्नु (साझेदार नबाउनु) र आमा–बुवासँग राम्रो व्यवहार गर्नु र दरिद्राताको भयले आफ्नो सन्तानहरूलाई नमार्नु । (किनभने) तिमीलाई र उनलाई हामीले नै जीविका प्रदान गर्दछौं, र हरेक प्रकारको निर्लज्ज कुराको नजिक नजानु, खुल्लारूपमा होस् वा गोप्यरूपमा । र जुन प्राणीको ज्यान मार्न अल्लाहले रोक लगाएको छ, उसको ज्यान नलिनु । तर यस नियमको पालनामा हक–इन्साफको निम्ति गरिएको बाहेक । यी कुराहरूको पालनाको लागि अल्लाहले तिमीलाई सचेत गरेको छ, कि तिमी सम्झ ।
Enam 6:152
१५२) र अनाथको सम्पत्तिको समीप पनि नजानु, तर यस्तो तरिकाले जुन कि तिनीहरूको हितमा होस्, तिनीहरू साबालक नहुन्जेलसम्म, र नाप–तौलको काम न्यायपूर्ण तरिकाले गर्नेगर । हामी हरेक व्यक्तिमा उत्तरदायित्वको भारी त्यति नै राख्दछौ जति कि उसको सामथ्र्य छ । र जब तिमी कुरा गर्छौ न्यायको गर, चाहे त्यो विषय तिम्रा नातेदार आफन्तीको नै किन नहोस् र अल्लाहसँग गरेको वाचा पूरा गर, यी कुराहरूको लागि अल्लाहले तिमीलाई विशेष आदेश दिएको छ कि सदैंव तिमीले सम्झिराख ।
Enam 6:153
१५३) र आदेश यो छ कि यो धर्म मेरो सोझो बाटो हो, तिमी यसैमा हिंड्नु र अन्य मार्गमा नहिंड्नु किनभने त्यसमा हिंडेपछि अल्लाहको मार्गबाट विचलित भैहाल्नेछौं । यसको विशेष आदेश तिमीलाई अल्लाहले दिएको छ जसबाट तिमी आत्मसंयमी बन्नसकौ ।
Enam 6:154
१५४) फेरि हामीले मूसालाई यस्तो किताब प्रदान गरेका थियौं, जुन राम्रोकाम गर्ने मानिसहरूको लागि पुरा उपहार होस्, र सम्पूर्ण वस्तुहरूबारे आवश्यक निर्देशन होस् र जसमा सही मार्गको सूचना र दयालुताको वर्णन गरिएको होस्, जसको कारण उनका अनुयायीहरूले आफ्नो पालनकर्तासंगको साक्षात्कारमा विश्वास गरुन् ।
Enam 6:155
१५५) र यो किताब (कुरआन) हामीले उतारेका हौं, भलाई र वरदानको रूपमा तसर्थ यसको अनुशरण गर र डर मान जसबाट तिमीमाथि दया गरियोस् ।
Enam 6:156
१५६) तिमीले यसो नभनः कि हामीभन्दा पहिला दुईवटा समूहमाथि मात्र किताब उतारिएको हो र हामी यसको पाठनबाट अनभिज्ञ थियौं ।
Enam 6:157
१५७) अथवा यो नभन कि यदि हामीमाथि पनि किताब उतारिएको भए हामी तिनीहरूको दाँजो अझ सही बाटोमा हुने थियौं । तसर्थ तिम्रो समीपमा तिम्रो पालनकर्ताको तर्फबाट स्पष्ट, मार्गदर्शनको माध्यम र वरदान आइसकेको छ । अब त्योभन्दा ठूलो अत्याचारी को होला, जसले अल्लाहको आयतहरूलाई झुठो भन्दछ र त्यसबाट अरुलाई विमुख गर्दछ । जसले हाम्रो आयतहरूबाट विमुख गर्दैछन् (त्यस विमुखताको कारण) छिटै हामीले तिनलाई कडाभन्दा कडा सजाय दिने नै छौं ।
Enam 6:158
१५८) के यिनीहरू यस कुराको मात्र प्रतिक्षा गरिराखेका छन् कि, तिनीहरू छेउ स्वर्गदूतहरू (फरिश्ता) आउन् वा स्वयम् तिम्रो पालनकर्ता नै आउन्, वा तिम्रो पालनकर्ताको कुनै ठूलो निशानी आओस् ? जुन दिन तिम्रो पालनकर्ताबाट कुनै विशिष्ट निशानी आउनेछ (त्यतीखेर) जसले पहिलादेखि आस्था राख्दैन उसको लागि कुनै फाइदा हुनेछैन, वा उसले आफ्नो ईमानको अवस्थामा कुनै असल कर्म गरेकै छैन । हे पैगम्बर ! तिनीहरूसित भनिदिनुस् कि तिमीहरूले प्रतिक्षा गर, हामीले पनि प्रतिक्षा गर्दछौं ।
Enam 6:159
१५९) निःसन्देह जुन मानिसहरूले आफ्नो धर्मलाई धेरै भागमा विभाजित गरे र स्वयं समूहमा विखण्डित भए, तिनीहरूसित तपार्इको कुनै सम्बन्ध छैन । तिनीहरूको हिसाब किताब अल्लाहको जिम्मामा छ । उसैले तिनीहरूलाई बताइदिने छ, कि के कति तिनीहरूले गरेका छन् ।’’
Enam 6:160
१६०) जसले सत्कर्म गर्दछ उसले त्यसको दशगुणा प्रतिफल पाउनेछ र जसले दुष्कर्म गर्दछ उसले त्यतिनै सजाय पाउनेछ, जति उसले अपराध गरेको छ । र तिनीहरूमाथि कुनै अन्याय गरिने छैन ।
Enam 6:161
१६१) भनिदिनुस् कि मलाई मेरो पालनकर्ताले सोझो बाटो देखाइसकेको छ, त्यो एउटा सम्पूर्ण धर्म हो जुन बाटो हो इब्राहीमको जो मात्र अल्लाहको उपासक थिए र उनी मुश्रिकहरूमध्येका थिएनन् ।’’
Enam 6:162
१६२) यो पनि भनिदिनुस् कि मेरो नमाज, र मेरो सबै इबादत (उपासना) निश्चितरूपले र मेरो जीवन र मृत्यु सबै अल्लाहकै लागि हुन्, जो सम्पूर्ण ब्रह्माण्डको स्वामी हो ।
Enam 6:163
१६३) उसको कोहि साझेदार छैन । र मलाई यही कुराको आदेश भएको छ र म आज्ञापालकहरूमध्ये पहिला हूँ ।
Enam 6:164
१६४) तपाई भन्नुस् कि के म अल्लाह बाहेक अरु पालनकर्ता खोजूँ ? जब कि उही प्रत्येक कुराको मालिक हो । र जसले जे कर्म गर्दछ, त्यसको हानि नोक्सानी त्यसैलाई नै हुन्छ । र कसैले कसैको पापको भारी बोक्ने छैन, अनि तिमी सबैलाई आफ्नो पालनकर्ताछेउ नै फर्केर जानुपर्ने छ । अनि उसले तिमीहरूले उठाएको प्रत्येक विवादको बारेमा तिमीहरू सामु खुलस्त पार्नेछ ।
Enam 6:165
१६५) र उही त हो जसले तिमीलाई पृथ्वीको उत्तराधिकारी (नायक) बनायो र एकलाई अर्कोमाथि उच्च ओहदा प्रदान गर्यो, जसबाट जे–जति उसले तिमीलाई प्रदान गरेको छ, त्यसमा तिम्रो परीक्षा गरोस् । निःसन्देह तिम्रो पालनहारले छिटै सजाय दिनेवाला छ, र ऊ ठूलो क्षमादाता र दयावान पनि छ ।
A'raf 7:1
१) अलिफ्–लाम–मीम–साद ।
A'raf 7:2
२) (हे मुहम्मद !) यो एउटा किताब हो, जुन तपाईमाथि अवतरित गरिएको छ, (उद्देश्य यो हो कि) यसबाट डर देखाउने गर्नुस, अतः तपाईको हृदयमा संक्रीर्णता नहोस् र यो ईमान ल्याएकाहरूको लागि उपदेश हो ।
A'raf 7:3
३) (मानिसहरू !) जुन किताब तिमीमाथि तिम्रो पालनकर्ताको तर्फबाट अवतरित गरिएको छ त्यसको अनुशरण गर र आफ्नो प्रतिपालकलाई छोडेर अरु मनगढ़न्ते अगुवाहरूको अनुशरण नगर । अतः तिमीहरू एकदम थोरै उपदेश स्वीकार गर्दछौ ।
A'raf 7:4
४) र धेरै बस्तीहरूलाई हामीले नष्ट गरिदियौं, जसमाथि हाम्रो (प्रकोप) सजाय (एक्कासी) रातीको बेला आयो वा दिनमा जुनबेला तिनीहरू दिउँसोको विश्राम गर्दथे ।
A'raf 7:5
५) जुन बेला उनीहरूमाथि हाम्रो सजाय आउँदथ्यो, तिनीहरूको मुखबाट यही नै निस्क्यो अफसोच ! हामी अत्याचारी थियौं ।
A'raf 7:6
६) अतः हामीले तिनीहरूबाट सोधपूछ गर्नेछौं जोतिर हामीले पैगम्बर पठाएका थियौं, र पैगम्बरलाई पनि सोध्छौं ।
A'raf 7:7
७) फेरि हामीसंग पूर्ण ज्ञानभएकोले (तिनका सम्पूर्ण वृतान्त) उनको सामु वर्णन गर्नेछौं र हामी कहिले पनि अज्ञान (बेखबर) थिएनौं ।
A'raf 7:8
८) र त्यसदिन कर्मको तराजुको तौल निश्चित हुनेछ । तसर्थ जुन मानिसहरूका कर्मको तुला ग्रहुङ्गो हुनेछ, ती नै सफलता प्राप्त गर्नेवाला हुनेछन् ।
A'raf 7:9
९) र जुन मानिसको (कर्मको) तुला हलुङ्गो हुनेछ ती मानिसहरू हुन् जसले कि, आफूलाई घाटामा पारे, किनभने हाम्रो आयतहरूबारे अन्याय गर्दथे ।
A'raf 7:10
१०) र हामीले नै पृथ्वीमा तिम्रो बासस्थान बनायौं र यसबाट तिम्रो निम्ति जीविकाका साधानहरू सृजना गर्यौं (तर) तिमीले कमै आभार व्यक्त गर्दछौ ।
A'raf 7:11
११) र हामीले तिमीलाई सृष्टि गर्यौं, अनि तिम्रो रूप आकार बनायौं त्यसपछि फरिश्ताहरूलाई आदेश गर्यौं कि आदमको अगाडि ढोग, र सबैले ढोगे, तर इब्लीस (शैतानहरूको नायक) ढोग्नेहरूमा शामिल भएन ।
A'raf 7:12
१२) अल्लाहले भन्यो ‘‘तिमी हौ जस्ले ढोगेनौ तिमीलाई यसबाट कुन कुराले रोक्यो जब कि मैले तिमीलाई आदेश गरें?’’ उसले भन्योः कि, ‘‘म त्यसभन्दा श्रेष्ठ छु । मलाई तपाईले आगोबाट सृष्टि गर्नु भएको हो र उसलाई माटोबाट ।’’
A'raf 7:13
१३) अल्लाहले आदेश गर्यो तँ आकाशबाट तल झरिहाल तँलाई उचित छैन कि यहाँ घमण्ड गर तसर्थ गइहाल । निःसन्देह तिमी अपमानित व्यक्तीहरूमध्येका हौ ।
A'raf 7:14
१४) उसले भन्यो कि, मलाई कियामत (प्रलय)को दिनसम्म छूट प्रदान गरिदिनुहोस् ।
A'raf 7:15
१५) अल्लाहले भन्यो ठीक छ, ‘‘तँलाई छूट प्रदान गरिन्छ ।’’
A'raf 7:16
१६) अनि शैतानले भन्यो कि जसप्रकार तपाईले मलाई तिरस्कृत गर्नुभयो म शपथलिन्छु कि तिम्रो सोझो बाटोबाट उनीहरूलाई मार्ग विचलित गर्नुको लागि घातलगाई बसिराख्ने छु ।
A'raf 7:17
१७) अनि तिनका अगाडि र पछाडि र दायाँ र बायाँ चारैतिरबाट उनीहरूमाथी आक्रमण गर्नेछु । र तिमीले तिनीहरूमध्ये धेरैलाई कृतज्ञ पाउँने छैनौं ।
A'raf 7:18
१८) अल्लाहले आदेश गर्यो, यहाँबाट ‘‘निक्ली हाल’’ घृणित र अपमानित भएर । निःसन्देह तिनीहरूमध्ये जुन मानिसहरूले तेरो भनाई मान्नेछन् मैले तँलाई र तिनीहरूलाई नर्कमा हालेर नर्कलाई नै भरिदिनेछु ।’’
A'raf 7:19
१९) र हामीले आदेश दियौं कि हे आदम तिमी र तिम्रो श्रीमती दुबै यस वहिश्त (स्वर्ग) मा बसोबास गर जहाँ तिमीहरूलाई जुन कुरा खान मन पर्छ खाऊ तर त्यस रुखछेउ नजानु अन्यथा अन्यायीमध्येका भइहाल्नेछौ ।
A'raf 7:20
२०) त्यसपछि शैतानले ती दुवैको मनमा कौतुहलको सृजन गरिदियो जसबाट तिनीहरूको गुप्ताङ्गहरू जुन एकअर्कासंग लुकाइएको थियो, तिनीहरूको अगाडि खोलिदेओस् । उसले भन्न थाल्यो कि, तिमीहरूलाई तिम्रो पालनकर्ताले यस रुखबाट मात्र यस कारणले रोकेको छ कि तिमी दुवै फरिश्ता (स्वर्गदूत) नबनिहाल वा तिमीहरूलाई शाश्वत अमरत्व प्राप्त भएर नजाओस् ।
A'raf 7:21
२१) तिनीहरूको समक्ष (शैतानले) शपथ खाएर भन्यो कि म तिम्रो हितैषी हूँ ।
A'raf 7:22
२२) यस प्रकार धोखा दिएर उसले ती दुवैलाई विस्तारै आफ्नो पापतिर आकृष्ट गरिहाल्यो । जब तिनीहरू दुवैले त्यस रुखको फलको स्वाद चाखे तब तिनीहरूका गुप्ताङ्गहरू एक अर्का अगाडि प्रकट भैहाले । र तिनीहरूले स्वर्गको पातबाट आफ्नो शरीर ढाँक्न थाले । त्यसपछि तिनको पालनकर्ताले तिनीहरूलाई सम्बोधन गर्दै भने कि, के मैले तिमीहरूलाई यस वृक्षबाट रोक लगाएको थिएन ? र भनेको थिएन कि, शैतान तिम्रो खुल्लारूपमा शत्रु हो ?
A'raf 7:23
२३) दुवैले भन्न थाले कि, ‘‘हे हाम्रो पालनहार हामीले आफ्नो लागि ठूलो नोक्सान गर्यौं, अब यदि तिमीले हामीलाई क्षमा गर्दैनौ र दया गर्दैनौ भने निश्चिय नै हामी घाटा पाउनेमध्येका भैहाल्छौं ।
A'raf 7:24
२४) अल्लाहले आदेश गर्नुभयो, ‘‘तिमी सबै स्वर्गबाट तल झरिहाल । तिमीहरू एक अर्काको शत्रु भयौ र तिम्रो लागि एक निश्चित समयको लागि पृथ्वीमा बास र जीवनको लागि सामग्रीको व्यवस्था गरिएको छ ।’’
A'raf 7:25
२५) अरु आदेश गर्यो कि, ‘‘तिमीले त्यहीं जिन्दगी गुजार्नु र मर्नु पर्नेछ र त्यसैबाट पूनः (जीवित गराई) निकालिने छौ ।
A'raf 7:26
२६) हे आदमका सन्तान ! हामीले तिम्रोलागि पोशाक बनायौं जसबाट तिम्रो गुप्ताङ्गहरू ढाकियोस् र तिम्रो शरिरको रक्षा र शोभा पनि होस् । उत्तम पोशाक सत्यनिष्ठता नै हो । यो अल्लाहका निशानीहरूमध्ये एक हो, ताकि यिनीहरू याद राखुन् ।
A'raf 7:27
२७) हे आदमका सन्तति ! यस्तो नहोस् कि शैतान तिमीलाई फकाएर कुनै नोक्सानीमा पारोस् जस्तो कि तिम्रो आमा बुवालाई फकाएर स्वर्गबाट निष्कासित गराइहाल्यो र तिनीहरूलाई बस्त्रहीन गरायो कि तिनका गुप्ताङ्ग एक आर्कालाई देखाइदेओस् । त्यसले र त्यसको समूहले तिमीलाई यस्तो ठाउँबाट हेरिराख्दछन् कि तिमीले देख्न सक्दैनौ । हामीले यी शैतानहरूलाई तिनका मित्र बनाइदिएका छौं जसले ईमान ल्याउँदैनन् ।
A'raf 7:28
२८) र जब यिनीहरूले कुनै निर्लज्जतापूर्ण अश्लील काम गर्दछन् तब भन्दछन् कि, हामीले आफ्ना बाबु–बाजेलाई यस्तै गरेको देखेका छौं र अल्लाहले पनि हामीलाई यही आदेश गरेको छ । तपार्इ भनिदिनुस् कि, अल्लाह निर्लज्जताको आदेश कहिले पनि दिंदैन । तिमीले अल्लाहको बारेमा यस्ता कुरा किन गर्दछौ जसको विषयमा कुनै ज्ञान छैन ?
A'raf 7:29
२९) तपार्इ भनिदिनुस् ‘‘कि, मेरो पालनकर्ताले न्यायको आदेश दिएको छ, र यो पनि कि प्रत्येक नमाजको बेला आफ्नो अनुहार सिधा (किब्लातिर) राख्नेगर र अल्लाहको उपासना उसैको लागि मात्र गर्नु । अल्लाहले जुन प्रकारले तिमीलाई शुरूमा सृष्टि गरेको थियो त्यस्तै फेरि तिमी सृजना गरिनेछौ ।’’
A'raf 7:30
३०) केही समूहलाई त उसले सही मार्ग देखायो र केहीमाथि पथविचलित भएको प्रमाणित भैसक्यो । (किनकि) यिनीहरूले अल्लाहलाई छाडि शैतानलाई आफ्नो मित्र बनाए । र यो संम्झन्छन् कि तिनीहरू सही मार्गमा छन् ।
A'raf 7:31
३१) हे आदमको सन्तति प्रत्येक नमाजको बेला तिमीहरू राम्रो सँग लुगा लगाउने गर, र पर्याप्त खाने पिउने गर तर सीमाभन्दा अघि नबढ । निःसन्देह अल्लाह सीमाभन्दा अघि बढ्नेलाई मन पराउँदैन ।
A'raf 7:32
३२) तपाई भन्नुस् कि आभूषण र खाने पिउने पवित्र कुराहरू जुन अल्लाहले आफ्नो उपासकहरूको लागि बनाएको छ, तिनलाई त्याज्य कसले बनाएको छ ? भनिदिनुस्, यी कुराहरू सांसारिक जीवनमा पनि ईमान भएकाहरूका निम्ति हुन् र कियामतको दिन विशेषरूपले तिनैको भागमा हुनेछन् । यस प्रकार अल्लाहले उसका आयतहरू बुझ्नेहरूलाई स्पष्टरूपले वर्णन गर्दछ ।
A'raf 7:33
३३) तपार्इ भनिदिनुस् कि बरु मेरो पालनकर्ताले त प्रत्येक निर्लज्जताका कुराहरू चाहे ती खुलारूपमा हुन् वा गोप्य, र प्रत्येक पापलाई र अकारण कसैमाथि अत्याचार गर्ने कुरालाई त्याज्य बनाएको छ । र कसैलाई अल्लाहको साझेदार ठान्ने कुरा, जसको निम्ति उसले कुनै प्रमाण प्रदान गरेको छैन र अल्लाहको बारेमा तिमीलाई कुनै ज्ञान नभएको कुरा गर्न पनि त्याज्य छ
A'raf 7:34
३४) प्रत्येक समुदायको लागि (मृत्युको) एक समय निर्धारित छ, त्यो समय आइपुगेपछि नत एकछिन ढिलो (पिछ) गर्न सक्दछन् र नत चाँडो (अघि) ।
A'raf 7:35
३५) हे आदमको सन्तति ! जब हाम्रा पैगम्बर तिम्रो पासमा तिमीमध्येका आउँदछन् र हाम्रा आयतहरू तिमीलाई सुनाउँदछन्, अनि जसले आत्मसंयम राख्दछन र आफूलाई ठीक राख्दछन् त्यस्ता मानिसहरूलाई न त केही भय हुनेछ न त तिनी दुःखी नै हुनेछन् ।
A'raf 7:36
३६) र जसले हाम्रा यी आयतहरूलाई गलत, वा झूठ भनेका छन् र तिनीसित घमण्डपूर्वक व्यवहार देखाउँछन् तिनीहरू नार्कीय हुनेछन् र सधैं त्यसैमा बसिरहनेछन् ।
A'raf 7:37
३७) त्योभन्दा अन्यायी को होला जसले अल्लाहमाथि मिथ्या दोषरोपण गर्यो, वा उसका आयतहरूलाई गलत भन्यो । तिनीहरूले आफ्नो भाग्यले निर्धारित गरेको कुरा पाउनेछन् । यहाँसम्म कि जब तिनीछेउ हामीले पठाएका फरिश्ताहरू प्राण निकाल्न आउने छन् र भन्ने छन्ः कि, अल्लाह बाहेक जसलाई तिमीले पुकार्ने गर्दथ्यौ तिनीहरू अहिले कहाँ गए ? तिनीहरूले भन्ने छन्ः (थाहा छैन) तिनीहरूले हामीलाई छोडेर गइहाले र तिनीहरूले आफुलाई काफिर भएको कुरा स्वीकार गर्नेछन् ।
A'raf 7:38
३८) अल्लाहले भन्नेछः कि, जिन्न र मानिसहरूको जो सामूह तिमीहरूभन्दा पहिले नै गुज्री सकेका छन् । तिनको साथमा तिमी पनि नर्कमा जाऊ । जब कुनै समूह त्यसमा प्रवेश गर्नेछ आफूभन्दा पहिलेको समूहलाई धिक्कार्ने छ । यहाँसम्म कि जब सबै त्यसमा एकत्रित भइसक्नेछन । त हरेक पछिल्लो समूहले पहिलो समूहको बारेमा भन्ने छन्ः कि, हे रब ! यिनै मानिसहरूले हामीलाई पथभ्रष्ट गरेका थिए तसर्थ यिनलाई नर्कको सजाय दोब्बर दिनु । अल्लाहले भन्ने छः ‘‘कि, हरएकलाई दुईगुणा सजाय दिइन्छ तर तिमीलाई थाहा छैन ?’’
A'raf 7:39
३९) पहिलो समुदायले पछिल्लो समुदायसित भन्ने छ कि, तिमीलाई हामीमाथि कुनै प्रधानता प्राप्त भएन जुन कर्म तिमीले गर्ने गर्दथ्यौ त्यसको प्रतिफल स्वरूप सजायको स्वाद चाख ।
A'raf 7:40
४०) जसले हाम्रो आयतहरूलाई झूठा भने र अभिमानपूर्ण व्यवहार गरे, तिनीहरूका लागि आकाशका ढोकाहरू खोलिने छैन्, र तिनीहरू कहिले पनि स्वर्गमा जानेछैनन् जबसम्म कि, ऊँट सियोको प्वाँलबाट छिर्दैन । र पाप गर्नेहरूलाई हामीले यस्तै सजाय दिनेगर्छौं ।
A'raf 7:41
४१) यस्ता मानिसहरूका लागि नर्कको आगो बिछ्यौना (ओछ्यान) हुनेछ र माथिबाट त्यसैको ओढने पनि । र यस्ता अत्याचारीहरूलाई हामीले यस्तै सजाय दिनेगर्छौं ।
A'raf 7:42
४२) जुन मानिसहरूले हाम्रो आयतहरूमाथि आस्था राखे र सत्कर्म गरे, त्यस विषयमा हामीले कुनै व्यक्तिलाई उसको क्षमताभन्दा बढी जिम्मेवारी दिदैनौं । यस्ता मानिसहरू नै स्वर्गका निबासी हुन् जो सधैं त्यसमा बास गर्नेछन् ।
A'raf 7:43
४३) र एक अर्काको लागि छलकपट जो तिनीहरूका छातिमा थियो हामीले सबै निकालिदिनेछौं । तिनीहरूको (महलहरू) मुनि नहरहरू बगिराखेका हुनेछन् । र उनीहरूले भन्ने छन् ‘‘कि, अल्लाहको हामी धेरै कृतज्ञ छौं जसले हामीलाई यस स्थानसम्म पुर्यायो, र यदि अल्लाहले हामीलाई बाटो नदेखाएको भए हामी स्वयंले बाटो पाउन सक्ने थिएनौं । वास्तवमै हाम्रो पालनकर्ताले पठाएका रसूलले साँचो कुरा लिएर आएका थिए । उनीसित ठूलो आवाजमा भनिनेछ कि, यो जन्नत (स्वर्ग) हो जसको तिमी वारिस बनाइएका छौ । यो तिमीले तिम्रो कर्मको बदलामा पाएका हौ ।’’
A'raf 7:44
४४) र जन्नतवालाहरू (स्वर्गवाला) नर्कमा बस्नेहरूलाई ठूलो स्वरमा भन्ने छन् कि, जुन वाचा हाम्रो पालनकर्ताले हामीसँग गरेको थियो, हामीले त्यसलाई सत्य पाएका छौं । के तिमीले पनि जुन वचन तिम्रो पालनकर्ताले तिमीसँग गरेको थियो त्यसलाई साँचो पायौ ?’’ तिनीहरूले उत्तर दिनेछन् हो, पायौं त्यतिखेर तिनीहरूबीच एउटा पुकार्नेवालाले कराएर भन्ने छ कि, अन्यायीहरूमाथि अल्लाहको धिक्कार होस् ।
A'raf 7:45
४५) जसले अल्लाहको बाटोमा हिंड्नुबाट रोक्दथे र त्यसैलाई बाङ्गो बनाउन खोज्दथे र कियामतको दिनलाई पनि अस्वीकार गर्दथे ।
A'raf 7:46
४६) ती दुवै समूहको बीचमा एउटा परदा (आवरण) हुनेछ र आराफमाथि धेरै मानिसहरू हुनेछन् । यिनीहरूले सबैलाई तिनका अनुहारबाट नै चिन्ने छन् र तिनीहरूले जन्नतवालाहरूलाई ठूलो स्वरमा पुकारेर भन्नेछन् कि, ‘‘तिमीमाथि शान्ति होस् ।’’ अहिलेसम्म यी आराफवालाहरू जन्नतमा प्रवेश पाएका हुँदैनन् तर त्यसको उम्मीदवार हुनेछन् ।
A'raf 7:47
४७) जब यिनीहरूका आँखा नर्कमा बस्नेहरूतिर पर्नेछ, त भन्ने छन् कि, ‘‘हे पालनकर्ता ! हामीलाई अत्याचारीहरूको साथमा शामिल नगर्नु ।’’
A'raf 7:48
४८) र आराफवाला व्यक्तिहरूले धेरै मानिसहरूलाई जसलाई तिनका अनुहारबाट चिनिराखेका हुन्छन् तिनीहरूलाई भन्ने छन्ः कि, आज न त तिम्रो समूह कुनै काम आयो न त तिमीले आफूलार्इ ठूलो सम्झने कार्यले नै तिम्रो काम आयो ।’’
A'raf 7:49
४९) ‘‘के यी तिनै मानिसहरू हुन् जसको बारेमा तिमीले शपथ लिने गर्दथ्यौ कि, अल्लाहले तिनीहरूमाथि कृपा गर्दैन । तसर्थ तिमीहरू स्वर्गमा प्रवेश गरिहाल तिमीहरूलाई न कुनै भय हुनेछ, न त तिमीलाई कुनै प्रकारको दुःख नकुनै शोक हुनेछ ।
A'raf 7:50
५०) र नर्कमा बस्नेहरूले स्वर्गमा बस्नेहरूसँग भन्नेछन् कि हामीमाथि थोरै जल हाल वा अल्लाहले तिमीहरूलाई दिएको छ त्यसबाट केही हामीलाई पनि देऊ । स्वर्गवालाहरूले जवाफ दिनेछन्ः कि, अल्लाहले दुवैकुरा (स्वर्गको पानी र जीविका) अधर्मीहरूको निम्ति निषेधित गरेको छ ।
A'raf 7:51
५१) जसले संसारमा आफ्नो धर्मलाई खेल तामाशा बनाएका थिए र सांसारिक जीवनले तिनलाई धोखामा पारिसकेको थियो । जुन प्रकारले तिनीहरूले त्यसदिनको आगमनलाई बिर्सिदिएका थिए र हाम्रा आयतहरूलाई अस्वीकार गरेका थिए त्यस्तै आज हामीले पनि तिनीहरूलाई बिर्सिदिने छौं ।
A'raf 7:52
५२) हामीले तिनीहरूको पासमा एउटा यस्तो किताब पुर्याइसकेका छौं जसलाई हामीले आफ्नो परिपक्व ज्ञानको आधारमा विस्तृत रूपमा वर्णन गरेका छौं र त्यो मोमिनहरूको लागि मार्गदर्शन र कृपा (वरदान) हो ।
A'raf 7:53
५३) के यिनीहरू यस प्रतीक्षामा छन, कि अन्तिम परिणाम सामुन्ने आइहालोस् । जुन दिन त्यो अन्तिम परिणाम अगाडि आउनेछ ती व्यक्ति जसले पहिले त्यसको उपेक्षा गरेका थिए भन्ने छन् ‘‘वास्तवमा हाम्रो पालनकर्ताका रसूल सत्य लिएर आएका थिए, के आज हामीलाई कोही सिफारिश गर्ने पाइन्छ जसले हाम्रो हकमा सिफारिश गरुन् ? वा के हामीलाई संसारमा फिर्ता पठाउन सकिन्छ ताकि जुन दुष्कर्म हामीले अघि गर्दथ्यौं त्यो नगरौं बरु तिनको विपरीत अन्य (असल) कर्म गरौं । निःसन्देह तिनीहरूले आफैलाई घाटामा पारेका छन् र जे–जति मनगढन्ते कुरा यिनीहरूले गर्दथे ती सबै हराइसके ।’’
A'raf 7:54
५४) निःसन्देह तिम्रो पालनकर्ता अल्लाह नै हो, जसले आकाशहरू र पृथ्वीलाई, छ (६) दिनमै सृष्टि गर्यो र त्यस पश्चात आफ्नो अर्श (सिंहसान) माथि उच्च भयो, उसैले रातीबाट दिनलाई यसरी ढाकिदिन्छ कि दिन रातीको पछि दौडेर आउँछ । र सूर्य, चन्द्र र ताराहरूको यसरी सृष्टि गर्यो कि सबै उसैको आदेशको अधीनमा छन् । हेर ! सम्पूर्ण सृष्टि उसैको हो र आदेश पनि उसैको हो । यो अल्लाह सर्वगुण सम्पन्न छ जो सबै ब्रह्माण्डको पालनकर्ता हो ।
A'raf 7:55
५५) (मानिसहरू !) आफ्नो पालनकर्तासंग विनम्र विन्ती गर्नेगर ठूलो स्वरले र एकान्तमा प्रार्थना गर । वास्तवमा अल्लाहले सीमा उल्लंघन गर्नेहरूलाई प्रेम गर्दैन ।
A'raf 7:56
५६) र पृथ्वीमा सुधार भइसकेपछि उपद्रव नगर्नु र अल्लाहसँग डराउँदै र आशा राख्दै प्रार्थना गर्दैगर्नु । निःसन्देह अल्लाहको अनुकम्पा सत्कर्म गर्नेहरूको समीप छ ।
A'raf 7:57
५७) र ऊ नै हो जसले आफ्नो अनुकम्पाको (बर्षा) भन्दा अगाडी वायुलाई शुभसूचनाको रूपमा पठाउँदछ । यहाँसम्म कि जब त्यसले ठूला–ठूला बादलहरूलाई उचालेर ल्याउँछ तब हामीले त्यसलाई एउटा कुनै सुख्खा भू–भागतिर पठाइदिन्छौ । त्यसपछि बादलहरूबाट बृष्टि गराउँछौ, अनि त्यस बर्षाको जलबाट थरि–थरिका फल उत्पन्न गर्दछौं । यसै प्रकार हामीले मृतकहरूलाई (जीवित पारी) बाहिर निकाल्ने छौं । आशा छ कि तिमीले सदुपदेश ग्रहण गर्नेछौ ।
A'raf 7:58
५८) जुन भूमि उर्बर र राम्रो छ त्यसबाट उम्रने कुरा (पैदावार) पनि अल्लाहको आदेशले राम्रो नै हुन्छ, र जुन भूमि नराम्रो छ त्यसबाट जे उम्रन्छ काम नलाग्ने खराब हुन्छ । यसै प्रकार हामीले आफ्नो आयतहरूलाई (तर्कहरू) कृतज्ञहरूको लागि विभिन्न प्रकारले वर्णन गर्दछौं ।
A'raf 7:59
५९) हामीले नूह (पैगम्बर) लाई उनको जातितिर पठायौं उनले भने कि, ‘‘हे मेरो जातिका मानिस ! अल्लाहको उपासना गर, उस बाहेक तिम्रो कोही पूजाको योग्य छैन । मलाई तिम्रो लागि एउटा ठूलो दिनको सजाय हुने डर छ ।
A'raf 7:60
६०) उनको जातिका (समुदायका) नेताले (ठुला बडाले) भने कि, ‘‘हामीले तिमीलाई ठूलो दिगभ्रान्त भएको देखिराखेका छौं ।’’
A'raf 7:61
६१) उनले (नूहले) भनेः ‘‘हे मेरो जाति बन्धु ! ममा कुनै प्रकारको मार्गविचलन छैन, बरु म संसारको पालनकर्ताको पैगम्बर (संदेशवाहक) हूँ ।’’
A'raf 7:62
६२) तिमीलार्इ आफ्नो पालनकर्ताको सन्देश पुर्याउँछु, र तिम्रो शुभेच्छुक हूँ र म अल्लाहको तर्फबाट यस्ता कुराहरूको जानकारी राख्दछु जसबारे तिमी अनभिज्ञ छौ ।
A'raf 7:63
६३) के तिमीलाई यस कुराको आश्चर्य लाग्यो कि, तिमीहरूमध्येबाटै एक व्यक्तिको हातबाट तिम्रो पालनकर्ताको तर्फबाट तिम्रो समीपमा सदुपदेश आयो जसले तिमीलाई सावधान गराओस् र तिमी डर मान (र आत्मसंयमी बन) ताकि तिमीमाथि दया गरियोस् ?
A'raf 7:64
६४) तर तिनीहरूले उनलाई झूठा भने, अन्ततः हामीले नूहलाई र जो उनको साथ ढुंगामा सवार थिए बचाइहालें, र जसले हाम्रो आयतहरूलाई झूठा भने तिनीहरूलाई डुबाइदियौं । निःसन्देह तिनी अन्धा मानिसहरू नै थिए ।
A'raf 7:65
६५) र आदको समुदायतिर उनीहरूकै दाजुभाइहरूमध्येका ‘‘हूदलाई’’ पठायौं । उनले भने कि ‘‘हे मेरा जाति बन्धुहरू ! अल्लाहको उपासना गर, त्यस बाहेक तिम्रो अरु कोही सत्य पुजनीय छैन, त के तिमीहरू डराउँदैनौ ?
A'raf 7:66
६६) उनको समुदायका सरदार जो काफिर थिए, भन्न थालेः कि, ‘‘हामीले तिमीलाई मूर्खतामा ग्रस्त भएको सम्झिदैछौं र हामीले तिमीलाई झूठा ठान्दछौं ।’’
A'raf 7:67
६७) उनले भनेः ‘‘हे मेरा जाति बन्धुहरू ! ममा मूर्खताको कुनै कुरा छैन, बरु म विश्वको पालनकर्ताको संदेशवाहक (पैगम्बर) हूँ ।
A'raf 7:68
६८) म तिमीहरूलाई अल्लाहको सन्देश पुर्याउँछु र तिम्रो शुभेच्छुक र हितैषी हूँ ।
A'raf 7:69
६९) के तिमीलाई यस कुराबाट आश्चर्य लाग्यो कि, तिमीहरूमध्येबाट एउटा मानिसद्वारा तिम्रो पालनकर्ताको तर्फबाट तिमीछेउ सत्यउपदेश आयो ताकि उसले तिमीलाई डर देखाओस् ? र तिमी यो नभुल्नु कि तिम्रो पालनकर्ताले नूहको जाति पश्चात तिमीलाई त्यसको उत्तराधिकारी बनायो, र आकारमा तिमीलाई बढी व्यापकता प्रदान गर्यो, तसर्थ अल्लाहका अनुकम्पाहरूलाई स्मरण गर ताकि मुक्ति प्राप्त गर्न सक ।
A'raf 7:70
७०) तिनीहरूले भन्न थालेः के तपाई हामीतिर यस कारणले आउनु भएको हो कि हामीले एउटै अल्लाहको पूजा गर्न थालौं र जसलाई हाम्रा पूर्वजहरूले पूज्दै आएका थिए तिनलाई छाडिदिऔं ? तसर्थ यदि साँचो हौ भने, जुन सजायबाट हामीलाई डर देखाइराखेका छौ त्यसलाई मँगाइदेऊ ।
A'raf 7:71
७१) हूदले भनेः कि बस अब ‘‘हाम्रो पालनकर्ताको तर्फबाट तिमीमाथि सजाय र क्रोध आउने कुरा निश्चित भइसकेको छ के तिमी मसँग यस्ता नामहरूको बारेमा झगडा गरिराखेका छौ जुनकि तिमीले र तिम्रा बाबु बाजेले आफ्नै तर्फबाट नामाकरण गरेका हुन् जसको बारेमा अल्लाहले कुनै प्रमाण पठाएको छैन ? ठीकै छ तिमीले पनि प्रतीक्षा गरिराख म पनि तिम्रो साथमा प्रतीक्षा गर्दछु ।’’
A'raf 7:72
७२) त्यसछि हामीले हूदलाई र जुन मानिसहरू उनको साथमा थिए तिनीहरूलाई आफ्नो अनुकम्पाले बचायौं र जसले हाम्रा आयतहरूलाई झूठा भने तिनीहरूको जरा नै काटिदियौं । र तिनीहरू ईमान ल्याउनेवाला थिएनन् ।
A'raf 7:73
७३) र हामीले समूदको समुदायतिर उनका भाइ ‘‘सालेहलाई’’ पठायौं, सालेहले भने कि, ‘‘हे मेरा जाति बन्धुहरू ! अल्लाहकै पूजा गर र उस बाहेक तिम्रो अरु कोही सत्य पूजनीय छैन तिमीछेउ तिम्रो पालनकर्ताबाट एउटा स्पष्ट प्रमाण आइसकेको छ । यो ऊँटनी अल्लाहको तर्फबाट हो र तिम्रो निम्ति एक (चमत्कारको रूपमा) प्रमाण हो । तसर्थ यसलाई स्वतन्त्र छाडिदेऊ कि अल्लाहको जमिनमा चरदै घुमोस् । र तिमीले यसलाई नराम्रो नीयतले छुदै नछुनु अन्यथा कष्टदायक दण्डले तिमीलाई समातिहाल्छ ।’’
A'raf 7:74
७४) र तिमी स्मरण गर त्यस समयलाई कि अल्लाहले तिमीलाई आदको समुदायपछि उत्तराधिकारी बनायो र पृथ्वीमा तिमीलाई यो स्थान प्रदान गर्यो कि आज तिमीले अल्लाहको समतल भूमिमा महल बनाउँछौ र पहाडहरूलाई काटछाँट गरी घर बनाउँदछौ । अल्लाहका वरदानहरूलाई स्मरण गर र पृथ्वीमा उपद्रव गर्दै नहिंड ।
A'raf 7:75
७५) अनि उनको जातिका (समुदायका) जो अभिमानी सरदार थिए उनीहरूले कम्जोर वर्गहरूसँग जसले कि ईमान ल्याइसकेका थिए भन्न थालेः कि, ‘‘के तिमीले विश्वास गर्दछौ कि सालेह(अलैहिस्सलाम) आफ्नो पालनकर्ताबाट पठाइएका हुन् ।’’ उनीहरूले भने, ‘‘हो जुन कुरा उनलाई दिएर पठाइएको छ हामीले त्यसमा निःसन्देह विश्वास गर्दछौ ।
A'raf 7:76
७६) त्यसपछि ती घमण्डी सरदारहरूले भन्न थालेः कि, जुन कुरामा तिमीले विश्वास गरेका छौ हामीले त त्यसलाई मान्दैनौं ।
A'raf 7:77
७७) अन्ततः तिनीहरूले त्यस ऊँटनीलाई घुँड़ा काटेर मारिदिए । र आफ्नो पालनकर्ताको आदेश पूर्णरूपमा उल्लंघन गरे र ‘‘सालेहसँग’’ भने कि, जुन कुराबाट तिमीले हामीलाई डराउँदथ्योै यदि तिमी अल्लाहको संदेशवाहक हौ भने त्यो हामीमाथि ल्याऊ ।’’
A'raf 7:78
७८) अनि तिनलाई भूकम्पले आइसमात्यो र तिनीहरू आफ्ना घरहरूमा लम्पसार परिरहे ।
A'raf 7:79
७९) त्यसपछि सालेह (निराश भई) फर्के र भने कि हे मेरो जाति बन्धुहरू ! मैले त तिमीहरूलाई अल्लाहको सन्देश पुर्याइहालें, तिम्रै हितको कुरा गरें, तर तिमीहरू यस्ता हौ कि शुभेच्छुकलाई मन पराउँदैनौ ।
A'raf 7:80
८०) र हामीले लूतलाई पैगम्बर बनाएर पठायौं, त्यति बेला उनले आफ्नो समुदायसित भने तिमी यस्तो निर्लज्ज काम गर्दछौ कि जुन काम तिमीभन्दा अगाडि विश्वमा कसैले गरेनन् ।
A'raf 7:81
८१) तिमीहरूले स्वास्नी मानिसहरूलाई छाडि केटाहरूसंग कुकर्म गर्दछौ । वास्तवमा तिमीहरूले त सीमाको उल्लंघन नै गरिसकेका छौ ।
A'raf 7:82
८२) तर तिनीहरूबाट यस बाहेक कुनै उत्तर आउन सकेनः कि, ‘‘यिनीहरूलाई (लूत र तिनका घरवालालाई) आफ्नो गाउँबाट निकालिदिनु पर्यो (किनभने) यिनीहरू बडो पवित्र बन्छन् ।’’
A'raf 7:83
८३) अनि हामीले लूतलाई र उनका घरवालाहरूलाई बचाइहाल्यौं, तर तिनको स्वास्नी बच्न सकिन्न, किनभने उनी तिनीहरूमध्येकी थिइन् जो सजायभागी थिए ।
A'raf 7:84
८४) र हामीले तिनीहरूमाथि विशेष प्रकारको (ढुङ्गाको) वर्षा गर्यौं, तसर्थ हेर त ती अत्याचारीहरूको अन्त कस्तो भयो ।
A'raf 7:85
८५) र हामीले ‘‘मदयन’’ तिर उनको भाइ ‘‘शुऐबलाई’’ पठायौं । उनले भनेः कि ‘‘हे मेरा जाति बन्धुहरू ! अल्लाहकै पूजा गर, उस बाहेक तिम्रो अरु कुनै सत्य पूजनीय छैन ।’’ तिमीछेउ तिम्रो पालनकर्ताबाट स्पष्ट निशानी आइसकेको छ, तसर्थ तिमीले नापतौल पूरा–पूर गर्नेगर र मानिसहरूलाई उनीहरूको चिजको मात्रा घटाएर नदेऊ र पृथ्वीमा सुधार पछि खराबी (उपद्रव) उत्पन्न नगर । यदि तिमी ईमानवाला भएका छौ भने बुझिहाल यो तिम्रो हकमा राम्रो छ ।
A'raf 7:86
८६) र प्रत्येक बाटोमा यस आसयका साथ बस्ने नगर, कि जो व्यक्ति अल्लाहमाथि आस्था राख्दछ उसलाई तिमीले धम्काऊ र अल्लाहको बाटोबाट रोक, र सिधा बाटोमा बाङ्गोपन खोज्दै गर । र त्यस बेलालाई स्मरण गर, जब तिमी अल्पसंख्यामा थियौ अनि अल्लाहले तिमीहरूलाई ठूलो समूहमा परिणत गरिदियो र हेर कि खराबी (उत्पात) सृजना गर्नेहरूको परिणाम कस्तो भएको छ ।
A'raf 7:87
८७) र यदि तिमीहरूमध्येबाट एउटा समूहले त्यस आदेशमाथि ईमान ल्याएका छन् जुन मलाई दिएर पठाइएको छ । र एक समूहले ईमान ल्याएको छैन भने अलि सन्तोष (संयम) गर जबसम्म कि अल्लाहले हाम्रो र तिम्रोबीच कुनै निर्णय गर्दैन र ऊ सबभन्दा राम्रो निर्णयकर्ता हो ।
A'raf 7:88
८८) (त्यसपछि) उनका जातिका मुखिया र अभिमानी मानिसहरूले भन्नथालेः कि हे शुऐब ! हामी तिमीलाई र जुन मानिसहरू तिम्रो साथमा ईमान ल्याएका छन् उनलाई आफ्नो नगरबाट निकालिदिने छौं यदि तिमीहरूले हाम्रो धर्मलाई स्वीकार गरेनौ भने । शोऐबले भने म तिम्रो धर्ममा फर्कनुलार्इ घृणित ठान्दछु तापनि ।
A'raf 7:89
८९) अल्लाहले हामीलाई त्यसबाट उद्घार गरिसकेपछि यदि हामी तिम्रो धर्ममा फक्र्यौं भने निःसन्देह हामी अल्लाहप्रति झूठो आरोप लगाएको ठहरिन्छौं, बरु हाम्रो पालनकर्ता, अल्लाहको इच्छा बिना त्यसतर्फ फर्कनु सम्भव छैन । हाम्रो रबको ज्ञान हरेक कुरालाई घेरामा लिएको छ । हामी अल्लाहमाथि नै भरोसा गर्दछौं । हे पालनकर्ता ! हामी र हाम्रो समुदायको बीचमा निश्चित न्याय निसाफ गरिदेऊ । र तिमी सबैभन्दा राम्रो न्यायकर्ता हौ ।
A'raf 7:90
९०) र उनको समूहका काफिर नाइकेहरूले भनेः ‘‘यदि तिमीहरू शुऐबको मार्गमा हिंड्छौ भने निश्चय नै ठूलो नोक्सानी बेहोर्नेछौ ।’’
A'raf 7:91
९१) अनि तिनीहरूलाई भुकम्पले आइसमात्यो । तसर्थ तिनीहरू आफ्ना घरहरूमा घोप्टो परेको परै भए ।
A'raf 7:92
९२) जसले शुऐबलाई झूठा भनेका थिए तिनीहरूको यस्तो अवस्था भइहाल्यो जस्तो कि यी घरहरूमा कहिल्यै बसेकै थिएनन् । जसले शुऐबलाई झूठो भनेका थिए तिनीहरू नै घाटामा परिहाले ।
A'raf 7:93
९३) अनि शुऐब (अलैहिस्सलाम) उनीहरूबाट विमुख भई हिंडेर भन्न थालेः कि हे मेरा जातिबन्धु ! मैले तिमीलाई आफ्नो पालनकर्ताको सन्देशहरू पुर्याएको थिएँ र मैले तिम्रो हितको कुरा गरेको थिएँ । तसर्थ म यी काफिहरूमाथि दुःख प्रकट किन गरूँ ?
A'raf 7:94
९४) र हामीले कुनै पनि बस्तिमा कुनै नबिलाई पठाएका छैनौं परन्तु त्यहाँका मानिसहरूलाई अभाव र संकटमा पार्यौं, ताकि उनीहरू याचना विन्ति गरुन् (गिडगिडाउन्)।
A'raf 7:95
९५) अनि हामीले त्यस दुःखको अवस्थालाई खुशियालीमा बदलिदियौं, यहाँसम्म कि उनको निकै विकास भयो, र भन्नथाले कि हाम्रा पूर्वजलाई पनि दुःख र सुख भएको थियो त हामीले उनीहरूलाई एक्कासी समातिहाल्यौं र उनीहरूलाई थाहा पनि थिएन ।
A'raf 7:96
९६) र यदि यी बस्तीहरूका मानिसहरूले ईमान ल्याएको र परहेजगारी अपनाएको भए हामीले उनीहरूमाथि आकाश र पृथ्वीका बरदानहरू खोलिदिन्थ्यौं, तर उनीहरूले झुट्ठा भने अनि हामीले उनका क्रियाकलापका कारण उनीहरूलाई समातिहाल्यौं ।
A'raf 7:97
९७) के फेरि पनि यस बस्तीमा बस्ने मानिसहरू यस कुराबाट निश्चिन्त छन् कि उनीहरूमाथि हाम्रो अजाब (यातना) रातिको समयमा आइहालोस् जबकि उनीहरू सुतिराखेका हुनेछन् ।
A'raf 7:98
९८) र के यी बस्तीका मानिसहरू यस कुराबाट निश्चिन्त भइहालेका छन् कि तिनीहरूमाथि हाम्रो प्रकोप दिउँसोमा आइहालोस, जबकि उनीहरू आफ्नो खेलहरूमा ब्यस्त हुनेछन् ?
A'raf 7:99
९९) तसर्थ के तिनीहरू अल्लाहको पकडबाट निश्चिन्त भइहाले ? अतः अल्लाहको पकडबाट ती बाहेक जो घाटामा पर्नेवाला छन्, अरु कोही निश्चिन्त हुँदैन ।
A'raf 7:100
१००) र के यिनीहरूलाई जो पृथ्वीका उत्तराधिकारी भए, त्यहाँका मानिसहरूको मृत्यु पश्चात (यी घटनाहरूपछि) यो कुरा भनिएन कि यदि हामीले चाह्यौं भने तिनका अपराधका कारण तिनलाई समाप्त गर्न सक्छौं र हामी तिनका हृदयमा छाप लगाउन सक्छौं अनि तिनीहरू सुन्न नसकुन् ।
A'raf 7:101
१०१) यी बस्तिहरूका केही वृतान्त हामीले तपाईंलाई वर्णन गरिराखेका छौं र उनीहरूका पैगम्बर उनीहरूको पासमा निशानीहरू (चमत्कारहरू) लिएर आए, तर यस्तो भएन कि उनीहरूले जुन कुरालाई प्रारम्भमा झूठा भनिसकेका थिए त्यसमा फेरि विश्वास गरुन् । अल्लाह यस्तै प्रकारले काफिरहरूको हृदयमा छाप लगाइदिन्छ ।
A'raf 7:102
१०२) र कतिपय मानसिहरूमा हामीले वचन पालना गर्ने प्रतिबद्धता देखेनौं र हामीले धेरैलाई उल्लंघनकारी नै पायौं ।
A'raf 7:103
१०३) अनि यिनीहरूपछि हामीले ‘‘मूसा (अलैहिस्सलाम)’’ लाई निशानीहरू (चमत्कारहरू) दिएर फिरऔन र उसका नाइकेहरूको पासमा पठायौं तर तिनीहरूले, ती (निशानीहरूप्रति) अत्याचार गरे तसर्थ हेर्नुस्, यी उद्दण्डहरूको परिणाम के भयो ?
A'raf 7:104
१०४) र मूसाले भन्नु भयो, कि हे फिरऔन ! म संसारको पालनकर्ताको तर्फबाट पैगम्बर हूँ ।
A'raf 7:105
१०५) मेरो निम्ति यो अनिवार्य छ कि सत्य बाहेक अल्लाहको बारेमा केही नभनूँ । मैले तिम्रो पासमा तिम्रो पालनकर्ताको तर्फबाट एउटा ठूलो निशानी पनि ल्याएको छुँ । तसर्थ तिमीले बनी इस्राईललाई मेरो साथमा पठाइदेऊ ।
A'raf 7:106
१०६) फिरऔनले भन्यो, ‘‘यदि तिमीले कुनै निशानी (चमत्कारहरू) लिएर आएका छौ भने त्यो अब प्रस्तुत गर ! यदि तिमी सच्चा हौ भने ।
A'raf 7:107
१०७) तसर्थ उहाँले (मूसाले) आफ्नो लठ्ठी खसाल्नु भयो, अनि त्यतिखेरै त्यो एकाएक एउटा अजिङ्गर बनिहाल्यो ।
A'raf 7:108
१०८) र आफ्नो हात बाहिर निकाल्नु भयो अनि त्यो एक्कासी सबै हेर्नेहरूको अगाडि धेरै टल्कीलो भइहाल्यो ।
A'raf 7:109
१०९) फिरऔनको समूहका नाइकेहरूले भनेः साँच्चै नै यो मान्छे दक्ष जादूगर हो ।
A'raf 7:110
११०) यसले चाहन्छ कि तिमीहरूलाई तिम्रो (भूमि) देशबाट बाहिर निकालिदेओस् । तसर्थ तिमीहरू के सल्लाह दिन्छौ ?
A'raf 7:111
१११) तिनीहरूले भनेः कि तपाईंले यसलाई र यसको भाइलाई केही समय दिनुस् र शहरहरूमा सन्देशवाहकहरू (कार्यकर्ताहरू) पठाइदिनुस् ।
A'raf 7:112
११२) ताकि उनीहरूले सबै ठूला जादूगरहरूलाई तपाईंको पासमा ल्याएर हाजिर गरुन् ।
A'raf 7:113
११३) र ती जादूगरहरू फिरऔन सामु आइपुगे र भन्नथालेः ‘‘यदि हामी विजयी भयौं त के हामीलाई कुनै ठूलो पुरस्कार प्राप्त हुन्छ ।
A'raf 7:114
११४) फिरऔनले भन्योः हो, र तिमी मेरो नजिकका (निकट्तम्) मानिसहरूमध्येका हुनेछौ ।
A'raf 7:115
११५) ती जादूगरहरूले भनेः कि हे मूसा ! या त तपाईं पहिला चलाउनुस् या त हामीले चलाउन्छौं ।
A'raf 7:116
११६) मूसाले भनेः ‘‘तिमी नै चलाऊ’’ । अनि जब उनिहरूले (आफ्नो जादू) चलाए त मानिसहरूका आँखा बन्द गरिदिए र उनीहरूलाई भयभीत गरिदिए र एउटा ठूलो जादूको प्रदर्शन गरे ।
A'raf 7:117
११७) र हामीले मूसालाई आदेश दियौं कि आफ्नो लट्ठी खसालिहाल्नुस् तसर्थ लट्ठी खसाल्नसाथ त्यसले उनीहरूले रचेको सबै स्वाङ निल्न थाल्यो ।
A'raf 7:118
११८) यसप्रकार सत्य प्रकट भइहाल्यो र उनीहररूले जे जति बनाएका थिए मिथ्या भइहाल्यो ।
A'raf 7:119
११९) अतः उनीहरू त्यसबेला पराजित भए र अपमानित भई फर्के ।
A'raf 7:120
१२०) र जादूगरहरू सजदामा (ढोगमा) गइहाले ।
A'raf 7:121
१२१) भन्नथालेः कि हामीले सम्पूर्ण जगतको स्वामीमाथि ईमान ल्यायौं ।
A'raf 7:122
१२२) जो मूसा र हारूनको पनि पालनकर्ता हो ।
A'raf 7:123
१२३) फिरऔनले भन्न थाल्योः के तिमीहरूले मैले अनुमति दिनुभन्दा अगाडि नै मूसामा विश्वास गरिहाल्यौ ? निःसन्देह यो एउटा षडयन्त्र थियो जसको तिमीले यस नगरमा कार्यान्वयन गर्यौ, ताकि त्यसका निवासीहरूलाई यहाँबाट निकाल्न सक । तसर्थ अब तिमीलाई वास्तविकता थाहा भइहाल्नेछ ।
A'raf 7:124
१२४) म तिम्रो एकतिरको हात र आर्कोतिरको खुट्टा काटिदिनेछु अनि तिमीहरू सबैलाई झुन्ड्याइदिनेछु ।
A'raf 7:125
१२५) उनीहरूले भने (उत्तरदिए) किः हामी (मरेर) पनि आफ्नो प्रतिपालकको पासमा जानेछौं ।
A'raf 7:126
१२६) र तिमीले हामीमा कुन त्रुटि देखेका छौ यसबाहेक कि हामीले आफ्नो पालनकर्ताका आदेशहरूमा विश्वास गर्यौं, जब तिनी हाम्रो पासमा आए । हे पालनकर्ता ! हामीलाई धैर्य प्रदान गर र हाम्रो प्राण ईमान ल्याएकै अवस्थामा निकाल ।
A'raf 7:127
१२७) र फिरऔनको समूहका नाइकेहरूले भनेः के तपाईंले मूसा र उनको जातिलाई यत्तिकै छाडिदिनुहुन्छ ताकि उनीहरू देशमा उपद्रव गर्दै हिंडुन् र तपाईंलाई र तपाईंका देवताहरूलाई परित्याग गरिहालुन् ? फिरऔनले भन्यो, ‘‘कि हामी अहिले नै उनीहरूका छोराहरूलाई मार्न प्रारम्भ गरिहाल्नेछौं र उनीहरूका स्त्रीहरूलाई जीवित रहनदिनेछौं र हामी उनीहरूमाथि शक्ति सम्पन्न छौं ।’’
A'raf 7:128
१२८) मूसा(अलैहिस्सलाम)ले आफ्नो जातिबन्धुसित भने, ‘‘अल्लाहको सहारा प्राप्त गर र धैर्यराख, यो धर्ती अल्लाहको हो, उसले आफ्ना भक्तहरूमध्ये जसलाई चाहन्छ उसको मालिक बनाइदिन्छ र अन्तिम सफलता तिनैको हुन्छ जो अल्लाहसित डराउँछन् ।’’
A'raf 7:129
१२९) मूसाको समुदायका मानिसहरूले भने, ‘‘हामी त सधैं उत्पीडनमा रहयौं, तपाईं आउनुभन्दा अगाडि पनि र पछाडि पनि ।’’ मूसाले भने, ‘‘छिट्टै अल्लाहले तिम्रो शत्रुलाई नष्ट पारिदिने छ र उनीहरूको सट्टा तिमीहरूलाई यस धर्तीको खलीफा (उत्तराधिकारी) बनाइदिनेछ, र हेर्नेछ कि तिम्रो व्यवहार कस्तो हुन्छ ।’’
A'raf 7:130
१३०) र हामीले फिर्औनीहरूलाई (केही समयसम्मको लागि) फलहरूको उत्पादनमा कमि गर्यौं र अनिकाल ल्यायौं, जसबाट उनीहरूले चेतुन् ।
A'raf 7:131
१३१) तसर्थ जब तिनीहरूलाई सुख प्राप्त हुन्थ्यो त भन्थे कि हामी यसका हकदार हौं र कष्ट आइपर्दा मूसा र उनका साथीहरूलाई अलच्छिन् भन्थे । यादराख तिनीहरूको अलच्छिन्पना अल्लाहको पासमा छ, र उनीहरूमध्ये अधिकांश जान्दैनन् ।
A'raf 7:132
१३२) र उनीहरू भन्दथे, ‘‘तिमी हामीमाथि जादू गर्न जुनसुकै निशानी हाम्रो सामु ल्याए पनि, हामी तिमीमाथि विश्वास गर्नेवाला छैनौं ।
A'raf 7:133
१३३) अन्ततः हामीले तिनीहरूमाथि हुरी, शलह, घुनको कीरा, भ्यागुता र रगत, यी सबै खुल्ला चमत्कारका निशानीहरू पठायौँ तर तिनीहरूले घमण्ड नै गरिराखे र तिनीहरू अपराधी नै थिए ।
A'raf 7:134
१३४) र जब उनीहरूमाथि कुनै कष्ट हुन्थ्यो तब यस्तो भन्थे, ‘‘हे मूसा ! हाम्रो निम्ति आफ्नो पालनकर्तासित त्यस प्रतिज्ञाको आधारमा प्रार्थना गर्नुस् जुन उसले तपाईंसित गरेको छ, यदि तपाईले हामीलाई यस सजायबाट मुक्त गराइदिनु हुन्छ भने हामीले अवश्य नै तपाईले भने बमोजिम ईमान ल्याउनेछौं र इस्राईलका सन्तानलाई (रिहा गरेर) तपाईको साथमा जान दिनेछौं ।
A'raf 7:135
१३५) फेरि जब हामीले उनीहरूबाट त्यस यातनालाई एक विशेष समयसम्म जहाँसम्म उनीहरूलाई पुग्नु थियो, हटाइदिन्थ्यौं, तब तिनीहरू तुरुन्तै आफ्नो वाचा भङ्ग गरिहाल्थे ।
A'raf 7:136
१३६) अनि हामीले उनीहरूसित बदला लियौं अर्थात उनीहरूलाई समुद्रमा डुबाइदियौं, यसकारण कि उनीहरूले हाम्रा निशानीहरूलाई झूठा भन्दथे र त्यसप्रति बिल्कुलै लापरवाही गर्दथे ।
A'raf 7:137
१३७) र हामीले उनीहरूलाई, जो निकै कम्जोर गनिन्थे, त्यस भू–भागको पूर्व–पश्चिमको मालिक बनाइदियौं, जसमा हामीले बरकत (कल्याण) राखेका छौं र तिम्रो पालनकर्ताको राम्रो वाचा इस्राईलको सन्तानको हकमा पूरा भयो किनभने उनीहरूले धैर्यसित काम लिए, र फिरऔनको र उसको जातिका मानिसहरू जसले कि ठूला–अग्ला कारखाना महलहरू बनाएका थिए, सबै हामीले नष्ट गरिदियौं ।
A'raf 7:138
१३८) र हामीले बनी इस्राईललाई समुद्रबाट पार गरायौं । अनि तिनीहरू यस्ता मानिसहरूको समीपमा पुगे जुनकि आफ्ना केही देवताहरू छेउ बसेका थिए, भन्नथालेः ‘‘हे मूसा ! हाम्रो निम्ति पनि यस्तै एउटा देवता नियुक्त गरिदिनुस् जस्तो कि यिनीहरूका यी देवताहरू छन्’’ । उनले भने कि साँच्चै नै तिमीहरूमा ठूलो अज्ञानता छ ।
A'raf 7:139
१३९) यी मानिसहरू जुन काममा लागेका छन्, त्यो निश्चय नै ध्वस्त गरिनेछ र यिनीहरूको यो काम निराधार छ ।
A'raf 7:140
१४०) उनले भने कि के अल्लाह बाहेक अरु कसैलाई तिम्रो उपास्य निर्धारित गरूँ, जबकि उसैले सारा संसारवालामाथि तिमीलाई श्रेष्ठता प्रदान गरेको छ ?
A'raf 7:141
१४१) र त्यो समय यादगर जब हामीले तिमीलाई फिरऔनका मानिसहरूबाट बचायौं । जसले तिमीलाई गम्भीर यातना दिन्थे । तिम्रा छोराहरूलाई मारिदिन्थे र तिम्रा स्त्रीहरूलाई जीवित रहनदिन्थे । र त्यसमा तिम्रो पालनकर्ताबाट ठूलो परीक्षा थियो ।
A'raf 7:142
१४२) र हामीले मूसासित ३० रातको वचन दियौं अनि हामीले १० रात अतिरिक्त बढाएर पुरा गर्यौं । यसप्रकार उनको पालनकर्ताको समय ४० रात भइहाल्यो । र मूसाले आफ्नो भाइ हारूनसित भने, ‘‘मेरो पछाडि यिनीहरूको व्यवस्था मिलाउनु र सुधार गर्दैरहनु र अव्यवस्था उत्पन्न गर्नेहरूको मार्गमा नहिंड्नु ।’’
A'raf 7:143
१४३) र जब मूसा, हामीले निर्धारित गरेको समयमा आए र उनको पालनकर्ताले उनीसित कुरा गर्यो त उनले विन्ति गरे कि हे मेरो पालनकर्ता ! मलाई आफ्नो साक्षात्कार गराउनुस् ताकि म तपाईलाई एक दृष्टि हेरिहालूँ । अल्लाहले भन्नुभयोः तिमीले मलाई कदापि हेर्न सक्दैनौ तर तिमी त्यस पर्वततिर हेर्दैगर, यदि त्यो आफ्नो ठाँउमा स्थिर रह्यो भने तिमीले मलाई हेर्न सक्नेछौ । अनि जब उनको रब पर्वतमाथि आफ्नो प्रकाश हाले त प्रकाशले त्यसलाई चकनाचूर (क्षतविक्षत) गरिदियो र मूसा (अलैहिस्सलाम) मूर्क्षित भई लडिहाले । अनि जब होशमा आए त भने, ‘‘पवित्रछौं तिमी!’’ म तिमी समक्ष तौबा (पश्चाताप) गर्दैछु र म सबभन्दा पहिले तपाईमाथि ईमान ल्याउने भएको छु ।
A'raf 7:144
१४४) (अल्लाहले) भन्नुभयोः हे मूसा ! मैले पैगम्बरी र आफ्नो वाणीबाट तिमीलाई अरु मानिसहरूभन्दा विशिष्ट बनाएको छु । अतः जे मैले तिमीलाई प्रदान गरेको छु, त्यसलाई लिइहाल र कृतज्ञता प्रकट गर ।
A'raf 7:145
१४५) र हामीले पाटीहरूमा हरेक प्रकारको उपदेश र हरेक कुराको विस्तृत वर्णन लेखि उनलाई दियौं । अतः तिमीले तिनलाई दृढतापूर्वक समातिहाल र आफ्नो समुदायलाई आदेश गर कि तिनमा उत्तम कुराहरू छन्, तिनीहरूले त्यसलाई अपनाउन् । अब छिटै नै तिमीहरूलाई ती अवज्ञाकारीहरूको ठाउँ देखाउनेछु ।
A'raf 7:146
१४६) म यस्ता मानिसहरूलाई आफ्नो निशानीहरूबाट विमुख नै राख्नेछु जो पृथ्वीमा घमण्ड गर्दछन्, जसको तिनलाई कुनै अधिकार छैन र यदि समस्त निशानीहरू देखिहाले तापनि तिनीहरू त्यसमा विश्वास गर्ने छैनन् र यदि सोझो बाटो देख्छन् भने पनि त्यसलाई आफ्नो बाटो मान्ने छैनन् र यदि पथभ्रष्टताको बाटो देख्छन् भने त्यसलाई अपनाउने छन् । यो यसकारणले हो कि उनीहरूले हाम्रा आयतहरूलाई झूठो भने र त्यसप्रति असावधान रहे ।
A'raf 7:147
१४७) र यी मानिसहरू जसले हाम्रा आयतहरूलाई र प्रलोकको आउने कुरालाई झूठा ठाने, उनीहरूको सबै कर्म नष्ट भए, उनीहरूले त्यही सजाय पाउनेछन् जस्तो उनीहरूले गर्दथे ।
A'raf 7:148
१४८) र मूसाको समुदायले उनको अनुपस्थितिमा आफ्नो गहनाहरूको एउटा बाछोलाई पूज्य ठहराए जो एउटा ढाँचामात्र थियो, जसमा एउटा आवाज थियो । के उनीहरूले यो देखेनन् कि त्यसले उनीहरूसित न कुनै कुरा गथ्र्यो र न उनलाई कुनै बाटो देखाउँथ्यो, त्यसलाई यिनीहरूले पूजनीय ठाने र ठूलो अन्यायको काम गरे ।
A'raf 7:149
१४९) र जब तिनी लज्जित भए र थाहा भयो कि वास्तवमा उनीहरू मार्गविचलनमा परिहाले छन् तब भन्न थाले कि यदि हाम्रो प्रतिपालकले हामीमाथि दया गरेन र हामीलाई क्षमा गरेन भने हामी बर्बाद भइहाल्नेछौं ।
A'raf 7:150
१५०) र जब मूसा(अलैहिस्सलाम) आफ्नो जातितिर रिस र दुःखको अवस्थामा फर्केर आए त भन्न थालेः ‘‘तिमीहरूले मेरो अनुपस्थितिमा साह्रै नराम्रो काम गर्यौ । के तिमीहरूले आफ्नो पालनहारको आदेशभन्दा पहिला नै हतार गरिहाल्यौ ?’’ अनि छिटै पाटीहरू एकातिर राखे र आफ्नो भाइको टाउको समाति आफूतिर घिसारेर तान्नथाले । हारूनले भने कि हे मेरी आमाको छोरा ! यिनीहरूले मलाई कमजोर ठानेर झण्डै मारिदिन चाहन्थे, तसर्थ तपाई शत्रुहरूबाट मेरो उपहास नगराउनुस् र मलाई यी अत्याचारीहरूमध्येको नठान्नुस् ।
A'raf 7:151
१५१) मूसाले भनेः कि हे मेरो पालनकर्ता ! मलाई र मेरो भाइलाई क्षमा गरिदेऊ र हामी दुवैलाई आफ्नो दयामा शम्मिलित गर र तिमी सबै दया गर्नेवालाहरूमध्ये सबैभन्दा बढी दयावान् छौ ।
A'raf 7:152
१५२) निःसन्देह जुन मानिसहरूले बाछोलाई आफ्नो उपास्य बनाए ती छिटै आफ्नो पालनहारको प्रकोपमा पर्नेछन् र सांसारिक जीवनमा अपमानित हुनेछन् । र झूठो कुरा बनाउनेहरूलाई हामीले त्यस्तै प्रतिफल दिने गर्दछौं ।
A'raf 7:153
१५३) र जुन मानिसहरूले पापकर्म गरे, अनि त्यसपछि पश्चाताप गरे र ईमान ल्याए, त तिम्रो पालनकर्ताले यस पश्चाताप पश्चात क्षमा गरिदिन्छ ऊ दयावान छ ।
A'raf 7:154
१५४) र जब मूसाको क्रोध शान्त भयो तब ती पाटीहरूलाई समाते तिनका शीर्षकहरूमा ती मानिसहरूको निम्ति मार्गदर्शन र दया थियो जो आफ्नो रब (प्रतिपालक)संग डराउँथे ।
A'raf 7:155
१५५) र मूसा(अलैहिस्सलाम)ले आफ्नो कौममध्ये सत्तरी मानिसहरूलाई हामीले निर्धारित गरेको समयको लागि रोजे । अनि जब उनीहरूलाई एउटा भुकम्पले समात्यो तब मूसा विन्ती गर्नथालेः हे मेरो पालनकर्ता ! यदि तिमीले चाहेको भए पहिला नै यिनीहरूलाई र मलाई नष्ट गरिदिन्थ्यौ । के तिमीले हामीमध्येका केही मूर्खहरूको क्रियाकलापलेगर्दा हामी सबैलाई नष्ट गरिदिनेछौ । यो घटना त तिम्रो तर्फबाट मात्र एउटा परीक्षा हो । यस्तो परीक्षाहरूबाट जसलाई तिमी चाहन्छौ, पथभ्रष्ट गरिदेऊ र जसलाई चाहन्छौ असल बाटोमा कायम राख । तिमी नै हाम्रो संरक्षक हौ । अतः तिमी हमीलाई क्षमा र हामीमाथि दया गर र तिमी सबैभन्दा ठूलो क्षमादाता हौ ।
A'raf 7:156
१५६) र हाम्रो निम्ति संसारमा पनि भलो लेखिदेऊ र आखिरत (परलोक)मा पनि, हामी तिमीतिर उन्मुख हुन्छौ । अल्लाहले भन्योः म आफ्नो यातनाले उसैलाई ग्रस्त गर्छु, जसलाई चाहन्छु तर मेरो दयालुताबाट सबैकुरा अच्छादित छन् । र त्यो दया ती मानिसहरूको नाममा अवश्य लेख्नेछु जो अल्लाहसित डराउँछन् र जकात (धर्मदाय) दिन्छन् र जो हाम्रा आयतमाथि ईमान ल्याउँछन् ।
A'raf 7:157
१५७) जुन मानिसहरूले यस्ता रसूल, नबी उम्मी (निरक्षर) को अनुशरण गर्छन्, जसलाई उनीहरूले आफुकहाँ तौरात र इन्जीलमा लेखिएको पाउँछन् । उनले उनीहरूलाई असल कुराको आदेश गर्दछन् र नराम्रा कुराहरूबाट मनाही गर्दछन् र स्वच्छ कुरालाई हलाल (वैध) बताउँछन् र अपवित्र कुरालाई हराम (वर्जित) बताउँछन् र तिनीहरूमाथिबाट त्यो बोझ उतार्दछन् जुन अहिलेसम्म उनीहरूमाथि लादिएका थिए बन्धनहरूलाई फुक्का गर्दछन् जसमा उनीहरू जकडिएका थिए । अतः जो मानिसहरू त्यस नबीमाथि (सन्देष्टामाथि) विश्वास गर्दछन्(र्इमान ल्याउँछन्) र उनको समर्थन गर्दछन् र उनको सहायता गर्दछन्, र त्यस प्रकाशलाई मान्दछन् जो उनको साथमा पठाइएको छ । यस्ता मानिसहरू पूर्ण सफलता प्राप्त गर्नेवाला हुन् ।
A'raf 7:158
१५८) तपाईले भनिदिनुस् ‘‘हे मानिसहरू ! म तिमीहरू सबैको लागि त्यस अल्लाहबाट पठाइएको रसूल (सन्देष्टा) हूँ जो आकाशहरू र धर्तीको राज्यको स्वामी हो । उस बाहेक कोही सत्य पूज्य छैन, उसैले जीवन प्रदान गर्दछ र उसैले प्राण लिन्छ । तसर्थ अल्लाहमाथि ईमान ल्याऊ र उसको नबी उम्मीमा, जो स्वयं महान अल्लाह र उसको आदेशमा आस्था राख्दछन् । उनको अनुशरण गर ताकि तिमी (सही) मार्ग पाउन सक ।’’
A'raf 7:159
१५९) मूसाको जातिमा एउटा समूह यस्तो पनि छ, जसले सत्यमार्ग देखाउँदछ, र त्यसै अनुरूप न्याय गर्दछ ।
A'raf 7:160
१६०) र हामीले उनलाई बाह्र घरानाहरूमा विभक्त गरी, सबैको बेग्ला–बेग्लै समूह निश्चित गरिदियौं । जब उनको कौमका मानिसहरूले पानी मांगे, तब हामीले मूसालाई आदेश गर्यौं ‘‘आफ्नो लठ्ठीले एउटा खास चट्टानमा प्रहार गर । अतः तुरुन्तै त्यसबाट बाह्र मूल फुटे र हरेक समूहले आफ्नो मूल थाहा पाइहाले । र हामीले उनीमाथि बादलको छायाँ गर्यौं, र उनीमाथि ‘‘मन्न’’ र ‘‘सलवा’’ उतार्यौं हामीले तिमीलाई जे राम्रो कुरा प्रदान् गरेका छौं, त्यसलाई खाऊ’’ र उनीहरूले हाम्रो कुनै हानि गरेनन् बरु आफ्नै हानि गर्दथे ।
A'raf 7:161
१६१) र (यादगर) जब हामीले उनलाई आदेश दियौं कि तिमीहरू त्यस बस्तीमा गई बस र यसमा जहाँबाट चाहन्छौ खाऊ, र मुखले भन्दै जानु कि तौबा (पश्चाताप) छ र ढोकामा निहुरिएर प्रवेश गर, हामीले तिम्रा त्रुटिहरूलाई क्षमा गरिदिनेछौं, र हामीले सुकर्मीहरूलाई बढी पनि दिनेछौं ।
A'raf 7:162
१६२) तर अत्याचारीहरूले, जुन कुरा (कलमा) उनीहरूसित भनिएको थियो, त्यसलाई त्यसभन्दा भिन्न कुरासित बदलिदिए । अतः जुन अत्याचार उनीहरूले गरेका थिए त्यसको कारण र आदेश नष्ट गरेकाले हामीले आकाशबाट तिनीहरूमाथि एउटा यातना पठायौं ।
A'raf 7:163
१६३) तपाईले उनीहरूसित त्यस बस्तीको विषयमा सोध्नुस्, जो सागरतट्मा अवस्थित थियो र जब तिनीहरूले ‘‘साताको’’ बारेमा सीमा उल्लघंन गर्दथे, जब उनका साताको दिन तिनका माछाहरू खुल्लारूपमा तिनीहरू समक्ष पानीको सतहमाथि आउन्थे, र जब उनको साताको दिन हुँदैनथ्यो तब तिनीहरू उनको सामुन्ने आउँदैनथे । यसप्रकार हामीले उनलाई अवज्ञाकारी भएको कारणले परीक्षामा पार्दथ्यौं ।
A'raf 7:164
१६४) र जब तिनीहरूको एक समूहले यस्तो भन्योः कि ‘‘तिमी यस्ता मानिसहरूलाई किन उपदेश दिन्छौ, जसलाई अल्लाह नष्ट गर्नेवाला छ, वा जसलाई कठोर यातना दिनेवाला छ ?’’ उनले भनेः ‘‘तिम्रो पालनकर्ता समक्ष आफूलाई निरपराध सिद्ध गर्नुको निम्ति, र यसकारण कि कदाचित यिनीहरू डराउन् ।’’
A'raf 7:165
१६५) अनि जब तिनीहरूले त्यो कुरा बिर्सिहाले जुन कुरा उनलाई सम्झाइएको थियो, त हामीले उनीहरूलाई त बचाइहाल्यौं जसले नराम्रो कुराबाट रोक्दथे, र अत्याचारीहरूलाई उनको अवज्ञाको कारणले कठोर यातनामा जकडिहाल्यौं ।
A'raf 7:166
१६६) अर्थात जब उनीहरू त्यसमा सीमा उल्लघंन गरे, जुन कुराबाट उनीहरूलाई मनाही गरिएको थियो, त हामीले उनीहरूसित भन्यौं, तिमी अपमानित र तिरस्कृत बाँदर भइहाल ।’’
A'raf 7:167
१६७) र त्यो समय स्मरण गर्नु योग्य छ जबकि तपाईको पालनकर्ताले यो कुरा भन्योः कि उसले यी यहूदीहरूमाथि कियामतसम्म यस्तो व्यक्तिलाई अवश्य नियुक्त गरिराख्ने छ, जसले उनीहरूलाई दुखद् (पीडादायक) सजाय दिई रहनेछ । निःसन्देह तिम्रो पालनहार छिटै सजाय दिइहाल्छ, र निःसन्देह ऊ बडो क्षमाशील, अत्यन्त दयावान छ ।
A'raf 7:168
१६८) र हामीले पृथ्वीमा तिनीहरूलाई विभिन्न वर्गमा विभाजित गरी फिँजाइदियौं । यिनीमध्ये केही राम्रो काम गर्नेवाला (नेक) थिए र केही भिन्न प्रकारका, र हामीले दुःख र सुख दुवैबाट तिनीहरूको परीक्षा लिदैं गरें ताकि कदाचित तिनीहरू खराब कामबाट रुकि जाउन् ।
A'raf 7:169
१६९) अनि उनीहरूपछि यस्ता मानिसहरू उनीहरूको ठाउँ ओगटे (उत्तराधिकारी भए), जो किताबका वारिस भई यस संसारको सम्पत्ति लिन्छन्, र भन्छन्ः ‘‘हामीलाई अवश्य क्षमा गरिने छ ।’’ र यदि यस्तै अरु सम्पत्तिहरू पनि उनको पासमा आउँछन् भने त्यसलाई पनि लिइहाल्नेछन् । के उनीहरूसित यस किताबको यो वाचा लिएको थिएन कि अल्लाहको बारेमा सत्य बाहेक अरु केही नभनुन्, र उनीहरूले यस किताबमा जे छ त्यसलाई पढिसकेका छन् । र आखिरतको घर उनीहरूकै निम्ति उत्तम छ, जो असल काम गर्दछन्, त के तिमी बुझ्दैनौं ?
A'raf 7:170
१७०) जुन मानिसहरूले किताबलाई दृढतापूर्वक समातेका छन्, र नियमित रूपमा नमाज पढिराखेका छन्, हामीले यस्ता आफूलाई सुधार्ने सदाचारीहरूको प्रतिफल (पुण्य) नष्ट गर्दैनौं ।
A'raf 7:171
१७१) र स्मरण गर जब हामीले उनीहरूमाथि पहाड ठड्यायौं मानो त्यो तिनीहरूमाथि छायाँ (शामियाना) थियो र उनीहरूले ठाने कि त्यो उनीहरूमाथि अब खस्न गइराखेको छ । र भन्यौं कि जुन किताब हामीले तिमीलाई दिएका छौं, त्यसलाई दृढतापूर्वक स्वीकार गर र यसमा जुन निर्देशनहरू छन् त्यसलाई यादराख, तिनीहरूबाट यो अपेक्षा छ कि तिमी असल (मुत्तकी) बन्न सक्दछौ ।
A'raf 7:172
१७२) र जब तपाईको पालनकर्ताले आदमको सन्तानको ढाडबाट उनको सन्तति सृष्टि गर्यो, र उनीहरूलाई स्वयं उनकै लागि स्वीकारोक्ति लियो कि ‘‘के म तिम्रो पालनकर्ता होइन ?’’ उनीहरूले भनेः ‘‘हो, हामी सबै साक्षी छौं ।’’ यस्तो यसकारणले गर्यौं ताकि तिनीहरूले कियामतको दिन यो नभनुन, कि ‘‘हामीलाई यसको ज्ञान नै थिएन ।’’
A'raf 7:173
१७३) वा यो भन कि ‘‘अघि शिर्क हाम्रा पूर्वजले गरे । हामी त उनीपछि उनका सन्तति भयौं ।’’ त के तिमीले हामीलाई मिथ्याचारीहरूले गरेको क्रियाकलापको लागि विनष्ट गर्नेछौ ।
A'raf 7:174
१७४) हामी यसैप्रकार आयातलाई स्पष्ट बर्णन गर्छौं, ताकि यिनीहरू हामीतिर फर्कुन् ।
A'raf 7:175
१७५) र तिनीहरूलाई त्यस मानिसको खबर सुनाइदिनुस् कि जसलाई हामीले आफ्नो आयत प्रदान गर्यौं तर ऊ त्यसबाट पूर्णतः निष्कासित भइहाल्यो, अनि शैतान उसको पछि लाग्यो । अन्ततः ऊ पथभ्रष्टहरूमा शामेल भइहाल्यो ।
A'raf 7:176
१७६) र यदि हामीले चाहेको भए यी आयातबाट उसलाई उच्च दर्जा प्रदान गथ्र्यौं, तर त्यो त पृथ्वीतिर प्रवृत्त भयो, र आफ्नो निकृष्ट इच्छापूर्ति पछि लाग्यो, तसर्थ उसको उदाहरण कुकुर जस्तो हुन गयो कि यदि तिमीले उसलार्इ हप्काए पनि त्यसले जिब्रो निकाली हाँप्ने गर्छ वा त्यसलार्इ छाडिदिनुस् तैपनि त्यस्तै गरिरहन्छ । यही उदाहरण ती मानिसहरूको छ, जसले हाम्रा आयतहरूलाई झूठा भने । तसर्थ तपाईले यो वृत्तान्त बर्णन गरिदिनुस् शायद उनीहरूले सोचविचार गर्न सकुन् ।
A'raf 7:177
१७७) उनीहरूको उदाहरण पनि नराम्रो छ, जसले हाम्रा आयतहरूलाई (श्लोकहरूर्लाइ) झूठो ठान्दछन् र तिनीहरू आफ्नो नोक्सानी नै गर्दछन् ।
A'raf 7:178
१७८) जसलाई अल्लाहले (असल) मार्ग देखाउँछ, त्यही सोझो मार्ग पाउनेवाला हुन्छ, र जसलाई उसले मार्गबाट बिचलित गर्दछ, तिनै घाटामा पर्नेवाला हुन्छन् ।
A'raf 7:179
१७९) र हामीले यस्ता धेरै जिन्न (दानव) र मानिसहरू नर्कको निम्ति सृष्टि गरेका छौं, तिनीहरूको हृदय छन् तर त्यसबाट बुझ्दैनन्, र तिनीहरूको आँखा छन्, तर त्यसबाट देख्दैनन्, र उनीहरूको कान छन्, जसबाट सुन्दैनन् । यी मानिसहरू पशु समान छन् बरु त्यसभन्दा पनि बढी (पथभ्रष्ट) छन्, यिनीहरू नै अचेत छन् ।
A'raf 7:180
१८०) र राम्रा–राम्रा नाम अल्लाहकै लागि हुन् । यसर्थ ती नामहरूद्वारा नै उसलाई पुकार र यस्ता मानिससित सम्बन्ध पनि नराख जो उसको नामको सम्बन्धमा कुटिलता गर्छन् । यिनीहरू यसको निम्ति अवश्य नै दण्ड पाउनेछन् ।
A'raf 7:181
१८१) हामीले सृष्टि गरेका प्राणीहरूमध्ये एउटा यस्तो समूह पनि छ, जसले सत्य अनुसार मार्ग देखाउँछ र त्यसै बमोजिम न्याय पनि गर्दछ ।
A'raf 7:182
१८२) र जसले हाम्रा आयतहरूलाई झूठो ठान्दछन्, हामीले उनीहरूलाई क्रमशः आफ्नो पकडमा लिइराखेका छौं । यस्तो तरीकाबाट जुन उनीहरू जान्दैनन् ।
A'raf 7:183
१८३) (म त) उनीहरूलाई छूट दिइराखेको छु । निश्चय नै मेरो योजना अत्यन्त सुदृढ छ ।
A'raf 7:184
१८४) के उनीहरूले यस कुराको विचार गरेनन् कि उनको साथीलाई उन्माद छैन । उनी त मात्र एउटा स्पष्टरूपले सचेत गराउनेवाला हुन् ।
A'raf 7:185
१८५) र के उनीहरूले विचार पुर्याएनन् आकाश र धर्तीको राज्यमा, जुन कुरो अल्लाहले सृष्टि गरेको छ, र यस कुरोमाथि पनि कि सम्भव छ उनको (मृत्युको) अवधि नजिक आइपुगेको छ । फेरि कुरआन पश्चात कुन कुरोमाथि यिनीहरूले ईमान ल्याउनेछन् ।
A'raf 7:186
१८६) जसलाई अल्लाहले विचलित गर्दछ, उसलाई कसैले सही बाटोमा ल्याउन सक्दैन, र अल्लाहले उनीहरूलाई मार्ग विचलनमा छाडिदिन्छन् ।
A'raf 7:187
१८७) यिनीहरूले तपाईसित कियामतको सम्बन्धमा प्रश्न गर्दछन्ः कि ‘‘यो कहिले आउनेछ’’ ? तपाई भनिदिनुस्ः कि ‘‘यसको ज्ञान मात्र मेरो पालनकर्तासँग छ’’ । अतः अल्लाह बाहेक अरु कसैले त्यसलाई त्यसको समय प्रकटगर्न सक्दैन । त्यो आकाश र धर्तीमा अत्यन्त ठूलो (घटना) हुनेछ र त्यो एक्कासी तिमीमाथि आइलाग्नेछ । उनीहरू तपाईसित यस प्रकार सोध्छन् जस्तो कि त्यसको बारेमा तपाईलाई राम्ररी थाहा छ । भनिदिनुस्ः यसको ज्ञान खास अल्लाहसित नै छ, तर यो कुरा धेरैले बुझ्दैनन् ।
A'raf 7:188
१८८) भनिदिनुस्ः मसंग आफ्नो निम्ति पनि कुनै लाभको अधिकार छैन, र न कुनै हानिको, तर त्यति मात्र जति अल्लाहले चाहेको हुन्छ, र यदि म अदृश्यको कुरा जान्ने भए, मैले धेरै नाफा प्राप्त गरिहाल्थें र मलाई कुनै नोक्सानी हुने थिएन । म त मात्र सचेत गराउने र शुभसमाचार दिनेवाला हूँ, त्यस्ता मानिसहरूलाई जसले ईमान ल्याएका छन् ।
A'raf 7:189
१८९) त्यो अल्लाह नै हो, जसले तिमीलाई एउटै शरीरबाट सृष्टि गर्यो र त्यसैबाट उसको जोडी बनायो ताकि आफ्नो जोडीबाट शान्ति प्राप्त गर्न सकोस् । अनि जब लोग्नेले स्वास्नीसित सम्पर्क गर्यो त त्यसलाई हलुका गर्भ रह्यो । यसर्थ तिनले त्यसलाई लिई हिंडडुल गरिरहिन् । अनि जब तिनी गह्रुँगो भइन् तब लोग्ने स्वास्नी दुवैले अल्लाहसित जो उनको पालनकर्ता हो, प्रार्थना गर्न थाले कि यदि तिमीले हामीलाई पूर्ण स्वस्थ्य बच्चा दियौ भने निश्चय नै हामी तिमी प्रति ठुलो कृतज्ञता प्रकट गर्नेछौं ।
A'raf 7:190
१९०) तसर्थ अल्लाहले जब दुबैलाई पूर्ण स्वस्थ बच्चा दियो त ती दुवैले अल्लाहबाट प्रदान गरिएको कुरामा त्यसको साझेदार निर्धारित गर्नथाले । किन्तु अल्लाह पवित्र छ उनको शिर्क (साझेदारी) बाट ।
A'raf 7:191
१९१) के तिनीहरू त्यस्तालाई साझेदार ठहराउँछन्, जो कुनै कुराको सृष्टि गर्न सक्दैनन्, र स्वयं नै सृष्टि गरिएका हुन् ।
A'raf 7:192
१९२) र तिनीहरूले उनीहरूलाई कुनै प्रकारको सहायता गर्न सक्दैनन् र आफूलाई पनि सहायता गर्न सक्दैनन् ।
A'raf 7:193
१९३) र यदि तिमीले यिनीहरूलाई कुनै कुरा बताउन पुकार्छौ भने तिनीले भनेको मान्दैनन् । तिम्रो निम्ति दुवै कुरा समान छन् चाहे तिमीले बोलाऊ वा चुप लाग ।
A'raf 7:194
१९४) वास्तवमा तिमीले अल्लाहलाई छाडेर जसलाई पुकार्दछौ, तिनीहरू तिमी जस्तै बन्दा (उपासक) हुन् । तसर्थ तिमी साँचो हौ भने तिमीले तिनीहरूलाई पुकार ताकि तिनीहरूले तिमीले चाहेको कुरा पूरा गरिदेउन् ।
A'raf 7:195
१९५) के उनका खुट्टा छन् जसबाट हिंडछन् वा हात छन् जसबाट कुनै कुरा समात्दछन् वा आँखा छन् जसबाट देख्छन् वा उनको कान छन् जसबाट सुनिराखेका छन् । तपाई भनिदिनुस् कि आफ्ना सबै सहभागीहरूलाई पुकार र मेरो नोक्सानी गर्ने उपाय गर यस प्रकार कि मलाई अलि कति पनि मोहलत नमिलोस् ।
A'raf 7:196
१९६) निश्चय नै मेरो सहायक अल्लाह नै हो, जसले यो किताब उतारेको छ, र त्यसैले सदाचारीहरूको सहायता गर्दछ ।
A'raf 7:197
१९७) तिमीहरूले अल्लाहलाई छाडेर जस जसलाई पूजा गर्दछौ, त्यसले तिम्रो कुनै सहायता गर्न सक्दैनन् र न आफ्नै सहायता गर्न सक्छन् ।
A'raf 7:198
१९८) र यदि उनलाई सोझो मार्गतिर बोलाउनुहुन्छ भने तिनीहरूले सुन्ने छैनन् । र तिनीहरूलाई तपाईले यसरी देख्नुहुन्छ जस्तो कि उनीहरूले तपाईलाई देखिराखेका छन्, जबकि तिनीहरूले केही पनि देख्दैनन् ।
A'raf 7:199
१९९) तपाई क्षमाको नीति अपनाउनुस्, र असल कामको उपदेश दिदै गर्नुस् र अज्ञानीहरूबाट टाढा बस्नुस् ।
A'raf 7:200
२००) र यदि तपाईलाई शैतानतिरबाट कुनै असमंजस आउँछ भने अल्लाहसित शरण माँग्ने गर्नुस् । निश्चय नै ऊ सबै कुरा सुन्दछ र जान्दछ ।
A'raf 7:201
२०१) निश्चय नै अल्लाहसित डराउनेहरूलाई जब कुनै खतराको संकेत आउँछ तब उनी जिक्र गर्न थाल्छन्, तसर्थ एक्कासी उनका आँखाहरू खुलिहाल्छन् ।
A'raf 7:202
२०२) र जो शैतानका मातहतमा छन्, तिनहिरूले उनीहरूलाई कुमार्गतिर तानेर लग्छन्, अनि त्यसमा कुनै कसर बाँकी राख्दैनन् ।
A'raf 7:203
२०३) जब तपाईले कुनै चमत्कार उनीहरू समक्ष ल्याउनुहुन्न तब उनीहरूले भन्छन्ः कि ‘‘तपाईले स्वयं यो चमत्कार किन ल्याउनु भएन’’ ? तपाईले भनिदिनुस्ः कि म त त्यही कुराको पालना गर्दछु जुन आदेश मेरो पालनकर्ताले पठाएको छ । यी तपाईको पालनकर्ताको तर्फबाट प्रमाण हुन्, र ईमानवालाहरूको लागि मार्गदर्शन र दया हो ।
A'raf 7:204
२०४) र जब कुरआन पढिन्छ तब त्यतातिर ध्यान दिएर सुन, र चुप लागेर बस, ताकि तिमीमाथि दया गरियोस् ।
A'raf 7:205
२०५) र हे नबी ! आफ्नो पालनकर्तालाई आफ्नो मनमा बिहान बेलुका विनम्रतापूर्वक, डर मान्दै मसिनो आवाजमा स्मरण गर्दैगर र बेवास्ता गर्नेहरूमध्येको नहोऊ ।
A'raf 7:206
२०६) निःसन्देह जो तिम्रो पालनकर्ताको समीपमा छन्, तिनीहरू उसको उपासनाबाट अभिमान गर्दैनन्, तिनीहरू त उसको महीमागान गर्दछन् र उसैलाई ढोग्दछन् ।
Enfal 8:1
१) यिनीहरू तपाईसित धर्मयुद्धमा प्राप्त जितिएका धनको विषयमा सोध्छन्, तपाईले भनिदिनुस्ः यी युद्धमा प्राप्त भएको धन अल्लाह र रसूलका हुन् । अतः अल्लाहसित डराऊ र आफ्ना सम्बन्धहरू सुमधुर राख र अल्लाह र उसको रसूलको आज्ञापालन गर, यदि तिमी ईमानवाला हौ भने ।
Enfal 8:2
२) ईमानवालाहरू ती नै हुन कि जब अल्लाहको वर्णन हुन्छ त उनका हृदय काम्छन्, । र जब उनको अगाडि अल्लाहका आयतहरू पढेर सुनाइन्छन् त तिनीहरूको ईमानमा झन् बृद्धि भइहाल्छ, र तिनीहरू आफ्नो पालनकर्तामा भरोसा गर्दछन् ।
Enfal 8:3
३) यिनीहरू ती मानिस हुन् जो नमाजलाई कायम गर्दछन्, र हामीले उनीहरूलाई जे–जति दिएका छौं, त्यसबाट (राम्रो कामको लागि) खर्च गर्छन् ।
Enfal 8:4
४) सच्चा ईमानवाला यी मानिसहरू हुन्, यिनका निम्ति यिनका पालनकर्ताकहाँ गौरवपूर्ण स्थानहरू छन् र मुक्ति र सम्मानित जीविका छ ।
Enfal 8:5
५) (यो त्यस्तै) जस्तो कि तपाईको पालनकर्ताले तपाईको घरबाट हककोसाथ विदा गर्यो, किन्तु इमानवालाहरूमध्ये एक समूहलाई यो अप्रिय लाग्यो ।
Enfal 8:6
६) उनीहरूले सत्यको बिषयमा त्यो स्पष्ट भइसकेपछि तपाईसँग यसरी झगडा गरिराखेका थिए कि मानो तिनीहरूलार्इ मृत्युतिर धकेलिंदै छ र उनीहरू यसलार्इ आँखाले देखिरहेका छन् ।
Enfal 8:7
७) र तिमीहरू त्यस समयलाई यादगर जब अल्लाह तिमीसित वाचा गरिराखेको थियो कि दुई समुहहरूमध्ये एउटा तिम्रो हाथमा आउनेछ र तिमी चाहन्थ्यौं कि निःशस्त्र समूह तिम्रो हातमा आओस् । र अल्लाह यो चाहन्थ्यो कि आफ्नो आदेशको सत्यता प्रमाणित गरोस् र ती इन्कार गर्नेहरूको जरा काटिदेओस् ।
Enfal 8:8
८) जसबाट सत्यलाई सत्य गरेर देखाओस् र असत्यलाई असत्य गरेर, चाहे अपराधिहरूलाई जति नै अप्रिय किन नलागोस् ।
Enfal 8:9
९) त्यो समय यादगर जब तिमीले आफ्नो पालनकर्तासित विन्ती गरिराखेका थियौ, अनि महान अल्लाहले तिम्रो पुकार सुनिहाल्यो । (उसले भन्यो) म तिमीलाई एक हजार फरिश्ताहरूबाट मद्दत गर्नेछु जो लगातार आउँदै गर्नेछन् ।
Enfal 8:10
१०) र महान अल्लाहले यो सहायता मात्र यस कारणले गर्यो, कि यो एउटा शुभसन्देश होस् र यसबाट तिम्रा हृदयहरूलाई सन्तुष्टि होस्, सहायता मात्र अल्लाहबाट नै हुन्छ, जो अल्लाह अधिपत्यशाली तत्वदर्शी छ ।
Enfal 8:11
११) त्यस समयलाई स्मरण गर, जब उसले आफ्नो तर्फबाट शान्तिका लागि तिमीलाई निद्रा प्रदान गरिरहेको थियो, र तिमीमाथि आकाशबाट पानी बर्षाइराखेको थियो, ताकि त्यस पानीबाट तिमीलाई पवित्र गरोस् र शैतानी अपवित्रतालाई तिमीबाट टाढा राखोस्, र तिम्रा हृदयहरूलाई मजबूत बनाओस् र तिम्रा पाइलाहरूलाई सुदृढ गरोस् ।
Enfal 8:12
१२) त्यो समयलाई यादगर जबकि तपाईको पालनकर्ताले फरिश्ताहरूलाई भनिराखेको थियो ‘‘कि म तिम्रो साथमा छु । अतः तिमीले ईमानवालाहरूलाई हिम्मत बढाउँदै गर । म इन्कार गर्नेवालाहरूको हृदयमा भय उत्पन्न गराइदिन्छु । तसर्थ तिमी गर्दनमा प्रहार गर र उनका औंलाहरूको टुप्पोमा (गाँठोमा) चोट पुर्याऊ ।
Enfal 8:13
१३) यो यस कुराको सजाय हो कि उनीहरूले अल्लाह र उसको रसूलको विरोध गरे, र जसले अल्लाहको र उसको रसूलको विरोध गर्दछ, त्यसलाई अल्लाहले निःसन्देह कठोर सजाय दिनेवाला छ ।
Enfal 8:14
१४) तसर्थ यो सजाय चाख, र जानिराख कि काफिरहरूको निम्ति नर्कको यातना निर्धारित नै छ ।
Enfal 8:15
१५) ईमानवालाहरू हो ! जब काफिरहरूसित तिम्रो मुकाबिला होस् त तिमी पिठ्युँ नफर्काऊ ।
Enfal 8:16
१६) र जुन ब्यक्तिले तिनीहरूबाट यस अवसरमा पिठ्यु फर्काउनेछ,– तर यदि उसले युद्धचालको रूपमा वा अर्को टुकडीसँग शरण लिन आउँछ– त्यो अर्कै कुरा हो । बाँकी अरु जसले यस्तो गर्नेछ, त्यो अल्लाहको क्रोधमा पर्नेछ । र त्यसको बासस्थान नर्क हुनेछ र त्यो साह्रै नराम्रो ठाउँ हो ।
Enfal 8:17
१७) त तिमीले तिनीहरूलाई मारेनौ, बरू अल्लाहले नै तिनीहरूलाई मार्यो र तपाईले माटोको डल्लो फ्याँक्नु भएन बरु त्यो महान अल्लाहले फ्याँक्यो, र यस कारण कि मुसलमानहरूलाई आफ्नो तर्फबाट उनीहरूको परिश्रमको राम्रो प्रतिफल देओस् । निःसन्देह अल्लाह धेरै सुन्नेवाला, धेरै जान्नेवाला छ ।
Enfal 8:18
१८) एउटा कुरा त यो भयो र (दोस्रो कुरा यो छ कि) महान अल्लाहले काफिरहरूको योजनालाई कमजोर गर्नु थियो ।
Enfal 8:19
१९) यदि तिमीहरू फैसला चाहन्छौ भने त्यो फैसला तिम्रो सामु मौजूदछ, र यदि यसबाट पन्छिनेछौ भने यो साह्रै राम्रो छ, र यदि तिमीले फेरि त्यही काम गर्नेछौ भने हामीले पनि फेरि त्यही काम गर्नेछौं, र तिम्रो जत्था (सम्प्रदाय) तिम्रो कुनै काम लाग्नेछैन, चाहे जति नै अधिक किन नहोस्, र सत्य कुरो यो छ कि अल्लाह ईमानवालाहरूको साथमा छ ।
Enfal 8:20
२०) हे ईमानवालाहरू ! अल्लाहको र उसको रसूलको आदेश मान र त्यसबाट विमुख नहोऊ जबकि तिमी सुनी जानी राखेका छौ ।
Enfal 8:21
२१) र तिमी उनीहरू जस्तो नहुनु जसले दावी गर्दछन् कि हामीले सुनें जबकि उनीहरू सुन्दैनन् ।
Enfal 8:22
२२) अल्लाहको दृष्टिमा त निकृष्ट प्राणी ती हुन जो बहिरा लाटा हुन्, जसले केहि पनि बुझ्दैनन् ।
Enfal 8:23
२३) यदि अल्लाहले उनीहरूमा कुनै गुण देखेको भए अवश्य नै उनीहरूलाई सुन्ने सौभाग्य प्रदान गथ्र्यो र यदि उसले उनीहरूलाई अहिले सुनाउँछ भने उनीहरू तर्केर विमुख भइहाल्थे ।
Enfal 8:24
२४) हे ईमानवालाहरू ! तिमी अल्लाह र रसूलको आदेश मान, जबकि रसूलले तिमीलाई त्यस कुरातिर बोलाउन्छन्, जसले तिमीलाई जीवन प्रदान गर्नेछ र जानिराख कि अल्लाह मानिस र उसको हृदयको बीचमा आड बन्ने गर्दछ । र निःसन्देह तिमी सबै अल्लाहकै पासमा एकत्रित हुनेछौ ।
Enfal 8:25
२५) र तिमी त्यस विपत्तिबाट बच, जसले कि आफ्नो चपेटामा विशेषरूपले अत्याचारीहरूलाई मात्र लिने छैन, जानिराख कि अल्लाह कठोर दण्ड दिनेवाला छ ।
Enfal 8:26
२६) र त्यस अवस्थाको स्मरण गर जब तिमी थोरै थियौ, धर्तीमा निर्बल थियौ, भयभीत अवस्थामा रहन्थ्यौ कि अरुले तिमीहरूलाई कहीं नष्ट नगरिहालुन् अनि अल्लाहले तिमीलाई शरण दियो र आफ्नो सहायताले तिमीलाई शक्ति प्रदान गर्यो र राम्रा राम्रा कुराहरू दियो ताकि तिमीले उसको आभार प्रकट गर ।
Enfal 8:27
२७) हे ईमानवालाहरू ! तिमीले जानीबुझी अल्लाह र उसको रसूलको हकको साथमा विश्वासघात नगर्नु र आफूले संरक्षण गरेको कुराहरूमा विश्वासघात नगर ।
Enfal 8:28
२८) र तिमी यस कुरोलाई राम्ररी जानिराख कि तिम्रा धनसम्पत्ति र तिम्रा सन्तानहरू एउटा परीक्षा सामग्री हुन् र यो कुरो पनि जानिराख कि अल्लाहसंग ठुलो प्रतिफल छ ।
Enfal 8:29
२९) हे ईमानवालाहरू ! यदि तिमी अल्लाहसित डर मान्ने गर्छौ भने उसले तिमीलाई एउटा निर्णायक कुरा प्रदान गर्नेछ । र तिम्रा पापहरू समाप्त गर्नेछ र तिमीलाई क्षमा गर्नेछ । अल्लाह बडो अनुग्रहवाला छ ।
Enfal 8:30
३०) र त्यस कुराको पनि चर्चा गर्नुस् जबकि काफिरहरूले तपाई विरुद्ध षडयन्त्र गरिराखेका थिए, ताकि तपाईलाई बन्दी बनाइहालुन्, वा तपाईलाई मारिदिउन् वा तपाईलाई वतनबाट निकाली निर्वासित गराइदिउन् र उनीहरू आफ्ना षडयन्त्र गरिराखेका थिए र अल्लाह आफ्नो योजना कार्यान्वयन गरिराखेको थियो र अल्लाह सबभन्दा बलियो योजनाकार छ ।
Enfal 8:31
३१) र जब उनीहरू सामु हाम्रा आयतहरू पढिन्छन् तब उनीहरू भन्छन्ः कि हामीले सुनिहाल्यौं । यदि हामीले चाह्यौं भने यस्ता कुरा हामीले पनि भन्न सक्छौं, यी त पहिलाका मानिसहरूको तर्फबाट चल्दै आएका अप्रमाणिक कुराहरू हुन् ।
Enfal 8:32
३२) र जब उनीहरूले भने कि हे अल्लाह ! यदि तपाईंको तर्फबाट आएको यो कुरआन सत्य छ भने हामीमाथि आकाशबाट ढुङ्गा बर्साइदेऊ, वा हामीमाथि कुनै कष्टदायक यातना पठाइदेऊ ।
Enfal 8:33
३३) र अल्लाह यस्तो गर्नेछैन कि तपाई उनीहरूको माझमा उपस्थित हुँदा उनीहरूलाई यातना देओस्, र उनीहरूले क्षमायाचना गरिराखेको अवस्थामा अल्लाहले उनीहरूलाई यातनामा ग्रस्त गर्नेछैन ।
Enfal 8:34
३४) र उनीहरूमा के कुरा छ कि उनीहरूलाई अल्लाहले यातना नदेओस, जबकि उनीहरूले ‘‘मस्जिदे हराम’’ (कअ्बा) बाट रोक्दछन् जबकि उनीहरू त्यस मस्जिदको व्यवस्थापक होइनन्? यसको व्यवस्थापक त मात्र मुत्तकीहरू (संयमीहरू) हुन् । तर उनीमध्ये धेरैले बुझ्दैनन् ।
Enfal 8:35
३५) र उनीहरूको नमाज यस घर (कअ्बा) को पासमा सिटी बजाउने र ताली पिट्ने बाहेक अरु केही थिएन । तसर्थ त्यस इन्कारको कारण यस यातनाको स्वाद चाख ।
Enfal 8:36
३६) निश्चय नै इन्कार गर्नेहरूले आफ्नो माल अल्लाहको मार्गबाट रोक्नका लागि खर्च गर्दछन् । उनीहरू त त्यसलाई खर्च गरि नै रहनेछन्, अनि यही उनको निम्ति पश्चाताप बन्नेछ । अनि उनीहरू पराजित हुनेछन् र इन्कार गर्नेहरू नर्कतिर एकत्रित गरिनेछन् ।
Enfal 8:37
३७) ताकि अल्लाह पवित्रलाई अपवित्रबाट अलग गरोस् र अपवित्रलाई एक–अर्कासंग मिलाइदेओस्, जसबाट ती सबैलाई एकै ठाउँमा जम्मा गरी नर्कमा हालिदेओस् । यिनिहरू नै पुरै घाटामा छन् ।
Enfal 8:38
३८) तपाईले यी काफिरहरूसित भनिदिनुस् कि यदि उनीहरूले (आफ्नो क्रियाकलाप) त्यागीदिन्छन् भने उनीहरूका पहिलाका पापहरू क्षमा गरिदिइनेछ, र यदि उनीहरू फेरि त्यही गर्नेछन् भने पूर्ववर्ती काफिरहरूको सम्बन्धमा कानून लागू भइसकेको छ ।
Enfal 8:39
३९) र उनीहरूसित यस हदसम्म युद्ध गर, कि तिनीहरूमा फितना(लडाईको कारण) बाँकी नरहोस् र धर्म अल्लाहकै भइहालोस् । अनि यदि उनीहरू आफ्नो (क्रियाकलाप) त्याग गर्छन् भने अल्लाहले उनीहरूको कर्म राम्ररी देखिराखेको छ ।
Enfal 8:40
४०) र यदि इन्कार गर्दछन् (पिठ्युँ फर्काउँछन्) भने विश्वास राख कि अल्लाह तिम्रो संरक्षक हो । ऊ धेरै राम्रो संरक्षक हो र धेरै राम्रो सहायक हो ।
Enfal 8:41
४१) जानिराख कि गनीमतको रूपमा जे–जति माल तिमीले प्राप्त गर्दछौ, त्यसको पाँचौ भाग अल्लाहको र रसूलको र नातेदारहरूको र अनाथहरू र निमुखाहरूको र यात्रुहरूको हो, यदि तिमी अल्लाहमाथि र त्यस कुरोमाथि आस्था राख्दछौ, जुन हामीले आफ्नो भक्तमाथि त्यस दिन उतार्यौं, जुन दिन सत्य र असत्यबीच सम्बन्ध–विच्छेदको थियो, जुन दिन दुवै सेनाहरूबीच भिडन्त भयो, र अल्लाहलाई प्रत्येक कुरोमाथि सामर्थवान छ ।
Enfal 8:42
४२) जबकि तिमी नजिकको किनारमा थियौ, र उनीहरू टाढाको किनारमा थिए र काफिला (मानिसहरूको समूह) तिमीभन्दा तल थियो । यदि तिमी आपसमा समय निश्चित गरेको भए, तिमी निश्चित समयमा पुग्दैनथ्यौ । तर अल्लाहले त एक काम गर्नु नै थियो जो निश्चित भइसकेको थियो, ताकि जसलाई नष्ट हुनुछ त्यो स्पष्ट प्रमाण देखेर नै विनष्ट होस् र जसलाई जीवित रहनुछ त्यो स्पष्ट प्रमाण देखेर जीवित रहोस् । निःसन्देह अल्लाह राम्ररी जान्दछ र राम्ररी सुन्दछ ।
Enfal 8:43
४३) जबकि महान अल्लाहले तिमीलाई तिम्रो स्वप्नमा उनीहरूको संख्या कम देखायो, यदि उसले उनीहरूको संख्या धेरै देखाएको भए, तिमी कायर हुन सक्थ्यौ, र त्यस कामको बारेमा आपसमा विवाद गर्न सक्थयौ तर अल्लाहले बचाइहाल्यो, निःसन्देह ऊ हृदयका भेदहरूको पूर्ण ज्ञाता छ ।
Enfal 8:44
४४) त्यस बखत जब तिम्रो परस्पर भिडन्त भयो उसले तिम्रो दृष्टिमा उनीहरूलाई धेरै कम र तिमीलाई उनीहरूको दृष्टिमा कमगरी देखाइराखेको थियो, ताकि अल्लाहले त्यस कामलाई सम्पन्न गरोस् जुन हुनु निश्चित थियो, र सम्पूर्ण काम अल्लाहतिर नै फर्कन्छन् ।
Enfal 8:45
४५) हे इमानवालाहरू ! जब तिम्रो कुनै विरोधी समूहसँग भिडन्त हुन्छ त दृढ रहनु, र अल्लाहलाई धेरै–धेरै स्मरण गर्नु ताकि तिमीलाई सफलता प्राप्त होस् ।
Enfal 8:46
४६) र अल्लाह र उसको रसूलको आज्ञा पालन गर, आपसमा विवाद नगर, अन्यथा कायर बन्नेछौ, र बल कम हुँदै जानेछ, र धैर्य र संयमबाट काम लिनु । निश्चय नै अल्लाह धैर्य गर्नेहरूको साथमा छ ।
Enfal 8:47
४७) र उनीहरू जस्तो नबन जो अट्टेरीपना गर्दै अरु मानिसहरूलाई देखाउनका लागि आफ्नो घरबाट निस्केका थिए, र अल्लाहको मार्गबाट रोक्दथे, र जुन क्रियाकलाप उनीहरूले गरिराखेका छन्, त्यो सबै अल्लाह आफ्नो घेरामा लिनेवाला छ ।
Enfal 8:48
४८) र जब शैतानले उनीहरूको कर्म उनीहरूलाई आकर्षक रूपमा देखाइरहेको थियो र भनिरहेको थियो कि आज मानिसहरूमध्ये कोही पनि तिमीमाथि अधिपत्य जमाउन सक्दैन, र म स्वयं पनि तिम्रो समर्थक हूँ । किन्तु जब दुवै समूह आमुन्ने–सामुन्ने आए तब आफ्नो मुन्टो फर्काएर पछि हट्यो र भन्यो (शैतानले) म तिमीभन्दा भिन्न हूँ । म त्यो देखिराखेको छु जुन तिमीले देखिराखेका छैनौ । म अल्लाहसित डराउँछु र अल्लाह कठोर यातना दिनेवाला छ ।
Enfal 8:49
४९) जबकि कपटिहरूले भनिराखेका थिए र उनीहरू पनि जसका हृदयमा रोग थियो कि उनीहरूलाई त उनीहरूकै धर्मले धोकामा पारिदिएको छ । र जसले पनि अल्लाहमाथि भरोसा गर्छ, त निश्चय नै अल्लाह अत्यन्त शक्तिशाली र तत्वदर्शी छ ।
Enfal 8:50
५०) र काश तिमीले देख्थ्यौ जब फरिश्ताहरूले काफिरहरूको प्राण निकाल्छन् । उनीहरूले तिनीहरूको मुख र पिठ्युँमा प्रहार गर्दछन् (र भन्दछन्ः) तिमी पोलिनुको यातना चाख ।
Enfal 8:51
५१) यो ती क्रियाकलापहरूको कारण हो, जुन कि तिम्रा हातले अगाडि नै पठाइसकेका छन् । निःसन्देह अल्लाह आफ्ना भक्तहरूमाथि अत्याचार गर्नेवाला छैन ।
Enfal 8:52
५२) यिनीहरूको त्यस्तै अवस्था भयो जस्तो कि फिरऔनका मानिसहरू र उनीहरूभन्दा पहिलाका मानिसहरूको भयो । उनीहरूले अल्लाहका आयातहरूलाई इन्कार गरे अनि अल्लाहले उनीहरूलाई उनीहरूका पापको कारण समातिहाल्यो । निःसन्देह अल्लाह शक्तिशाली र कठोर यातना दिनेवाला छ ।
Enfal 8:53
५३) यो यसकारण भयो कि अल्लाह यस्तो छैन कि कुनै कौममाथि कुनै अनुग्रह गरेर, फेरि त्यसलाई बदलिदेओस् जबसम्मकि आफ्नो अवस्थालाई उनीहरूले नबदलुन्, जुन तिनीहरूको आफ्नो थियो, र यो कि अल्लाह सबैकुरा सुन्नेवाला सर्वज्ञ छ ।
Enfal 8:54
५४) (तिनीहरूको दशा) फिरऔनीहरू र उनीभन्दा पहिलेका मानिसहरूको जस्तो भयो । उनीहरूले आफ्नो पालनकर्ताका कुराहरूलाई भूठ्लाए त हामीले उनीहरूलाई उनीहरूकै पापको बदलामा नष्ट गरिहाल्यौ र फिरऔनीहरूलाई डुबाइदियौं, यी सबै अत्याचारी थिए ।
Enfal 8:55
५५) निश्चय नै सबभन्दा नराम्रा प्राणी अल्लाहको दृष्टिमा ती मानिसहरू हुन्, जसले इन्कार गर्दछन् । अनि उनीहरूह ईमान ल्याउँदैनन् ।
Enfal 8:56
५६) जसबाट तपाईले वचन लिनुभयो तैपनि उनीहरू हरेक पटक आफ्नो वचन भङ्ग गरिदिन्छन् र उनीहरू एकदमै संयम गर्दैनन् ।
Enfal 8:57
५७) तसर्थः जहिलेपनि तिमी उनीमाथि युद्धमा नियन्त्रण पाउँछौ, तब उनीहरूमाथि यस्तो प्रहार गर कि उनीहरूको पछिका पनि भागिहालुन्, हुनसक्छ (यसबाट) उनीहरूले शिक्षा ग्रहण गरुन् ।
Enfal 8:58
५८) र यदि तिमीलाई कुनै समुदायसित विश्वासघातको आशंका छ भने तिमी पनि उस्तै किसिमले त्यस्ता मानिसहरूको साथमा भएको सन्धिलाई भङ्ग गरिदेऊ । अल्लाहलाई विश्वासघात गर्नेहरू प्रिय छैनन् ।
Enfal 8:59
५९) काफिरहरूले यो नठानुन् कि उनीहरू उम्के । उनीहरू नियन्त्रणभन्दा बाहिर जान सक्दैनन् ।
Enfal 8:60
६०) तिमी आफ्नो शक्तिले भ्याएसम्म, उनीहरूको मुकाबिलाको निम्ति बल र घोडाहरू तयार राख, ताकि यसद्वारा तिमीहरूले अल्लाहका शत्रुहरू र आफ्ना शत्रुहरू र यिनीहरूका अतिरिक्त अन्य ती मानिसहरूलाई पनि भयभीत पार्न सक्दछौ जसलाई तिमी जान्दैनौ । अल्लाह उनीहरूलाई जान्दछ र अल्लाहको मार्गमा तिमीले जे–जति खर्च गर्नेछौ, त्यो तिमीलाई पूर्णरूपले प्रदान गरिनेछ र तिम्रो हक मारिने छैन ।
Enfal 8:61
६१) यदि उनीहरू सम्झौताको इच्छा गर्दछन् भने तिमी पनि सम्झौताको लागि तयार भइहाल र अल्लाहमाथि भरोसा गर । निःसन्देह ऊ सबैकुरा सुन्नेवाला, जान्नेवाला छ ।
Enfal 8:62
६२) यदि उनीहरू तिमीसित विश्वासघात गर्न चाहन्छन् भने अल्लाह तिमीलाई पर्याप्त छ, उसैले आफ्नो सहायताले र मोमिनहरूबाट तिम्रो समर्थन गरेको छ ।
Enfal 8:63
६३) उनीहरूका हृदयलाई आपसी प्रेमले पनि उसैले जोडेको हो । यदि तिमीले धर्तीमा भएका सबै कुरा खर्च गरेको भएपनि उनका हृदयलाई परस्पर जोड्न सक्दैनथ्यौ तर अल्लाहले नै तिनलाई आपसमा जोडिदियो । निश्चय नै त्यो सर्वशक्तिशाली, तत्वदर्शी छ ।
Enfal 8:64
६४) हे नबी ! तिम्रो लागि र तिम्रा ईमानवाला अनुयायीहरूको लागि अल्लाह नै पर्याप्त छ ।
Enfal 8:65
६५) हे नबी ! ईमानवालाहरूलाई जिहादको निम्ति प्रेरित गर । यदि तिमीमध्ये बीसजना पनि धैर्यवान् छन् भने दुईसय जनामाथि प्रभावी (हावी) हुनेछन् र यदि तिमीमध्ये एक सय हुन्छन् भने उनीहरू एक हजार काफिरहरूमाथि प्रभावी हुनेछन्, किनभने उनीहरू बुद्धिहीन (नासमझ) छन् ।
Enfal 8:66
६६) अब अल्लाहले तिम्रो भार हल्का गर्दछ, उसलाई राम्ररी थाहा छ कि तिमीमा केही कमजोरी छ । तसर्थ यदि तिम्रा एक सयजना संयमी छन् भने उनीहरू दुईसयमाथि प्रभावी रहनेछन् र यदि तिमीमध्ये यस्ता एक हजार जना हुन्छन् भने अल्लाहको आदेशले उनीहरू दुईहजारमाथि प्रभावी रहनेछन् । र अल्लाह धैर्य गर्नेहरूको साथमा छ ।
Enfal 8:67
६७) कुनै नबीको लागि यो उचित छैन कि उसको पासमा कैदी रहुन् जबसम्मकि धर्तीमा ठूलो रक्तपात हुँदैन । तिमी त संसारको धन चाहन्छौ, जबकि अल्लाहको इच्छा आखिरतको छ । र अल्लाह सर्वशक्तिशाली, तत्वदर्शी छ ।
Enfal 8:68
६८) यदि पहिलेदेखि अल्लाहको तर्फबाट यो कुरो लेखिएको नभए, जे–जति तिमीले लिएका छौ, त्यसबापत तिमीलाई कुनै ठूलो यातना (सजाय) हुने थियो ।
Enfal 8:69
६९) तसर्थः जे–जति वैध (हलाल) र पवित्र गनीमत (मालसामान) प्राप्त गरेका छौ, राम्रोसँग खाऊ र पिऊ र अल्लाहसित डराइराख । निश्चय नै अल्लाह बडो क्षमाशील, अत्यन्त दयावान् छ ।
Enfal 8:70
७०) हे नबी ! जुन कैदीहरू तिम्रो कब्जामा छन्, उनीहरूसित भनिदेऊः यदि अल्लाहले तिम्रो हृदयमा असल नीयत देख्नेछ भने, जे–जति तिमीबाट लिइएको छ, त्योभन्दा धेरै (उत्तम) कुरो तिमीलाई प्रदान गर्नेछ, अनि पाप पनि क्षमा गरिदिनेछ । र अल्लाह अत्यन्त क्षमाशील, दयावान् छँदैछ ।
Enfal 8:71
७१) र यदि उनीहरूले तिमीसंग विश्वासघातको धारणा राख्दछन् भने यिनीहरू त यसभन्दा पहिले अल्लाहकै विश्वासघात गरिसकेकाछन्, अन्ततः तिनीहरूलाई (तिम्रो अधीनमा) पक्राउ गराइदिएको छ । अल्लाह सर्वज्ञानी, बडो तत्वदर्शी छ ।
Enfal 8:72
७२) जुन मानिसहरूले ईमान ल्याए र हिजरत(प्रवास) गरे र अल्लाहको मार्गमा आफ्ना जिउ–ज्यान र धन सम्पत्ति लगाएर धर्मयुद्ध गरे र जसले उनीहरूलाई शरण दिए, र सहायता गरे यी सबै परस्परमा एकअर्काका मित्र हुन्, र जसले ईमान त ल्याएछन् तर हिजरत गरेनन्, उनीहरूको तिमीसित मित्रताको कुनै सम्बन्ध छैन, जबसम्म उनीहरू हिजरत गर्दैनन् । किन्तु यदि उनीहरूले धर्मको कुरामा तिमीसित सहायता माँग्छन् भने तिमीलाई अनिवार्य हुन जान्छ कि सहायता गर, मात्र यसबाहेक कि यो सहायता कुनै यस्तो कौमको (समुदायको) मुकाबिलामा छ जोसित तिम्रो कुनै सन्धि छ । र तिमी जे–जति गर्छौ, त्यसलाई अल्लाह राम्ररी देख्दछ ।
Enfal 8:73
७३) र काफिरहरू आपसमा एक–अर्काका मित्र हुन् । यदि तिमीले यस्तो गरेनौ भने मुलुकमा उपद्रव र ठूलो फसाद फैलिने छ ।
Enfal 8:74
७४) र जुन मानिसहरूले ईमान ल्याए र हिजरत गरे र अल्लाहको मार्गमा जेहाद (धर्मयुद्ध) गरे, र जसले शरण दिए र मद्दत पुर्याए, यिनै सच्चा मोमिन् हुन् । उनीहरूका लागि क्षमा र सम्मानित आजीविका छ ।
Enfal 8:75
७५) र जुन मानिसहरूले, यसपछि ईमान ल्याए र हिजरत गरे र तिम्रो साथमा जिहाद गरे, त यिनीहरू पनि तिमीमध्येका हुन् । परन्तु अल्लाहको हुक्ममा हर नातेदार आपसमा एक अर्काभन्दा नजिक छन् । निश्चय नै अल्लाहलाई हरेक कुराको ज्ञान छ ।